बिंदास बहन भाई के लंड से चुद गयी- 1

Xxx बहन सेक्स कहानी मेरी ही चुदाई की है. मुझे चुदाई करने में बहुत मजा आता था. एक शाम मैं पार्टी में दारू पीकर फ़्लैट पर आकर सो गयी. मेरा भाई मेरी चूत छेड़ने लगा.

मेरा नाम आयुषी है, मैं हरियाणा की रहने वाली हूं.

मैंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है. मेरा कामुक बदन किसी भी लड़के के मन को डांवाडोल कर सकता है.

Xxx Bahan Sex Kahani में आगे:

मेरी नौकरी इंफोटेक में लग गई और मुझे दिल्ली जाना पड़ा.
दिल्ली रह कर मैं एकदम बिंदास हो गई थी. शराब सिगेरट मेरे लिए आम बात हो गई थी.

जब तब मैं अपने ऑफिस के बॉस से भी चुद जाती थी, जिससे मुझे चुदाई का मजा तो मिलता ही था, साथ ही मेरा ऑफिस में कुछ दबदबा भी बन गया था.

मेरा भाई जो कि मुझसे 4 साल छोटा था, मम्मी पापा ने उसे मेरे पास आईएएस की कोचिंग के लिए दिल्ली भेज दिया.
वो मेरे पास रहने लगा.

बात उस दिन की है, जिस दिन मैं पार्टी करके फ्लैट पर पहुंची.
उस दिन मैंने कुछ ज्यादा ही शराब पी रखी थी. मैं खुद के काबू में नहीं थी.
मेरी सहेली ने मुझे फ्लैट पर छोड़ा था.

मैंने मिनी स्कर्ट और टॉप पहन रखा था पर मुझे इस तरह कपड़े पहन कर सोने की आदत नहीं है.
मैं अपनी आदत के चलते वाशरूम में गई और एक छोटा सा गाउन पहन लिया.

मैं इतनी ज्यादा नशे में टल्ली थी कि ब्रा और पैंटी दोनों ही नहीं पहनी. मैं ऐसे ही जाकर लेट गई और सो गई.

मेरा भाई और मैं दोनों एक ही बेड पर सोते हैं.

वो उस वक्त टीवी देख रहा था.

मेरे सोने के कुछ देर बाद मुझे अहसास हुआ कि मेरे मम्मे और चूत पर कुछ चल रहा है.
मैंने ध्यान दिया तो महसूस हुआ कि मेरा भाई मेरे एक मम्मे को चूस रहा था और मेरी चूत में उंगली कर रहा था.

  अपने भाई से सहेली को चुदवा दिया

मैं कुछ नहीं बोली.
दारू के नशे में मुझे न जाने क्यों वो सब अच्छा लग रहा था.

कुछ देर बाद उसने अपना लंड मेरे मुँह में घुसाने की कोशिश की.

उसे शायद पता था कि उसकी Xxx बहन इतनी ज्यादा नशे में है कि पता ही नहीं चलेगा.
उसने अपने लंड के सुपारे से मेरे होंठों को धीरे से खोला और अपना लंड धीरे धीरे मेरे मुँह में घुसाना शुरू कर दिया.

मैंने भी उसके लंड को अन्दर ले लिया.
वो अपने खड़े लौड़े को मेरे मुँह में अन्दर बाहर करने लगा.
मैंने भी कोशिश की कि उसके लंड पर दांत ना लगे और उसे पता भी न चले कि मैं ऐसा कर रही हूं.

साथ ही वो मेरे मम्मे जोर जोर से मसल रहा था.
फिर वो मेरी मुँह की चुदाई के बाद मेरी चूत के पास आ पहुंचा.
उसने मेरी टांगें फैला कर चूत खोल दी और अपना मुँह चूत पर लगा दिया.

वो मेरी चूत एकदम पागलों की तरह चाट रहा था.
कुछ मिनट तक चूत का रस पीने के बाद उसने अपना लंड मेरी चूत की फांकों में फंसाया और एकदम से घुसा दिया.
जैसे ही उसने ऐसा किया, मेरी चीख निकल गई क्योंकि उसका लंड बहुत बड़ा था.

उसको अहसास हो गया कि मैं जग रही हूं पर वो कुछ नहीं बोला; जोर जोर से धक्के देता रहा और मुझे चोदता रहा.
मैं भी नशे में होने का ड्रामा करती हुई उन्ह आंह करके अपने भाई के लंड से चुदती रही.

बीस मिनट तक अपनी बहन की चूत चोदने के बाद उसने अपना सारा वीर्य मेरे मुँह में भर दिया.

फिर वो मेरी चूत को किस करके और चाट कर संतुष्ट हो गया.
उसने मेरे गाउन को बंद कर दिया और सो गया.
मैं भी सो गई.

अगली सुबह जब मैं जगी तो रोज की तरह नाश्ता तैयार कर रही थी.

मैं हमेशा पहले ब्रश करके और फ्रेश होकर ब्रेकफास्ट बनाती थी, तो वैसा ही आज कर रही थी.
मेरा भाई रोज की तरह सोया हुआ था.

