चाची को अब्बू से चुदने के लिए मनाया

फॅमिली Xxx चुदाई कहानी मेरे अब्बू की वासना की है. उनका चक्कर किसी औरत से था जिससे हमारा घर ख़राब हो रहा था. मैंने अपना घर बचाने के लिए चाची को अब्बू से चुदवा दिया.

मेरा नाम जमील है और ये मेरी सच्ची Family Xxx Chudai Kahani है.

मेरे अब्बू एक नंबर के चोदू इंसान थे वो मेरी अम्मी के अलावा बाहर भी संबंध रखा करते थे.

वो मेरी चाची के साथ भी सो चुके थे. अब्बू ने चाची को चोदा था और उनकी कोख से एक लड़की को पैदा कर दिया था.

चाचा के एक एक्सीडेंट में मर जाने मेरी चाची अकेली हो गयी थीं. अब उनको कुछ भी काम होता, तो वो मेरे अब्बू के पास ही आती थीं.

मेरी चाची एक भरे हुए बदन की माल औरत हैं.
मेरे अब्बू को भरे हुए बदन की औरतें बहुत पसंद आती थीं.

वैसे भी चाची अब अकेली थीं और उनके सर पर दो बच्चों की ज़िम्मेदारी थी. उनका एक लड़का और एक लड़की थी.

चाची को ये लड़की अब्बू से ही चुदकर हुई थी. ये मैंने आपको पहले ही बताया तो ये लड़की एक तरीके से अब्बू की बेटी थी.

चाचा के मर जाने के बाद में जब अब्बू ने चाची को चोदना बंद कर दिया था तो चाची ने भी अब्बू के पास चुदने आना बंद कर दिया था.

इस दौरान मेरे अब्बू का चुदक्कड़पन भी बढ़ गया था.
मेरी अम्मी गांव में रहती थीं और अब्बू के लंड में चूत के लिए आग बढ़ने लगी थी.

अब्बू जहां जॉब करते थे, उन्होंने अब वहीं की एक औरत के साथ अपने सेक्स सम्बन्ध चालू कर लिए थे.
इस बात की भनक हम लोगों को लग गयी थी.

वो औरत बहुत बड़ी रांड थी.
अब्बू की तनख्वाह के लगभग सारे पैसे खर्च करवा देती थी.

इससे हम दोनों भाइयों को दिक्कत होने लगी थी.
मैं सोचने लगा था कि क्या किया जाए.

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अब्बू ने अपने ऑफिस वाली उस अनजान औरत के चक्कर में हमारे ऊपर ध्यान देना ही छोड़ दिया था.

अब इस वक्त तक मेरे अब्बू और चाची के बीच कुछ नहीं चल रहा था.
चाची अपने हिस्से में रहती थीं और हम दोनों भाइयों के लिए खाना बनाने आ जाती थीं.

मैंने एक दिन एक बात सोची कि मेरी चाची अब्बू के साथ पहले भी सेक्स कर चुकी थीं और आजकल भी उनको लंड नहीं मिल रहा था तो क्यों न वापिस से अब्बू की उनसे सैटिंग करवा के घर बचाया जाए.
चाची को अब्बू की तरफ मोड़ा जाए.

मुझे एक डर ये भी था कि कहीं वो अनजान औरत अब्बू से बच्चा पैदा करके घर में ही न आ जाए.
इसलिए मैंने अपने आइडिया को जल्द अमल में लाने का सोचा.

एक दिन मैं अपनी चाची को किसी काम के सिलसिले में बाहर ले गया था.
रास्ते मैं मैंने हिम्मत करके चाची से बात की कि वो अब्बू से सैट हो जाएं.

पहले तो वो बोलने लगीं कि कैसी बात कर रहा है.
वो गुस्सा करने लगीं.

पर बाद में मैंने उनसे उनके रिश्ते अब्बू से होने की … और उनसे बेटी पैदा होने की बात पता होने की बात कही तो वो चौंक गईं.
वो पूछने लगीं- तुझे ये सब कैसे मालूम?

तब मैंने कहा- एक दिन मैंने आप दोनों की बात सुन ली थी. तब चाचाजी जिंदा थे. आप अब्बू से चुदवाती थीं और बाद में किसी वजह से आपने इस रिश्ते पर फुल स्टॉप लगा दिया था.
अब चाची कुछ नहीं बोलीं.

बाद मैं मैंने उनको अब्बू के ऑफिस के चक्कर के बारे में बताया और कहा- अगर आप वापिस अब्बू को अपना लो, तो हम चारों भाई बहन की जिंदगी बन जाएगी. इससे आपके बच्चों को भी फायदा होगा.
सारी बात सुनने के बाद वो मान गईं.

अब हमें मौके की तलाश थी.
मैंने चाची को बोल दिया था कि आप कुछ ऐसा करो कि वो उस औरत को भूल जाएं और आपके पीछे पागल हो जाएं.

एक दिन मौका मिल गया.
उस समय हमारा त्यौहार चल रहा था.

