रिया को प्यार से चोदा

पढ़िए एक सच्ची प्यार भरी सेक्स कहानी, जिसमें 22 साल के लड़के ने अपनी पहली गर्लफ्रेंड रिया के साथ इंटिमेट पल बिताए। रोमांस, प्यार और जुनून से भरी यह कहानी आपको बांधे रखेगी।

हाय दोस्तों… ये मेरी ज़िंदगी की एक सच्ची कहानी है, जिसे मैं आप सबके साथ शेयर करने जा रहा हूँ। पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूँ। मैं 22 साल का हूँ, मेरी हाइट 5.7 फीट है। अगर कोई लड़की, भाभी या आंटी मेरे साथ इंटिमेटमोमेंट्स शेयर करना चाहती है, तो प्लीज़ मुझे मेल करें। मेल और फेसबुक की डीटेल्स बाद में। ख़ुद की तारीफ़ करना मुझे पसंद नहीं, इसलिए स्मार्ट, हैंडसम जैसी बातें छोड़कर सीधे कहानी पर आता हूँ।

ये मेरी पहली गर्लफ्रेंड रिया की कहानी है, जिसके साथ मैंने पहली बार प्यार भरे पल बिताए। करीब एक साल पहले मैंने उसे पहली बार देखा था। मैं अपनी बाइक से फोन का बिल भरने जा रहा था, और वो अपने कॉलेज से लौट रही थी। एक झलक में ही वो मुझे भा गई। उसकी आँखें, उसकी मुस्कान… मानो दिल में बिजली सी दौड़ गई। उस दिन तो मैं बिल भरकर चला गया, लेकिन उसका चेहरा मेरे दिमाग़ से निकल ही नहीं रहा था।

करीब एक महीने बाद पापा को एक शादी का न्योता मिला, जो उनके दोस्त की छोटी बहन की शादी थी। मैं, पापा और मेरा छोटा भाई शादी में गए। खाना खाकर जब हम बाहर निकले, तो मेरी नज़र फिर उसी लड़की पर पड़ी। वो वहाँ थी, और क्या खूबसूरत लग रही थी! उसका स्लिम फिगर, टाइट ड्रेस में उभरे उसके कर्व्स, और वो बड़े-बड़े boobs… मैं तो बस देखता रह गया। डांस फ्लोर पर माहौल गर्म था, और मैं और मेरा भाई कुर्सियों पर बैठकर मज़े ले रहे थे। तभी मैंने देखा कि वो मेरे बगल वाली सीट पर आकर बैठ गई।

उसे इतने करीब देखकर मैं नर्वस हो गया। दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था, लेकिन मैंने सोचा, यही मौका है। हिम्मत जुटाकर मैंने उससे बात शुरू की। “हाय, तुम्हारा नाम?” मैंने पूछा। उसने पलटकर थोड़ा तीखे अंदाज़ में कहा, “क्यों?” मैंने हकलाते हुए जवाब दिया, “बस, दोस्ती करने का मन है।” उसकी होंठों पर हल्की सी स्माइल आई, और उसने कहा, “माय नेमइज़ रिया, एंड योर?” मैंने अपना नाम बताया, और फिर बातों का सिलसिला शुरू हो गया। कुछ देर बाद मैंने उसका नंबर माँगा, लेकिन तभी उसके पापा उसे बुलाने लगे। वो जल्दी से उठी और अपने पापा के पास चली गई।

थोड़ी देर बाद, जब वो खाना खाकर बाहर निकली, तो उसने मेरी तरफ इशारा करके एक कार्ड फेंका। मैंने उसे उठाया तो देखा, ये उसके पापा का विज़िटिंग कार्ड था, और पीछे उसने अपना फोन नंबर लिखा था। उस रात मेरी नींद उड़ गई। अगले दिन से हमारी मैसेज और कॉल्स की बातें शुरू हुईं। धीरे-धीरे हम करीब आए। मुझे तो वो पहले दिन से ही पसंद थी, और अब उसे भी मैं अच्छा लगने लगा था।

एक दिन मैंने हिम्मत करके उसे प्रपोज़ कर दिया। उसने दो दिन का टाइम माँगा और फोन काट दिया। उन दो दिनों में न उसका कॉल आया, न मैसेज। मैं बेचैन था। तीसरे दिन रात के 2 बजे उसका मैसेज आया, “क्या कर रहे हो?” मैं जाग रहा था। मैंने तुरंत जवाब दिया, “तुम्हारे जवाब का इंतज़ार।” उसने कॉल किया और पूछा, “इतनी रात हो गई, तुम सोए क्यों नहीं?” मैंने कहा, “तीन दिन से नींद नहीं आई, बस तुम्हारा जवाब चाहिए।” वो चुप हो गई, फिर बोली, “तुम मुझसे इतना प्यार क्यों करते हो?” मैंने कहा, “पता नहीं, बस करता हूँ।” फिर मैंने पूछा, “डूयूलवमी?” उसने हल्के से “हाँ” कहा और फोन पर एक kiss दी। उस पल मेरी दुनिया बदल गई।

