सगी मौसी के साथ पहला सेक्स अनुभव

दोस्तो, मैं अनुज माहेश्वरी 20 वर्ष, मैं आज आपको यहां मेरी और मेरी मौसी की एक प्यारी कहानी बताने वाला हूं। मेरी मौसी 43 वर्ष की हैं पर हुस्न से 30 वर्ष की लगती हैं.
मैं अपनी मौसी के यहाँ अक्सर छुट्टियों में और फ्री दिनों में जाया करता हूं। यह बात सच है कि मैंने अभी तक सेक्स तो नहीं किया था और पोर्न वीडियोस और नग्न तस्वीरे छुप के देखा करता था, पर अपनी परिवार की किसी भी महिला को मैंने उस नजर से नहीं देखा था।

यह बात लगभग 10 दिन पहले की है, मैं हमेशा की तरह अपनी मौसी के घर गया। वहां मेरी मौसी, मौसा और मेरी मौसेरी बहन (22 वर्ष) रहते हैं। जब मैं वहाँ पहुँचा तो मौसी ने दरवाजा खोला, मुझे देख कर मौसी हमेशा की तरह खुश हुईं और प्यार से मुझे अंदर बुलाया।
मौसी ने कहा- अनुज बड़े दिनों बाद आया है तू!
मैं बोला- मौसी पढ़ाई में ज़रा भी समय ही नहीं मिला, अब आ गया हूं ना … अब कुछ दिन यहीं रुकूंगा आपके पास।
मौसी- हाँ बेटा, यह तेरा ही तो घर है, आराम से कुछ दिन यहीं रहो हमारे साथ।

मैंने पूछा- और बाकी सब कहाँ हैं? कोई दिख नहीं रहा मौसी, तो मौसी ने बताया कि तुम्हारे मौसा तो ऑफिस के काम से बाहर गए हैं एक हफ्ते के बाद लौटेंगे और तुम्हारी बहन उसकी सहेलियों के साथ पिकनिक गयी है रात तक आ जायेगी। अब तू मुंह हाथ धो कर थोड़ा आराम कर ले।
मैंने हाँ में जवाब देते हुए में वहाँ से उठा और रूम में चला गया।

मैंने रूम में जाकर अपनी टी शर्ट उतारी और जीन्स भी खोल कर मेरे शॉर्ट्स पहन लिए और बाथरूम में फ्रेश होकर वपिस बेड पे ऐसे ही लेट गया।
तभी मौसी आयी और बोली- बेटा मैं नहाने जा रही हूँ, तुम आराम कर लो और कोई आये तो जरा देख लेना।
मैंने कहा- हाँ मौसी, आप नहाओ, मैं ध्यान रख लूंगा।

मौसी नहाने चली गई और मैं वहीं लेटा रहा. पर मुझे थोड़ी देर में पोर्न देखने का मन होने लगा. मैंने सोचा कि घर में तो कोई भी नहीं है और मौसी भी नहा रही है तो मैं आराम से पोर्न देख सकता हूँ और मैं अपने फ़ोन पर पोर्न मूवी देखने लगा।

देखते देखते मेरा 7 इंच का लोडा खड़ा होने लगा और तभी अचानक आवाज आई, मौसी ने मुझे बुलाया. उनके बाथरूम का दरवाजा लॉक नहीं था वो हल्का सा दरवाजा खोल कर मुझे बोली- मैं अपना टॉवल तो ले आयी पर ब्रा पैंटी लाना भूल गयी, वहां सामने बेड पे रखे हैं जरा उठा कर मुझे दे दे।
मैंने बेड से उनके ब्रा पैंटी लिए और मौसी के बाथरूम के दरवाजे के सामने जाकर उनके हाथ में दे ही रह था कि गलती से उनके हाथ से टकराकर दरवाजा थोड़ा ज्यादा खुल गया. उन्होंने मेरे हाथ से ब्रा पैंटी ली और जल्दी से दरवाजा बंद कर लिया।

