दोस्त की मदमस्त भाभी को लॉकडाउन में चोदा

सेक्सी भाभी की चुदाई स्टोरी मेरे दोस्त की भाभी की है. वो लॉकडाउन में गाँव आ गयी थी. उससे मेरी सेटिंग कैसे हुई और मिने उसे कैसे चोदा? मजा लें पढ़ कर!

दोस्तो, मेरा नाम नवीन है और मैं गुजरात एक प्रख्यात जिले के गांव में रहता हूं. मेरी उम्र इक्कीस साल है.

मैं एक होनहार पढ़ा-लिखा ग्रेजुएट स्टूडेंट हूं. मैं दिखने में भी हैंडसम बंदा हूँ पर अन्दर से एक नंबर का हरामी हूं.

मुझे सेक्सी स्टोरी पढ़ना बहुत पसंद है, इसलिए आज मैं अपने साथ जो घटना वास्तव में घटी है, वो आपके सामने रखने जा रहा हूं.

बाकियों की तरह मुझे अपनी तारीफ करने का कोई शौक नहीं है और ना ही मैं अपने लंड के बारे में झूठी तारीफ करना चाहता हूं.
मैं बस इतना कह सकता हूं कि मेरा लंड एक औरत को पूरी तरह से संतुष्ट कर सकता है.

ये Sexy Bhabhi Ki Chudayi Story तब की है जब मैं कॉलेज के दूसरे साल में था.
पड़ोसन भाभी के लिए ये मेरा पहला प्रयास था.

मुझको पहले से ही लड़कियों से ज्यादा इंटरेस्ट भाभियों में था क्योंकि वो लड़कियों के मुकाबले में दिखने में ज्यादा कामुक और सेक्स करने में बिंदास होती हैं.

दोस्तो, ये बात मेरे एक मित्र की भाभी के बारे में है जो कि दिखने में एक अप्सरा जैसी लगती हैं. वो साड़ी में एक नंबर की माल और किसी सेक्स मूवी की हीरोइन जैसी दिखती हैं.

हालांकि भाभी ज्यादातर साड़ी की जगह कोई ड्रेस ही पहनना पसंद करती थीं.
भाभी ड्रेस में भी एक नंबर की माल जैसी लगती हैं.
जब वो कोई टाईट ड्रेस पहनती हैं, तो उनके मम्मे और गांड पूरे उभर कर सामने आ जाते हैं.

ये बात उस समय की है, जब सभी जगह लॉकडाउन होने लगा था. इसी के चलते मेरा कॉलेज भी बंद हो गया था.
तो मैं वापस अपने गांव आ गया था.

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मेरा मित्र, जो मेरे बगल वाले ही घर में रह रहा था, वो भी सूरत से अपने घर आया हुआ था.

मेरे ज्यादातर फ्रेंड्स कोरोना की वजह से वापस गांव चले आए थे. मैं और मेरा फ्रेंड ज्यादातर साथ में बैठते थे.

यही कोई चार पांच दिन बाद मेरे फ्रेंड ने बताया कि भाभी और भैया सूरत से अपने गांव आ रहे हैं.

मैं मन ही मन में बहुत खुश होने लगा कि सुमन (बदला हुआ नाम) भाभी गांव आ रही हैं.
सुमन भाभी एक बला थीं, जिन्हें देखने के बाद किसी बूढ़े का भी लंड टॉवर की तरह एकदम खड़ा हो जाए और अपना पानी छोड़ दे.

मुझे सुमन भाभी के प्रति बहुत लगाव था, पर मुझे ये नहीं पता था कि उनको मेरे प्रति कैसा लगता होगा.
चूंकि मैं हरामी टाइप का तो था मगर औरतों के सामने ज्यादातर समय शर्मीला सा बर्ताव करने लग जाता था.

उस दिन मैं और मेरा फ्रेंड साथ में बाहर घूम रहे थे, तभी अचानक मेरे फ्रेंड को कॉल आया कि भाभी और भैया घर पहुंच गए हैं.

मेरे फ्रेंड ने मुझको बताया- यार मैं घर जा रहा हूँ.

मैं भी भाभी को देखने के बहाने से उसके घर पानी पीने चला गया.
हम दोनों उसके घर पहुंच गए.

