बारिश में गर्लफ्रेंड की ब्रा उतारकर चोदा

नमस्ते दोस्तों… मेरा नाम साहिल है, मैं दिल्ली में रहता हूँ। मेरी उम्र अभी 24 साल की है और मैं इस फोरम का पढ़ने का शौकीन हूँ। काफी समय से अपनी स्टोरी अपलोड करने का सोच रहा था, लेकिन टाइम नहीं मिल पा रहा था। सॉरी, मैं आपको बोर कर रहा हूँ… जल्दी से स्टोरी पर आता हूँ।

ये सच्ची स्टोरी है मेरी जीएफ रिचा (नाम चेंज्ड) की और मेरी। उस टाइम मैं अपनी ग्रेजुएशन कर रहा था दिल्ली के दयाल सिंह कॉलेज से। मेरे काफी दोस्त थे और पार्टियाँ काफी जोर-शोर से चलती थीं। इसी पार्टी में रिचा नाम की लड़की मिली… जो मेरे ही कॉलेज में थी, लेकिन कभी दिखी नहीं थी। फिर अगले दिन से रिचा दिखना शुरू हुई, हमारी आई कॉन्टैक्ट्स होते रहे। आते-जाते हाय-हैलो होता था, लेकिन उससे ज्यादा नहीं। ऐसे ही पूरा साल बीत गया और एग्जाम्स पास आ गए। मैं कभी पढ़ाई में अच्छा नहीं था क्योंकि हमेशा मस्ती करता रहता था। तो हम सब दोस्तों ने डिसाइड किया कि सब लोग एक दोस्त के घर रुक कर पढ़ाई करेंगे।

लेकिन कॉलेज लाइफ में पढ़ाई होती कहाँ थी… दोस्त के घर रात को पहुँचे तो देखा लड़के-लड़कियाँ मिक्स घर पर मेरा वेट कर रहे थे। वहाँ रिचा भी थी। उस रात को पढ़ाई हुई और मस्ती भी हुई, और दिल ही दिल में रिचा मुझे अच्छी लगने लगी थी। रिचा एक सुंदर लड़की थी, जिसकी हाइट 5’5 होगी और बॉडी अच्छी थी… 34 साइज के बूब्स होंगे और 34 की ही अस… ऑल इन ऑल मस्त लड़की थी। उसकी स्किन इतनी स्मूद और गोरी थी कि देखते ही मन करता था उसे छू लूँ। उसके होंठ गुलाबी और आँखें बड़ी-बड़ी, जो मुझे मदहोश कर देती थीं।

एग्जाम्स पूरे हुए, वेकेशन्स में मिलने का प्लान बना और रिचा मेरे करीब आने लगी। हम चुप-चुप मिलने लगे, कभी मूवी का प्लान, कभी आउटिंग। ऐसा करते-करते हम पास आ चुके थे। एक दिन जोर से बारिश हो रही थी, मैं रिचा के घर गया था कोई नोट्स लेने के लिए। उसके घर में कोई नहीं था, फिर हम बैठ कर टीवी देखने लगे। इसी का मैंने फायदा उठा कर उसके कंधे पर हाथ रखा और धीरे-धीरे उसके गालों पर उँगलियाँ फेरने लगा। वो उसे और मुझे दोनों को अच्छा लग रहा था… उसने आँखें बंद की और मैंने उसके कंधे पर अपने होंठ रख दिए। उसने हल्की सी आह भरी और गर्दन घुमा ली, जिससे उसकी गर्दन पर मेरे होंठ रगड़ गए… और मैंने उसे अपनी बाहों में जकड़ लिया। हम बिना कुछ बोले एक-दूसरे से चिपके रहे, और फिर मैंने प्यार से उसका चेहरा पकड़ कर एक प्यारी सी और छोटी सी उसके लिप्स पर किस की… जिससे उसकी आँखें खुली और एक प्यारी सी स्माइल के साथ उसने खुद मुझे किस किया।