पर उस एक मिनट में ही मुझे उनके पूरे नंगे बदन का दर्शन हो चुका था। वो एकदम गोरी सी, कितनी प्यारी और उनका गीला बदन तो आग लगा देने वाला था। मेरा लन्ड तो पहले से खड़ा था मौसी (40 36 42 ऐसा होगा शायद) का वो नंगा हॉट रूप देख के लोहे के जैसा कड़क तन गया।
मैं परेशान हो गया और वहाँ से हट गया और बाथरूम से दूर आके उनके बेड पे चुपचाप बैठ गया।

फिर कुछ देर में मौसी ब्रा पैंटी पहन के टॉवल लपेट कर बाहर आयी मैं उनके सामने ही बेड पे बैठा था. वो भी हल्की सी शरमाई और मुस्कुरा के दूसरी ओर देखने लगी. मैं भी थोड़ा डर रहा था और शर्म भी आ रही थी क्योंकि मौसी को नंगी देख लिया था और उनके सामने अभी मेरा लोडा सख्त खड़ा था।

मौसी ने कहा- तू जरा कमरे से बाहर जा, मैं टॉवल हटा के कपड़े पहन लूं, फिर आ जाना।
मैं नहीं उठ रहा था, उठता कैसे … मेरा खड़ा मोटा लन्ड मौसी को साफ दिख जाता।
मौसी ने जोर दिया और बोली- जल्दी जा ना, देख मुझे तैयार होने दे।

उनके इतनी बार कहने पे मुझे खड़े होना पड़ा। जैसे ही मैं उठा, मेरे शॉर्ट्स में से उभरता हुआ मोटा और सख्त लोहे जैसा लंड साफ दिख रहा था जैसे शॉर्ट्स को फाड़ के बाहर आना चाहता हो।
मौसी उसे देखती रही और बोली- तू क्या कर रहा था वैसे रूम में? सच बता?
मैंने डर के जवाब दिया- कुछ नहीं मौसी, मैं तो लेटा था बस।
वो बोली- देख तू क्या सोच रहा है, मुझसे मत छुपाना, सच बोल दे अभी।

मैं उनसे कुछ नहीं बोल पाया और रूम के बाहर भाग के आ गया। मौसी तैयार होने लगीं। मुझे फिर से कुछ अजीब सा लगने लगा मैंने पहले कभी सेक्स नहीं किया था और मौसी का वो नंगा बदन मेरी आँखों में घूमने लगा। मुझसे रहा ना गया और मैं छुपके से मौसी के रूम के दरवाजे से उन्हें कपड़े बदलते देखने लगा।

मैंने कभी अपनी किसी भी परिवार की किसी भी लडक़ी या औरत को नंगा नहीं देखा था और ना ही उनके बारे में सेक्सी फीलिंग आई। पर आज मौसी का पहली बार ये सौदर्य देख के में उनसे प्यार करने लगा था। मेरा लन्ड उनको देख कर उछलने लगा और शॉर्ट्स फाड़ के बाहर आने के लिए मचलने लगा। मैं उन्हें छिप के देख रहा था।

मौसी ने अपना टॉवल हटा दिया था और अब वो सिर्फ ब्रा पैंटी में उनके बेड पे बेठी थी और बाल हेयर ड्रायर से सुखा रही थी। फिर उन्होंने अपनी अलमारी खोली उनके कपड़े निकलने के लिए और उन्हें बेड पे रखा.
जैसे ही मौसी कपड़े पहनने वाली थी, मुझे पता नहीं क्या हुआ … मैं खुद को रोक ना पाया और उनके रूम में घुस गया। मौसी ने मुझे देख और अचानक देख कर डर गई और बोली- तू यहां कैसे? मैंने कहा ना कपड़े पहन कर बुला लूँगी।

मैं कुछ नहीं बोला और उनके पास में आकर खड़ा हो गया, मेरा लोडा भी अभी तक खड़ा था।
मौसी बोली- क्या हुआ तुझे, बोल?
मैं बोला- मौसी, आज आपको नहाते हुए बिना कपड़े देख लिया था, उसके लिए सॉरी।
वो बोली- अरे वो तो कोई बात नहीं, मुझसे गलती से दरवाजा खुल गया था. उसमें तेरी क्या गलती, परेशान मत हो।
और मेरे गाल पे हाथ फेरा।