मैं भाभी को देखते ही मंत्रमुग्ध हो गया. भाभी क्या पटाखा माल लग रही थीं.

मैंने भाभी को हैलो बोला और उन्होंने भी मुझसे मेरे हाल-चाल पूछे.

फिर न जाने ऐसा क्या हुआ कि भाभी ने मेरा नम्बर मुझसे मांग लिया.
मैंने अपना नम्बर तो दे दिया मगर भाभी से उनका नम्बर न ले सका.

मैंने भी भाभी से बात की और अपने घर चला गया.

उसके अगले दिन जब सभी लोग बाहर बैठे थे. उस वक्त भाभी अपने बच्चे के साथ खेल रही थीं. उनका ये बच्चा दो साल का था.

थोड़ी देर बाद भाभी अपने बच्चे को छोड़ कर घर में अन्दर कपड़े बदलने चली गईं.

उस दौरान उनका बेटा मेरे सामने खेल रहा था और मैं कुर्सी पर बैठा था. पर मेरा ध्यान उसकी तरफ नहीं था, वो मिट्टी खा रहा था.

तभी भाभी अन्दर से बाहर आईं तो उन्होंने देखा कि उनका बच्चा मिट्टी खा रहा है.
वो दौड़ कर उसके पास आईं और उसको मेरे सामने की तरफ झुककर साफ करने लगीं.

इतने में मेरी नजर भाभी के मम्मों पर नजर चली गई क्योंकि उन्होंने ढीली सी टी-शर्ट पहनी हुई थी. वो क्या सीन था … उनके दूध ऐसे साफ दिख रहे थे कि उन्हें देख कर मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया और उनको सलामी देने लगा.

उस समय मैंने सिर्फ एक नाइट पैंट पहना हुआ था और वो भी भाभी की टी-शर्ट की तरह ढीला था.
उन्होंने मेरा खड़ा लंड देख लिया और उन्होंने ये भी देख लिया था कि मैं उनके बोबों को घूर घूर कर देख रहा हूँ.

भाभी हंसती हुई वहां से अपने बेटे को लेकर अन्दर चली गईं.
मैं भी तुरंत अपने घर आ गया और मुठ मार कर भाभी के बारे में सोच रहा था.

तभी उनका मैसेज आया और वो कहने लगीं- सो जाओ, बहुत रात हो गई है.
मैंने नए नम्बर से मैसेज देखा तो डीपी देखी, उसमें भाभी जी की फ़ोटो लगी थी.

मैंने खुश होते हुए लिखा- आज नींद नहीं आने वाली है भाभी!
भाभी- क्यों, क्या तुमने कोई भूत देखा लिया है?
ये लिख कर उन्होंने आंख मारने वाली इमोजी भेज दी.

मैंने कहा- जी नहीं, पर कुछ ऐसा देख लिया कि नींद आना मुश्किल हो गई.

उसके बाद भाभी का जवाब आया, उसे देख कर में हैरान ही रह गया.

भाभी- मुझे पता है कि तुम मेरी टी-शर्ट के अन्दर क्या देख रहे थे … और मैंने वो भी देखा, जो आपके पैंट में खड़ा हो रहा था. क्या तुमने अभी तक कभी किसी को ऐसे नहीं देखा है?
मैं- नहीं, आज तक मैंने ऐसा कुछ नहीं देखा है भाभी … तभी तो मेरा आपको देखते खड़ा हो गया था. पर मैं आपसे उसके लिए माफी मांगता हूं.

भाभी- अरे माफी क्यों मांग रहे हो, ऐसा होता है … और मैं वैसे भी तुम्हारी सगी भाभी तो हूँ नहीं!
मैं- ओके भाभी, मैं समझ गया.

भाभी- हम्म .. गुड ब्वॉय … अगर तुम चाहो, तो मैं आपको और भी कुछ सिखा सकती हूं.
मुझे पता चल गया था कि भाभी किस चीज के बारे में बोल रही थीं. मैं मन ही मन में खुश हो रहा था.