उसके बाद हम चोरी-छुपे मिलने लगे। करीब तीन महीने ऐसे ही बीते। फिर उसका एग्ज़ाम आया, और एग्ज़ाम के बाद वो 20 दिन के लिए अपनी आंटी के यहाँ गुवाहाटी चली गई। हम फोन पर बात करते, एक-दूसरे को मिस करते। जब वो वापस आई, तो हम अगले दिन मिले। मिलते ही हमने एक-दूसरे को टाइट हग किया और लंबा स्मूच किया। उस दिन बातों-बातों में मैंने उससे इंटिमेट होने की बात छेड़ी। वो थोड़ा सोच में पड़ गई, फिर बोली, “नेक्स्ट वीक मम्मी-पापा एक दिन के लिए बाहर जा रहे हैं।” मैं उस दिन का इंतज़ार करने लगा।

वो दिन जैसे कट ही नहीं रहा था। आख़िरकार वो दिन आया। सुबह 8 बजे रिया ने कॉल किया कि मम्मी-पापा जा चुके हैं। मैं 8:40 तक उसके घर पहुँच गया। मैंने पहले कभी सेक्स नहीं किया था, लेकिन ब्लू फिल्म्स खूब देखी थीं। रिया ने एक सेक्सी शॉर्ट ड्रेस पहनी थी, जिसमें वो क़यामत ढा रही थी। मैंने उसे देखते ही गले लगाया। उसने मेरे होंठों पर kiss शुरू कर दी। हम सोफे पर बैठ गए। रिया मेरी गोद में थी, और हम एक-दूसरे को पागलों की तरह चूम रहे थे। उसके होंठ इतने सॉफ्ट थे कि मैं खो सा गया। करीब आधे घंटे तक हम बस kiss करते रहे।

फिर रिया बोली, “किचन में थोड़ा काम है, चलो।” हम किचन गए, उसने काम निपटाया। फिर वो बोली, “मैं नहाकर आती हूँ, तुम सोफे पर बैठो।” मैंने मज़ाक में कहा, “मैं भी चलता हूँ।” वो हँसी और बोली, “आकर क्या करोगे?” मैंने कहा, “वो तो जाने के बाद पता चलेगा।” हम बाथरूम में थे। मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे टाइट हग किया। फिर धीरे-धीरे उसके होंठों को चूमने लगा। मेरा हाथ उसके boobs पर चला गया। मैंने धीरे-धीरे उन्हें दबाना शुरू किया। उसकी साँसें तेज़ हो गईं। उसने मुझसे कहा, “प्लीज़, ऐसा मत करो,” लेकिन उसकी आँखों में वही चाहत थी जो मेरे दिल में थी।

मैंने उसका टॉप उतारा। उसने पिंक ब्रा पहनी थी, जिसमें उसके boobs और भी सेक्सी लग रहे थे। मैंने ब्रा के ऊपर से ही उन्हें kiss करना शुरू किया। फिर मैंने उसकी ब्रा खोल दी। उसके नंगे boobs मेरे सामने थे। इतने परफेक्ट, इतने सॉफ्ट। मैं खुद को रोक नहीं पाया और उन्हें चूमने, चूसने लगा। रिया को भी मज़ा आ रहा था। उसने मेरे पैंट के ऊपर से मेरे लंड को सहलाना शुरू किया। मेरा लंड तनकर रॉड जैसा हो गया। फिर वो नीचे बैठी और मेरे पैंट से लंड निकालकर चूसने लगी। मैं तो जैसे जन्नत में था। करीब 20 मिनट बाद मेरा पानी निकल गया, और उसने सारा पानी पी लिया।

फिर हम बेडरूम में गए। उसने सिर्फ़ तौलिया लपेटा था। मैंने उसका तौलिया उतारा और उसके पूरे बदन को चूमने लगा। धीरे-धीरे मैंने उसकी टाँगें फैलाईं और उसकी चूत पर kiss किया। उसकी चूत इतनी टेस्टी थी कि मैं उसे चाटता रहा। रिया “आह्ह्ह… हम्म्म… हाँ…” की सिसकारियाँ ले रही थी। करीब 20 मिनट बाद उसका पानी निकला, और मैंने उसे चाट लिया। मेरा लंड फिर से तैयार था। रिया ने इशारा किया, और मैंने एक झटके में आधा लंड उसकी चूत में डाल दिया। वो चीख पड़ी। मैंने उसका मुँह दबाया और धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। थोड़ी देर बाद वो भी मज़े लेने लगी। करीब 30 मिनट तक हमने जमकर सेक्स किया।

वो मेरा पहला सेक्स था, और रिया ने मुझे वो सुख दिया जो मैं कभी नहीं भूल सकता। फिर मैं कुछ देर उसके घर रुका और अपने घर चला गया। दो दिन बाद रिया फिर गुवाहाटी चली गई। वहाँ उसे पता चला कि उसकी शादी फिक्स हो गई है। मैं अकेला रह गया। आज भी मैं अकेला हूँ, और सेक्स की भूख मेरे अंदर बरकरार है। अगर कोई लड़की, भाभी या आंटी इस आग को बुझाना चाहती है, तो मुझे मेल करें।