फिर मैंने उसके लोअर लिप को अपने होंठों के बीच दबा कर सक किया और अपने हाथों से धीरे-धीरे उसके गालों और कंधे पर उँगलियाँ फेरता रहा, जिससे वो हॉट होये जा रही थी। फिर अपनी टंग उसके होंठों पर फेरा और वो मचल उठी। तब मैंने उसकी आँखें बंद करके धीरे-धीरे मैं टंग सिर्फ उसके होंठों पर फेर रहा था, रिचा मुँह खोल कर टंग मुँह में लेना की कोशिश कर रही थी, लेकिन उसकी कोशिश वेस्ट रही। अपने हाथों से उसके आर्म्स पर धीरे-धीरे से सहला रहा था, जिससे उसके रोंगटे खड़े हो गए… (उफ्फ दोस्तों, लिखते-लिखते लंड खड़ा हो गया मेरा)। उसकी साँसें तेज हो रही थीं, और मैं महसूस कर रहा था कि उसका बदन गर्म हो रहा है। मैंने धीरे से उसे वहीं लिटा लिया और उसके ऊपर आकर उसके माथे और गालों को चूमता रहा। चूमते हुए उसके गर्दन पर आया और वहाँ छोटी-छोटी बाइट्स दी, जिससे वो बेकाबू हो गई और बालों में उँगलियाँ फेरने लगी।

उसने उस दिन शर्ट पहन रखी थी, तो मैंने सिर्फ ऊपर के 2 बटन खोले और उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही धीरे-धीरे सहला रहा था। फिर शर्ट को थोड़ा सा अलग करके बूब्स के ऊपर अपनी टंग से सर्कल करना शुरू कर दिया, जिससे उसके मुँह से सिसकियाँ निकलने लगीं… फिर उसे हल्का सा उठा कर उसकी शर्ट के बाकी बटन खोल कर शर्ट उतार दी। उसकी शर्म के मारे गाल लाल हो चुके थे और वो इतनी ज्यादा प्यारी लग रही थी कि क्या बताऊँ आपको… उसकी ब्रा में कैद बूब्स को मैं दबा रहा था और उसके गर्दन पर किस और बाइट्स कर रहा था। उसका बदन इतना सॉफ्ट था कि मेरे हाथ फिसल रहे थे, और उसकी खुशबू मुझे पागल कर रही थी।

फिर उसकी आँखें बंद करवाई और उसकी ब्रा खोल दी… उसने अपने हाथों से अपने बूब्स को छुपा लिया, फिर उसकी उँगली को अपने मुँह में ले कर चूस-चूस कर धीरे-धीरे अलग किया… और उसके निपल्स को हल्का सा गीला करके अपने होंठों से उस पर फूँक मारी। उसकी तो जैसे जान ही निकल गई थी उस टाइम… फिर अपने मुँह में उसके निपल को लिया और धीरे से चूसा, जिससे उसके निपल तो मेरे मुँह में बड़ा होता महसूस कर पा रहा था मैं। अपने एक हाथ से उसकी कमर पर हाथ फेर रहा था और दूसरे से उसके होंठों और गालों में अपना हाथ फेर रहा था… एक-एक करके उसके दोनों निपल्स को चूसा और प्यारी-प्यारी चुम्मी दी, और फिर अपनी टंग से उसके बूब्स से लेकर उसके नेवल तक लाइन खींची। फिर उसके नेवल में अपनी टंग डाल कर उसके नेवल में टंग फक करने लगा और अपने दोनों हाथ उसके दोनों बूब्स पर रख कर दबाता रहा… मेरे नेवल को चूमने से वो बेकाबू हो गई और मुझे नीचे करके मेरे ऊपर आ गई। फिर वो भी मेरे स्टाइल से मुझे चूमा, मेरे शर्ट के 2 बटन खोले और मुझे धीरे-धीरे चूमते-चूमते मेरे नेवल तक आ गई… फिर जीन्स का बटन खोल कर उसके ऊपर से मेरे लंड को सहलाने लगी। तब मैंने अपनी आँखें बंद करके सिर्फ उस समय का मजा ले रहा था…

मैंने अपने आप अपनी और उसकी जीन्स भी उतार दी… हम दोनों सिर्फ अंडरवियर में थे। उसका बदन इतना गोरा होगा ये मैं सोचा नहीं था, लेकिन मजा आया उसे सिर्फ पैंटी में देख कर… क्योंकि वो मेरे ऊपर थी, उसने झटके से मेरे लंड को मेरे अंडरवियर के ऊपर से पकड़ा और प्यारी सी आँखों से मुझे देखने लगी। उस टाइम दिल तो कर रहा था उसे अपनी बाहों में भर लूँ, पर थरक के आगे किसकी चलती है… फिर उसने मेरे लंड बाहर निकाला और अपने होंठों में ले लिया… उस टाइम तो मेरी जान निकल गई थी, लगा था कि निकल गया माल… पर कंट्रोल कर ही लिया और उसे अपना काम करने दिया। वो बेचारी 15 मिनट तक लगी रही, फिर थक हार कर कहती “ये ही तुम्हारी तरह नालायक है”… और सेक्स का माहौल मजाक में बदल गया। उसकी इस बात पर उसे गले लगा कर जकड़ लिया।