फिर भी में वहीं उनके पास खड़ा था तो वो बोली- और क्या बोलना है?
मैंने डरते डरते हिम्मत बनाई और मौसी की कमर पे दोनों हाथ रख लिए. मौसी बोली- क्या कर रहा है?
में उनके बिल्कुल पास खिसक गया और धीरे धीरे बोलने लगा- मौसी … वो आपको बिना कपड़े देखा आज!
तो मौसी बोली- हाँ तो?
मैंने कहा- वो … आप बहुत खूबसूरत लगते हो मौसी! और बिना कपड़ों के तो आपका बदन सोने जैसा चमकता है।
वो शर्माने लगी और मुझे दूर करते हुए बोली- तू क्या कहना चाहता है? साफ बोल।

मैंने कहा- मौसी, आपको हमेशा कपड़ों में ही देखा है ना, आज उस रूप में देखा है पहली बार तो दोबारा देखने का बहुत मन हो रहा है, मुझे आपको बिना कपड़े देखना है।
मौसी ने कहा- मैं तेरी मम्मी जैसी हूँ, तू ये क्या बात कर रहा है।
मैं उनका हाथ पकड़ के उनसे प्यार से कहने लगा, ज़िद पे अड़ गया- मुझे नंगी देखना है आपको।
वो भी थोड़ी घबराने सी लगी, शायद वो सोच रही होगी कि अपने बेटे जैसे के साथ ये सब कैसे …

फिर मैंने अपने हाथ से उनके गाल को सहलाया और उन्हें समझाने लगा- मौसी, यह बात हम किसी से नहीं कहेंगे, सिर्फ देखना ही तो है।
मौसी भी मुझे समझा रही थी, वो मान नहीं रही थी।

फिर मौसी ने कहा- मैं कपड़े खोलूँगी पर एक शर्त पर!
मैंने पूछा- क्या शर्त, मौसी बताओ?
मौसी ने कहा- अगर तू भी तेरे सारे कपड़े खोलेगा मेरे सामने … तो ही मैं मेरे कपड़े तेरे सामने खोल सकूँगी।
मैंने कहा- मौसी, मैं आपके सामने कैसे?
मौसी बोली- अब तू क्यों शर्मा रहा है? मैं तेरे सामने कपड़े उतार रही हूँ तो तू भी मेरे सामने उतार!
मैं भी मान गया।

फिर मौसी तो ब्रा पैंटी में ही थी तो उन्होंने अपने ब्रा पैंटी भी उतार लिए, वो मेरे सामने पूरी नंगी एक परी सी सुंदर प्यारी सी और बहुत ही हॉट लग रही थीं। उनके सेक्सी बदन से मेरी नजर नहीं हट रही थी. नंगी मौसी को देख कर मेरा लन्ड और तन के खड़ा हो गया। मैं बस उनके नंगे शरीर को घूर घूर के देख रहा था।

तभी मौसी ने कहा- अब तू भी कपड़े खोल।
मैं टीशर्ट और शॉर्ट्स में था। मैंने अपना टीशर्ट उतारा पर खड़े लन्ड की वजह से मौसी के सामने शॉर्ट्स खोलने की हिम्मत नहीं हो रही थी, थोड़ा अजीब महसूस कर रहा था।
तभी मौसी बोली- तू शॉर्ट्स उतार रहा है या मैं ही खोलू तेरे कपड़े?

मैंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो मौसी ने अपने हाथ से मेरे शॉर्ट्स और चड्डी दोनों एक साथ पकड़ के नीचे खींच दिए एक ही झटके में और मुझे भी नंगा कर दिया।
मौसी को शॉर्ट्स खोलते ही एकदम से साँप के जैसा निकल के आता बड़ा सा दिखा मेरा लन्ड, जो सख्त होने के कारण एकदम कस के बिल्कुल सीधा खड़ा था।
मौसी बोली- अरे, तू तो सो रहा था न, तेरा ये इतना कड़क खड़ा कैसे हो रहा है?