आधा नाश्ता बन चुका था, तभी मुझे सुनाई दिया कि भाई जग गया है.

वो मेरे पीछे आया और उसने पीछे से मेरे मम्मे पकड़ कर गाउन से बाहर निकाल दिए और जोर जोर से दबाने लगा.

मैंने उसे धक्का देकर पीछे कर दिया और चिल्लाने लगी- ये क्या कर रहे हो?
वो मेरे पास आया और बड़ी मासूमियत से बोला- दीदी, मुझे पता है आप कल रात जग रही थीं.

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इतना बोलने के साथ ही उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और चूसने लगा.

उसका हाथ सीधे मेरी चूत पर आ गया.
मैंने ब्रा पैंटी अभी भी नहीं पहनी थी तो उसे मेरी चूत के अन्दर हाथ ले जाने में कोई दिक्कत नहीं हुई.

उसने किस करते हुए ही अपना लंड निकाला और मेरी चूत में पूरा घुसा दिया.
मेरी फिर से आह निकल गई.

वो जानता था कि मुझे चुदने में मजा आ रहा है.
उसने मुझे किचन की पट्टी पर बैठाया और चोदना शुरू कर दिया.

पांच मिनट तक चोदने के बाद उसने अपना मुँह मेरी चूत में घुसा दिया और जोर जोर से चूत चाटने लगा.
मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसका सर और जोर से अपनी चूत में दबा दिया.

उसके बाद उसने मुझे आधे घंटे तक चोदा.
फिर मुझे ऑफिस जाना था तो मैं फटाफट नहाने चली गई.

मेरा भाई बिल्कुल पागल हो गया था.
जैसे ही मैं नहा कर बाहर आई, उसमें मेरी टॉवल निकाल दी और सीधे मेरी चूत में मुँह घुसा दिया.

मैंने मुस्कुरा कर कहा- पागल, हट जा … मुझे अभी ऑफिस जाना है.
पर वो हटने को तैयार ही नहीं था और बार बार बस एक ही चीज कह रहा था मुझे आपकी चूत खानी है.

मैंने उसे दिलासा देने के लिए कह दिया कि जब ऑफिस से वापस आऊंगी, तब खा लेना.
वो हट गया और मैं ऑफिस चली गई.

मैं ऑफिस से 7 बजे वापस आ गई. मैंने गेट पर नॉक किया और भाई ने गेट खोला.
पर जो मैं देख रही थी, वो मैंने बिल्कुल भी नहीं सोचा था.

वो पूरा नंगा अपना लंड हवा में लहराते हुए खड़ा था.

मेरे अन्दर घुसते ही उसने अपना मुँह मेरे मुँह पर रख दिया और उसका हाथ सीधे मेरी चूत पर आ गया.

मैंने उसे रोकना चाहा, पर वो नहीं रुका.
उसने मुझे झुकाया और मेरी जींस व पैंटी उतार कर लंड पेल कर मुझे चोदने लगा.

मैं भी कहीं न कहीं सारे रास्ते उससे चुदने की सोच सोच कर गर्म हुई पड़ी थी; मेरी चूत पानी टपका रही थी.
Xxx बहन की गीली चूत में भाई का लंड आसानी से घुस गया.

धीरे धीरे उसने मेरे सारे कपड़े उतार कर फैंक दिए और मुझे धकापेल चोदता रहा.
उसकी मर्दानगी की मैं कायल हो गई थी.
रात 9 बजे तक उसने मुझे 3 बार चोदा.

फिर मैं खाना बनाने चली गई.
मुझे काफी थकान हो रही थी तो मैंने अपने बैग से व्हिस्की का हाफ निकाला और एक नीट पैग बना कर पीने लगी.

मेरे भाई ने देखा तो उसने भी एक पैग बना कर पीना शुरू कर दिया.

हम दोनों बात करने लगे.
उसने पूछा- दीदी, सिगरेट है?

मैंने कहा- हां बैग में है. एक मेरे लिए भी सुलगा देना.
वो बोला- एक ही से दोनों का काम चल जाएगा.

मैंने ओके कह दिया.
हम दोनों एकदम सहज थे.

दारू और सिगरेट का मजा लेने के बाद हम दोनों ने खाना खाया और बिस्तर पर लेट गए.
कुछ ही देर में हमे नींद आ गई.

फिर उस वक्त रात का एक बजा होगा.
वो मुझसे कान में बोला- दीदी, मेरे लंड को देखो, उसे फिर से आपके अन्दर जाना है.
मैंने कहा- बेटा, सो जाओ मुझे कल ऑफिस भी तो जाना है.

पर उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने लंड पर रख दिया.
उसका लंड एकदम कड़क हो रहा था.

मुझसे भी रहा नहीं गया तो मैं उसके लंड को ऊपर नीचे करने लगी और उसे बहलाने के लिए कहने लगी- अभी इसी से काम चला लो बच्चा.

पर वो ठहरा पागल लड़का … वो उठा और उसने लंड मेरे मुँह में पेल दिया.
वो इतना उत्तेजित था कि साले ने पूरा लंड मेरे मुँह में घुसा दिया.