अब मेरी बारी थी… उसकी पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को चूमा और उसकी थाइज पर अपनी टंग फेरी, और फेरते-फेरते उसकी पैंटी लाइन तक आ गया। अपने दाँतों से उसकी पैंटी को पकड़ कर उतार दी और फिर उसके पैरों की उँगलियों को चूमा, और धीरे-धीरे उसकी चूत तक आ गया… अब तक उसका बुरा हाल हो गया था, तो वो जबरदस्ती मेरे सर को पकड़ कर अपनी चूत में घुसा दिया। मैंने उसकी चूत में अपनी पूरी टंग घुसा दी और जितने ज्यादा अंदर डाल सकता था उतना अंदर डाल दिया… और उसे गोल घुमा रहा था और अंदर-बाहर करता रहा। जब तक उसने अपने आप मुझे रोकने को नहीं बोला, मैं लगा रहा… जब रुकी तो वो शेरनी की तरह मेरे पर चढ़ गई और मेरे लंड को अपनी चूत में ले लिया। ये जान कर मैं हैरान हुआ कि वो वर्जिन नहीं थी… लेकिन उस टाइम मैंने कुछ बोला नहीं… और उसे धीरे-धीरे नीचे से धक्के देने लगा। उसके बूब्स को अपने हाथों में पकड़ कर दबा रहा था और नीचे से धक्के दिए जा रहा था…

फिर उसे अपने ऊपर बैठे रहने दिया और उसकी अस को आगे-पीछे करा, जिससे उसकी और मेरी झाँट के बाल रगड़ें और मेरे लंड उसकी चूत में रगड़ गया… मजा तो बहुत आया और सेक्स का नशा और चढ़ गया… फिर उसे ऊपर बिठा कर थोड़ी देर चोदा और फिर उसे बेड पर लिटा कर उसकी टाँगों के बीच में आ गया… और अपने लंड को पकड़ कर उसकी चूत के रगड़ने लगा, जिससे वो मचल गई और अंदर डालने के लिए बोलने लगी। फिर मैंने अंदर डाला… जैसे-जैसे अंदर जाता रहा उसकी आँखें बंद होती रही और पूरा जाने के बाद उसके मुँह से सिसकी निकलने लगी। उसकी सिसकी सुन कर मजा आया था… फिर अपने झटकों का काम शुरू किया और उसे सहला-सहला कर चोदने लगा।

काफी देर झटकों के बाद याद आया कि साला कंडोम नहीं पहना है… ये बात उसे बताई तो उसने कहा कि जब निकले तो मुँह में डाल देना। तो जैसा उसने कहा मैंने वैसा ही किया… जब निकलने वाला था तब उसके मुँह में सारा माल डाल दिया। लेकिन स्टोरी यहीं खत्म नहीं हुई। उस रात के बाद हमारी मुलाकातें और गर्म हो गईं। अगले दिन हम फिर मिले, इस बार मैंने प्लान किया कि उसे सरप्राइज दूँ। मैंने उसे एक होटल रूम में बुलाया, जहाँ कैंडल्स जल रही थीं और म्यूजिक बज रहा था। वो आई तो मैंने उसे अपनी बाहों में उठा लिया और बेड पर लिटा दिया। इस बार मैंने उसके पूरे बदन को चूमा, उसके हर हिस्से को टंग से चाटा। उसकी चूत इतनी वेट हो गई थी कि मेरी उँगलियाँ आसानी से अंदर-बाहर हो रही थीं। मैंने उसे डॉगी स्टाइल में चोदा, उसके अस को थपथपाते हुए, और वो सिसकियाँ लेती रही। “आह साहिल… और जोर से…” वो चिल्लाती रही। मैंने उसे कई पोजिशन्स में ट्राई किया – मिशनरी, काउगर्ल, स्पूनिंग। हर बार उसका ऑर्गेज्म इतना इंटेंस था कि वो काँप जाती। आखिर में हम दोनों थक कर एक-दूसरे की बाहों में सो गए।

हमारी ये प्रेम कहानी आज भी जारी है, लेकिन वो पहली बार की सेक्सीनेस आज भी याद आती है। अगर आपकी कोई स्टोरी है या कमेंट्स, तो मेल जरूर करें।