हमारे शहर वाले घर में अब्बू और हम दो भाई ही रहते थे.

मम्मी गांव में रहती थीं.
उधर उन्हें खेती किसानी और अब्बू के अब्बू अम्मी की देखभाल करनी पड़ती थी.

इधर मैंने अपनी प्लानिंग की और हम सब बच्चों ने बाहर घूमने जाने का प्लान बना लिया.

अब्बू को घूमने का शौक नहीं था तो उन्होंने मना कर दिया.
चाची भी नहीं आना चाहती थी तो उनको छोड़ कर हम चारों भाई बहन बाहर निकल गए.

मैं जाने से पहले चाची के कमरे में गया और उनको बताया कि आज आपके पास पूरा मौका है. हम दोनों 3-4 बजे से पहले नहीं आने वाले हैं. आप अब्बू को पटा लो.
ये कह कर मैंने उनको सेक्स की गोलियां दे दीं. एक उनको खाने को बोला और दो अब्बू को खिलाने का कह दिया.

मैंने कहा- अब्बू को दूध गर्म करके दो तो उन्हें उसी में मिलाकर गोली खिला देना.
चाची ने मुस्कुरा कर हां बोला और मैं वहां से चला गया.

चाची ने अब्बू के दूध में एक गोली मिला दीं.

अब आगे की कहानी चाची की ज़ुबानी सुनें.

जमील ने जैसा मुझे कहा था, मैंने वैसा किया और उसके अब्बू का दूध मेज पर रख कर आवाज़ लगाई- सुनिए … जमील के अब्बू आपका दूध टेबल पर रखा है. पी लीजिए, वरना ठंडा हो जाएगा.
उन्होंने बोला- हां ठीक है.

जमील के अब्बू को दूध देकर मैं दूसरे कमरे में आ गई और मैंने भी एक गोली ले ली.
अब मैं उनके आने का इन्तजार करने लगी.

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जमील ने अब्बू ने दूध पिया और हॉल में चले गए.
थोड़ी देर बाद गोली ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया.

मुझे भी बेचैनी होने लगी, सेक्स की तड़फ़ जागने लगी.
मैंने सोचा कि उसके अब्बू को भी सेक्स की ठरक चढ़ गई होगी.

मैं अभी ऐसा सोच ही रही थी कि जमील के अब्बू मेरे रूम में आए.
उन्होंने अपने लौड़े के आगे तकिया लगा रखा था.
मैं समझ गईं कि गोली का असर हो गया है.

वो बोले- मुझे बहुत बेचैनी हो रही है, मुझे पानी दो.
मैंने पानी दिया और पूछा- अब कैसा लग रहा है?

वो मेरे पास बैठे और बोले- तुमने दूध में कुछ मिलाया था क्या?
मैंने कहा- कैसी बात कर रहे हो. मैं क्यों कुछ मिलाऊंगी?

तब उन्होंने तकिया हटाया और मुझे अपना लंड दिखाया.
उनका तना हुआ लंड पैंट में से बाहर निकलने को फड़फड़ा रहा था.
वो बोले- ये जाग गया है, अब सहन नहीं हो रहा.

मैंने अपनी हंसी दबाई और कहा- आप बताएं, मैं क्या कर सकती हूँ?
उन्होंने कहा- अब तुम ही मेरी हेल्प कर सकती हो.

मैंने कहा- कैसे?
तो वो बोले- तुम्हें इसको चूसना होगा और मुझे चोदने देना होगा.

मैंने कहा- ये आप कैसी बात कर रहे हो. अब हमारे बीच ऐसा कुछ नहीं है.
तो वो बोले- पहले मेरे भाई की वजह से मुझसे दूर थी, पर अब वो नहीं है, तो तुम्हें किस बात का डर है.

ऐसा बोलकर उन्होंने पैंट उतार दी और अंडरवियर नीचे कर दी.
वो बोले- सकीना मेरी जान, अब मुझसे सहन नहीं होता. मुझे चोद लेने दे.

ऐसा कहकर जमील के अब्बू मेरे ऊपर चढ़ गए.
मैं भी उनका तना हुआ लंड देख कर मस्त हो गयी और मैंने उनका लंड मुँह में ले लिया.

उनका लंड मेरे गले तक जा रहा था.
बड़ा सख्त लंड था, मेरी जान जा रही थी ऐसा लग रहा था.

बाद में उन्होंने मुझे नंगी कर दिया और मेरी चूत को चाटने लगे.
मैं गर्म तो पहले से ही थी, उनके चूत चाटने से तो आग ही लग गई.

कुछ देर बाद उन्होंने मेरी चूत पर लंड रखा और मुझे पेलना शुरू कर दिया.
मुझे चुदे हुए काफ़ी दिन हो चुके थे तो दर्द हो रहा था.
मेरी आवाज़ से रूम गूँज रहा था.

उन्होंने रिमोट से टीवी चला दी और वॉल्यूम तेज कर दिया ताकि मेरी आवाज़ कोई सुन न ले.