उसका लंड मेरे गले तक जा रहा था और वो मेरे मुँह को मेरी चूत की तरह चोदने लगा था.
फिर वो नीचे आ गया और मेरी चूत में अपना बड़ा सा लंड घुसा दिया.

चार बार चुदने के बाद हम दोनों 3 बजे सो गए.
फिर मैं सुबह उठ कर नाश्ता बना रही थी.
भाई पीछे से आया और नीचे से मेरे गाउन में घुस गया.

मैं हंस पड़ी कि ये क्या मेरी जान सुबह सुबह ये क्या कर रहा है.
मगर मेरे भाई ने अपना मुँह मेरी चूत में घुसा दिया था.

मेरे मुँह से गर्म आहें निकलने लगीं और मैंने अपनी टांगों को फैला दिया.
मैंने अपनी चूत को अपने भाई के मुँह से चटवाने का सुख लेने लगी.

फिर वो खड़ा हुआ और उसने मेरा गाउन निकाल कर फैक दिया और अपना लंड मेरी चूत में घुसा दिया.
थोड़ी देर मेरी चूत चोदने का बाद उसने अपना लंड मेरी गांड के मुहाने पर रख दिया.

अभी मैं कुछ समझ पाती कि उसने एक जोर से धक्का दे मारा.
मेरी चीख भी उतनी ही जोर से निकली और मैंने उससे ये नहीं करने के लिए कहा, पर वो कहां मानने वाला था.
उसने किचन की स्लैब पर रखा देसी घी के डिब्बे में हाथ डाला और घी लेकर आधे से ज्यादा बाहर निकले अपने लौड़े पर लगा दिया.

घी की चिकनाई लगा कर उसने अपना पूरा लंड मेरी गांड में डाल दिया.
मुझे भी घी की चिकनाहट के कारण कम दर्द हुआ.

वो मुझे धकापेल चोदने लगा.
मैं भी अपने भाई से गांड मरवाने का सुख लेने लगी.

ये सिलसिला ऐसे ही चलता रहा.
अब वो हर रात मेरी चूत गांड मारने लगा था.

फिर दिसंबर महीने की बात है. घर से पापा का फोन आया कि मौसी की लड़की की शादी है, तो तुम दोनों घर आ जाओ.

मैंने ऑफिस से छुट्टी ले ली और भाई को पैकिंग के लिए बोल दिया.
तत्काल में ट्रेन टिकट भी बुक कर ली ताकि सीट की दिक्कत न हो.

हम दोनों ट्रेन में थे.
रात का टाइम था.

भाई धीरे से मेरे पास आया, उसका लंड पूरी तरह से तना हुआ था.
उसने मेरे मुँह में अपना लंड भर दिया और अपना हाथ मेरी सलवार में घुसा दिया.

जब से मेरी और मेरे भाई का चुदाई का सिलसिला शुरू हुआ था, तबसे मैंने पैंटी पहनना बंद ही कर दिया था क्योंकि उसको हर वक्त बस मेरी चूत ही चाटनी होती है और उत्तेजना में न जाने उसने मेरी कितनी पैंटी फाड़ दी थीं.

खैर उस दिन ट्रेन खाली थी.
शायद कुछ आगे के स्टेशन से भीड़ चढ़ने वाली थी.

उसको ये पता था कि कंपार्टमेंट में एक घंटा तक कोई नहीं आएगा तो उसने मेरे कपड़े निकाले और मुझसे कहा- दीदी, भाई की गोद में नहीं बैठोगी?
मैंने पोजीशन बनाई और मुस्कुराती हुई उसके लंड को पकड़ कर अपनी चूत में लेकर सैट हो गई.

मैं उसकी गर्दन में अपने हाथ डाल कर खुद को ऊपर नीचे करने लगी. मैं पूरे मजे से अपने भाई के मोटे लंड से चुद रही थी.
काफी देर की चुदाई के बाद मैंने उसके लंड का सारा रस पी लिया और हम दोनों सो गए.

समय पर ट्रेन दिल्ली पहुंच गई.
हम वहां से घर पहुंचे.

मम्मी ने दरवाजा खोला और हम दोनों को गले से लगा लिया.
फिर मम्मी ने कुछ खाने के लिए पूछा, पर हम दोनों ने मना कर दिया और दोनों सोने चले गए.

क्योंकि अगले दिन हम सबको लखनऊ के लिए निकलना था.
सुबह हुई तो हम लोगों ने नाश्ता किया और पूरा दिन ऐसे ही बीत गया.

शाम को लखनऊ की ट्रेन थी, तो हम सब स्टेशन के लिए निकल गए.
लखनऊ पहुंच कर और लखनऊ की ट्रेन में क्या हुआ, वो मैं आपको अपनी चुदाई की कहानी के अगले भाग में लिखूँगी.

मेरे प्यारे भाइयो, आप अपनी बहन आयुषी की चूत के लिए अपना लंड हिलाते रहना. मगर मेल भी करना कि मेरी Xxx बहन सेक्स कहानी कैसी लगी.
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