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मैं- ठीक है भाभी, पर कोई दिक्कत तो नहीं होगी ना?
भाभी- अरे कोई दिक्कत नहीं होगी. मैं एक काम करती हूँ … कल मेरे घर के सब लोग पड़ोस में मौसी के घर जा रहे हैं, तो मैं कल अपने घर पर ही ठहर जाऊंगी. मैं आपको जब मैसेज करूं, तब आप छत के जरिए मेरे घर में आ जाना.

मैं- ठीक है भाभी. आप तो बहुत समझदार हो … मेरे से भी ज्यादा.
भाभी हंसने लगीं.

फिर कुछ देर यूं ही गर्मागर्म बातें करने बाद हम दोनों एक दूसरे को गुड नाइट बोल कर सो गए.

पर मुझे आज कहां नींद आने वाली थी.
मैंने रात में एक बार फिर से सेक्सी भाभी की चुदाई की प्रतीक्षा में मुठ मारी.

मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि जिस चूत के मैं सपने देख रहा था … वो कल मुझे मिलने वाली है.

सुबह होते ही दोस्त के घर के सब लोग जाने की तैयारी करने लगे.

उस वक्त लॉकडाउन में छूट रहती थी तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं आने वाली थी.

नौ बजे भाभी के सिवाय सब लोग एक साथ चले गए.

उसके आधे घंटे बाद भाभी का मैसेज आया- आ जाओ.
मैं तुरंत ही मैसेज को पढ़ कर भाभी की छत के जरिए उनके घर में चला गया.

अन्दर जाते ही मैंने भाभी को देखा, क्या माल लग रही थीं. उन्होंने एक टाईट और सेक्सी ड्रेस पहनी हुई थी.

उन्होंने मुझे पानी पिलाया.

फ़िर मैंने मुस्कुराते उनसे कहा- इस पानी से कुछ नहीं होने वाला भाभी … मुझे तो आपका रस पीना है.
भाभी- हां क्यों नहीं, पर उसके लिए तुम्हें मुझे अपनी तलवार दिखानी पड़ेगी.

मैं- क्यों नहीं भाभी … आप अपने हाथों से ही देख लो न!
इस बात पर भाभी ने आगे बढ़ कर मेरे पैंट को खोल दिया और मेरे निक्कर को नीचे करके मेरे लंड को अपने हाथों में ले लिया.

भाभी मुस्कुरा कर बोलीं- क्या बात है मेरे शेर … तुम्हारी तलवार तो बड़ी चमक रही है.
मैं- हां भाभी … ये आपके लिए ही चमकाई है मैंने!

भाभी लंड सहलाने लगीं.

मैं भी भाभी से कहने लगा- आंह भाभी … आपके तलवार तो देख ही ली, अब आप इसे इसकी म्यान तो दिखा दो.
भाभी- क्यों नहीं … तुम अपने ही हाथों से मेरी ड्रेस उतार कर म्यान देख लो.

मैंने देर ना करते हुए भाभी की ड्रेस को जल्दी से उतार दिया और उन्हें सिर्फ ब्रा और पैंटी में ला दिया.

भाभी- क्या गोली खाकर आए हो … धीरे धीरे उतारो. आज मैं कहीं भी भाग कर नहीं जाने वाली.

फिर हम दोनों बेडरूम में चले गए.
वहां उनका बेटा सो रहा था.

मैंने उनकी ब्रा को उनके जिस्म से अलग कर दी और उनके बोबों को ब्रा से आजाद कर दिया.
उनके मम्मे एकदम टाइट हो गए थे. भाभी के दूध इतने बड़े थे कि उनके एक बोबे को दबाने के लिए मुझे अपने दोनों हाथों की जरूरत पड़ी.
इससे आप अंदाजा लगा सकते हो कि भाभी के दूध कितने बड़े रहे होंगे.

मैं भाभी के दुधारू बोबों को धीरे धीरे दबाने लगा. फिर मैंने उनके एक दूध को मुँह में लेकर पिया. बड़ा ही स्वादिष्ट दूध लग रहा था.

वो धीरे धीरे आहें भरने लगी थीं. उनके मुँह से मादक आवाजें आने लगी थीं.

फिर मैंने उनकी पैंटी को जांघों तक उतार दिया और उनकी चूत पर हाथ फेरने लगा.