मैंने फिर मौसी को सच बताया- आपको नंगी देख के ये ऐसा हो गया था। आप बहुत ही मस्त लगती हो मौसी … बिना कपड़े कितनी खूबसूरत दिख रही हो। मन कर रहा है एक फोटो ले लूं।
मौसी ने कहा- आज हम दोनों साथ में बिना कपड़ों के हैं ना तो दोनों की एक फोटो ले ले जा।
मैं अपना मोबाइल लाया और दोनों ने कुछ फोटोज लिए।

फिर मैंने दोनों हाथ से मौसी के वो रसीले बूब्स पकड़ लिए।
मौसी बोली- क्या कर रहा है ये?
मैं बोला- मौसी, आपको छूने का बहुत मन है, आपको अच्छे से छू के देखना चाहता हूँ.
मौसी ने मान लिया और करने दिया।

मैं फिर मौसी के बूब्स को सहलाता रहा और मैं देखा कि मौसी ने आंखें बंद कर ली है, उनको अच्छा लगने लगा है। फिर मुझे महसूस हुआ कि मौसी ने हाथ से नीचे मेरा लन्ड पकड़ा हुआ है और वो भी उसको सहला रही हैं। तो मुझे भी मस्त लगने लगा और मैं मौसी के बूब्स को और जोर से दबाने लगा, फिर मौसी के बूब्स पर किस करने लगा.

मौसी ने आँखें खोली और मेरे लन्ड को वो भी जम के हिलाने लगी।
मैंने मौसी के होंठों पे अपने होंठ चिपका लिए और ऐसे ही उनके होंठों को चूमता और चूसता रहा और उनके बूब्स को कस के दबाता रहा। मौसी लगातार मेरा लंड हिला रही थी तो उनके हाथ में मेरा पहला पानी निकल गया।

फिर मौसी और मैं हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए राजी तो हो ही चुके थे तो हमने सेक्स करना शुरू किया।
मौसी ने मुझे कहा- ये सब किसी को कभी भी पता नहीं चलना चाहिए।
मैंने उन्हें भरोसा दिलाया और उनको फिर से किस किया।

फिर मौसी ने मुझे बेड पे लेटने को कहा और बोली- पहले कभी तूने सेक्स किया है?
तो मैंने उन्हें बता दिया कि मैंने आज तक सेक्स नहीं किया।
तो वो बोली- आज तेरा पहला अनुभव मैं बहुत अच्चे से करवाऊँगी।

फिर मैं लेट गया और वो ऊपर आकर मेरे लन्ड को चूमने और चूसने लगी।
कितना मजा आ रहा था उस वक्त … क्या बताऊँ दोस्तो! मौसी ने चूस चूस के मेरा इतना कड़क खड़ा कर दिया और उसे हिलाती रही और मुझे बोली- अब रेडी हो जा।
फिर मौसी मेरे लन्ड पर बैठ गयी, मेरा लन्ड अपनी चूत पे रखा और एक जोरदार दबाव के साथ अपनी चूत में मेरा पूरा लन्ड ले लिया।
बहुत मस्त अहसास था वो।

फिर मौसी मेरे लन्ड पे बैठ के ऊपर नीचे होकर उछल उछलकर मुझसे चुदने लगीं। मैंने दोनों हाथ से उनके बूब्स पकड़े हुए थे और उनकी उछाल के साथ उनके दोनों चूचे जोर से दबा रहा था तो उन्हें और मजा आ रहा था और मुझे भी।