अब वो मेरी चूत में अपना मोटा सख्त लंड पेलने लगे और मेरे दूध चूसने लगे.
मुझे भी चुदवाने में मजा आने लगा और मैं भी मस्ती से अपनी चूत की सर्विसिंग करवाने लगी.

बाद में उन्होंने मुझे अपने ऊपर लेकर चोदा और फिर लंड निकाल कर बोले- अब घोड़ी बन जाओ, पीछे की लूंगा.

मैं समझ गयी कि वो मेरी गांड मारने वाले हैं.
मुझे पता था कि उन्हें मेरी गांड मारना बहुत पसंद है.

मैंने भी इसकी तैयारी की हुई थी.
वो जब भी मेरी गांड मारते हैं, मुझे बहुत दर्द होता है.
उसी वजह से मैंने दवा ले रखी थी, साथ ही एक स्पेशल जैल भी साथ में रखा था.

मैंने उनको जैल दे दिया और कहा कि आप अपने लंड पर लगा लें, आपको ज्यादा मजा आएगा.
उन्होंने अपने लंड पर जैल लगा लिया.
मैंने भी थोड़ा सा जैल अपनी गांड के छेद पर लगा लिया.

अब उन्होंने अपने लंड को मेरी गांड में पेला.
पहले तो मेरी चीख निकल गयी, बाद में दर्द कम ही गया और वो मुझे ताबड़तोड़ चोदने लगे.

पूरे रूम में फ़छ फ़छ की आवाजें आने लगीं.
वो मेरी चूचियां पकड़ कर बड़ी मस्ती से मेरी गांड का बाजा बजा रहे थे.

उस दिन गोली की वजह से बहुत देर तक हम दोनों ने सेक्स किया.
बाद में वो मेरी गांड मारते मारते ही सो गए.

मैं भी उनका लंड अपनी गांड में लिए लिए सो गयी.

बाद में जमील आया और उसने मुझे जगाया.
उस वक्त मैं जमील के अब्बू की बांहों में नंगी पड़ी थी और उनका लंड मेरी गांड में घुसा हुआ था.

हम दोनों ने कम्बल ओढ़ रखा था.
मैंने जमील से कहा- मेरे रूम से अपने अब्बू की अंडरवियर और पैंट ले आओ.

वो ले आया.
बाद मैं मैंने जमील को बाहर भेजा और मैंने धीरे से जमील के अब्बू का लंड अपनी गांड से निकाला, सफाई की और उनको अंडरवियर पहनाया, पैंट पहनाई.

वो तब तक सोए ही रहे थे.
तब तक जमील अन्दर आ गया.

मैंने उससे पानी लाने का कहा.
वो ले आया.

मैंने पानी पिया और उसके सामने उसके अब्बू को किस करके बोली- अब तुम्हारे अब्बू मेरे हुए.

उसने पूछा- काम मजे से हुआ?
मैं बोली- हां.

फिर मैं हॉल से अपने कमरे में आ गयी.
अगले दिन सुबह सब लोग उठे, तो मैं सबके लिए नाश्ता बनाने लगी.

जमील के अब्बू मेरे पास पानी पीने के बहाने से आए और मेरी गांड पर थपकी देकर मुझे किस किया.
मैंने कहा- सब घर में हैं, ये क्या कर रहे हो?

फिर वो हंस कर चले गए.
इस तरह से जमील के अब्बू वापस मेरे हो गए थे.

कुछ दिन बाद जमील की अम्मी को मेरे और जमील के अब्बू के बीच सेक्स सम्बन्ध की जानकारी हुई.

पहले तो वो मुझसे काफी लड़ीं, बाद में जमील ने अपनी अम्मी को अब्बू के ठरकीपने की बात बताई और उनको समझाया तो उसकी अम्मी ने मुझे भी अपना लिया.

अब मैं जमील के अब्बू से निकाह करके जमील की जायज अम्मी बन गई हूँ.

मैं शहर में जमील के अब्बू की रातें रंगीन करती हूँ और गांव में उनकी बड़ी वाले बीवी उनका बिस्तर गर्म करती है.
जमील के अब्बू को मेरी गांड मारने में बड़ा मजा आता है तो वो हर रोज मेरी गांड में मक्खन या आईसक्रीम लगा कर मेरी लेते हैं.

हालत ये हो गई है कि जमील घर में मक्खन या आइसक्रीम लाता है तो उसे खाने को मिल ही नहीं पाता है, उसके अब्बू सारा का सारा मक्खन या आइसक्रीम मेरी गांड में डालकर मजा ले लेते हैं.

अब जमील के अब्बू का सारा पैसा घर में खर्च होने लगा है. उनकी उस ऑफिस वाली छिनाल से भी निजात मिल गई है.

मैं जमील को बहुत पसंद करने लगी हूँ क्योंकि उसने मेरे लिए अपने अब्बू की बेगम बनने की राह खोल दी है.

आपको मेरी फॅमिली Xxx चुदाई कहानी कैसी लगी?
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