मेरा हाथ उनकी चूत पर पड़ते ही वो सिसक पड़ीं … उनकी चूत एकदम गुलाबी और शेव की हुई थी.

मैंने अपनी जीभ भाभी की चूत पर रखी, तो वो बोलने लगीं- यार ये सब मुझे पसंद नहीं है … प्लीज़ ऐसा मत करो.
मैंने उनसे कहा- बिना चाटे तो मुझे चैन ही नहीं मिलेगा.

ये कह कर मैंने उनको लेटा दिया और मैं उनके ऊपर 69 की पोजीशन में लेट गया.

उनके मुँह में मैंने अपना लंड दे दिया.
उन्होंने एक दो बार मना किया पर मेरे मनाने पर वो मान गईं.

अब भाभी बड़े चाव से मेरे लंड को चूस रही थीं और मैं उनकी चूत को.

थोड़ी ही देर में हम दोनों झड़ गए.

फिर उनसे रहा नहीं गया और वो बोलने लगीं- अब देर न करी मेरे राजा … जल्दी से अन्दर डाल दो. मुझे ज्यादा तड़पाओ मत.

मैंने देर ना करते हुए उनकी पैंटी को जो जांघों तक थी, उसको वापस चढ़ा दिया और उसकी पट्टी को एक साइड करके उसमें से मैं चूत में अपने लंड को घुसाने लगा.

ये सब देख कर भाभी बोल उठीं कि तू तो बड़ा हरामी और बदमाश है.
मैंने कहा- अभी आपने मेरा हरामीपन देखा ही कहां है भाभी जी.

मैं अपनी तलवार को उनकी म्यान में डालने लगा.
मैंने लंड का टोपा अन्दर घुसाया तो भाभी चिल्लाने लगीं.
उन्हें दर्द हो रहा था.
मैं रुक गया और उन पर लेट कर उन्हें किस करने लगा.

कुछ ही पलों में भाभी को थोड़ा शान्त देख कर मैंने फिर से एक जोर का धक्का मारा और अपने पूरे लंड को उनकी चूत की गहराई नापने के लिए छोड़ दिया.

वो जोर से चिल्लाईं और मुझे धक्का देने लगीं.
पर मैं उनके होंठों को किस करता रहा.

कुछ देर बाद मैंने धीरे धीरे लंड को आगे पीछे करना चालू किया और उनको मजा आने लगा था.

भाभी कामुक सिसकारियां निकालने लगीं- आह आह उह ह और तेज आह उह!

कुछ देर तक चुत चुदाई के बाद अब मैंने उनको घोड़ी बना दिया और पीछे से उनको चोदने लगा.
उनकी चूत और मेरे लंड के मिलन की गवाही कमरे में आ रही मादक आवाजें दे रही थीं.

उनको पंद्रह बीस मिनट लगातार चोदने के बाद मेरा लंड पानी छोड़ने की फिराक में था.

मैंने सुमन भाभी से पूछा- इस नदी को कहां बहाना है?

उन्होंने मुझे अपने मम्मों पर लंड रस छोड़ने को कहा.
मैंने अपना सारा माल उनके बोबों पर लहरा दिया.

भाभी के चेहरे पर खुशी की झलक छा गई थी. भाभी मुझसे बोलने लगीं- तू सच में एक नंबर का लबरा और हरामी है. तू ये बोल रहा था कि तूने आज तक किसी लड़की को नंगी देखा ही नहीं है, परन्तु आज तूने मुझे पूरा हिला कर रख दिया है.

दोस्तो आप सच नहीं मानोगे, पर ये मेरा पहला ही अनुभव था.

फिर बाद में मैं और भाभी एक साथ नहाकर फ्रेश हो गए और भाभी भी खुशी से झूम उठी थीं.

फिर इसके बाद लॉकडाउन खुलते ही भाभी और भाई वापस अपने शहर चले गए.
अब भाभी के साथ सिर्फ मैसेज पर बात होती है.

ये थी मेरी पहली देसी भाभी चुदाई की कहानी, आपको कैसी लगी सेक्सी भाभी की चुदाई स्टोरी. मुझे मेल में जरूर बताइएगा.
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