बहुत चोदने के बाद मौसी थक गई और लेट गई. फ़िर मुझे उनके ऊपर चढ़ कर चोदने को कहा, मैंने वैसे ही किया। फिर में उनके ऊपर लेट गया, मेरा लन्ड उन्होंने अपने हाथ से सेट करके चूत में टिका दिया फिर झटके के साथ मैंने फिरसे लन्ड उनकी चूत में डाला और फिर उन्हें आराम से चोदने लगा।
थोड़ी देर के बाद मैंने दोनों हाथ मौसी के बूब्स पे रखे और मौसी को बहुत जोर से चोदने लगा। मौसी के मुंह से भी कुछ आवाजें आ रही थीं- आह … उफ्फ … आह बेटा मजा आ रहा है … और चोद … उम्म्ह… अहह… हय… याह… चोद चोद चोद … मुझे जम के चोद।
वो बहुत मजा ले रही थी।

फिर हम दोनों झड़ गए और एक दूसरे को बांहों में लेकर होंठ से हाथ मिला के चूमते हुए लेटे रहे काफी देर तक।

तभी अचानक दरवाजे की घन्टी बजी, मेरी बहन आ गई थी। मौसी और मैंने जल्दी से कपड़े पहने और मौसी दरवाजा खोलने गयी। फिर हम तीनों ने बैठ के बातें की और रात में साथ में खाना खा लिया।
फिर सोने का टाइम आया।

मौसी ने मेरी बहन से कहा- ये आज मेरे कमरे में सो जाएगा क्योंकि तेरे पापा भी कुछ दिन बाहर गए हैं ना तो कुछ दिन ये यहां रुका है, तब तक मेरे रूम में सो जाया करेगा। बचपन में भी मेरे पास ही सोता था.

फिर दीदी सोने चली गयी उनके रूम में और मैं और मौसी उनके कमरे में आ गए। मौसी ने अपना गाउन खोल कर ब्रा पैंटी उतार दी और वापिस सिर्फ गाउन पहन लिया और मैंने सिर्फ चड्डी पहनी थी।

जब मेरी बहन ठीक से सो गई तो मौसी ने हमारे कमरे की लाइट बन्द कर ली और आकर बेड पर मेरे पास लेट गयी। हम बात करते रहे और थोड़ी देर बाद दोनों एकदम पास में चिपक के लेट गए। मैं मौसी के गाउन पे से ही उनके बूब्स दबाने लगा धीरे धीरे प्यार से!
मेरी चड्डी में लन्ड उभरा हुआ था तो मौसी भी मेरी चड्डी के ऊपर से ही मेरे लन्ड को प्यार से सहलाने लगी। उनके हाथ के स्पर्श से मेरा लन्ड फिर खड़ा हो गया और उन्हें पता चल गया तो मौसी ने मेरी चड्डी से लन्ड को ऊपर से बाहर निकाल लिया और पकड़ के हिलाने लगी। मैं उनके होंठों से चिपक गया और उनके लगातार छोड़े बिना लगातार चूसता रहा उनके होंठ।

अचानक कुछ आवाज आई और मौसी के रूम का दरवाजा खुला तो मौसी ने जल्दी से मेरा लन्ड वापिस चड्डी में डाल दिया और हम दोनों के ऊपर चादर डाल ली।
तभी लाइट जली, वो मेरी बहन थी। अच्छा हुआ उसने हमें उस हालात में नहीं देखा, उसको कुछ पता नहीं चला.
वो मौसी के रूम में पड़ी उसकी कोई चीज लेने आई थी तो मौसी ने उसे देकर वापिस उसके रूम में भेज दिया और इस बार मौसी ने रूम अंदर से लॉक कर दिया।

फिर उन्होंने मेरा लन्ड चड्डी से निकाला और जोर से चूसने लगी और फिर से उस रात हमने 2 बार और चुदाई करी।

उस दिन के बाद मौसी और मेरे सेक्स संबंध बन चुके थे। मैंने 8 दिन लगातार रोज मौसी से सेक्स किया जब तक मैं अभी वहाँ रुका था। फिर मैं अपने घर आ गया और वापिस मौसी के घर रहने जाने का मौके का इन्तजार करने लगा।

आपको मेरी ये 10 दिन पहले की ताजी और सच्ची कहानी केसी लगी कृपया बताएं जरूर। मैं अपनी नई सेक्स घटनाओं को आपसे जरूर शेयर करूँगा। धन्यवाद।