फेसबुक से मिली लड़की ने बच्चे के लिए सेक्स किया-2

एक लड़की की सास के बेशर्म रंग मुझे तब देखने को मिले जब मैं उसकी बहू को गर्भवती करने के लिए चोद रहा था, वो भी हमारे पास आकर बैठ गयी.

नमस्कार दोस्तो, विश्व में सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली कामुकताज डॉट कॉम पर आपका स्वागत है.
मेरी चुदाई कहानी पढ़कर अपने जो कमेंट दिए, उनके लिए धन्यवाद.

जैसा कि आपने मेरी पिछली कहानी
फेसबुक से मिली लड़की ने बच्चे के लिए सेक्स किया
में पढ़ा कि फेसबुक पर मिली करिज़्मा ने बच्चे के लिए कैसे अपने घर बुला कर मुझसे अपनी चुदाई करवाई.

आज की Saas Ke Besharam Rang सेक्स कहानी भी उसी कड़ी को आगे बढ़ा रही है.

एक दिन करिज़्मा का मैसेज आया- राज, मेरे पति दो दिन के लिए बाहर जा रहे हैं. क्या तुम रात को आ सकते हो?
मैं भी करिज़्मा को रात भर खुलकर चोदना चाहता था तो मैंने तुरंत ही हां बोल दिया.

शाम 6 बजे मैं गुड़गांव से करोल बाग के लिए निकल पड़ा.
करिज़्मा बस स्टैंड पर पहले से मेरे इंतजार में खड़ी हुई थी. करिज़्मा ने आज सुनहरे रंग की साड़ी पहनी हुई थी.

हम दोनों उसके अपार्टमेंट में आ गए.

जैसे ही हम पहुंचे, करिज़्मा की सासू मां ने मुस्कुराते हुए दरवाजा खोला.
हम दोनों अन्दर आ गए.

करिज़्मा किचन में चली गई और आंटी जी मेरे पास आकर बोलीं- बेटा राज, जब से तुम मिले हो, मेरी करिज़्मा के चेहरे में खुशी आ गई है और मुझे पोते की उम्मीद मिल गई.

मैंने कहा- आंटी जी, आप बिल्कुल चिंता मत कीजिए, आप अब जल्दी ही दादी बनेगी.
इतने में करिज़्मा चाय और नाश्ता लेकर आ गई.

करिज़्मा मेरे बगल में बैठ गई और हम तीनों ने बातचीत करते हुए नाश्ता खत्म कर दिया.

दोस्तो, आपको जानकर हैरानी होगी कि करिज़्मा की सास भी बहुत सेक्सी औरत थी और उसके चूचे बिल्कुल टाइट थे.

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थोड़ी देर बाद करिज़्मा अपने बेडरूम में चली गई और मैं आंटी जी से बातें करने लगा.
करीब 9 बजे हम सबने मिलकर साथ में खाना खाया.

उसके बाद आंटी जी ने हमें एक एक गिलास केशर वाला दूध पिलाया और हम दोनों को बेडरूम के बाहर तक छोड़कर अपने रूम में चली गईं.

मैं जैसे ही बेडरूम में आया तो देखा कि करिज़्मा ने पलंग सजा रखा था और गुलाब की पंखुड़ियां बिछा रखी थीं.
मैंने अन्दर से दरवाजा बंद किया और बिस्तर पर आ गया.

करिज़्मा भी मेरे सामने आ गई.
मैंने करिज़्मा की साड़ी पेटीकोट ब्लाउज सब उतार दिया.
अब करिज़्मा पिंक ब्रा और पैंटी में मेरे सामने थी.

करिज़्मा ने धीरे धीरे मेरे कपड़े उतार दिए और मुझे पूरा नंगा कर दिया.
अब करिज़्मा बिस्तर पर घुटनों के बल बैठ कर मेरा लंड चूसने लगी.

करिज़्मा बड़े प्यार से एक परिपक्व औरत की तरह लंड को अपने मुँह के अन्दर बाहर करके चूस रही थी.
मैं धीरे धीरे करिज़्मा के मुँह को चोदने लगा और उसके मुँह में ही धक्के लगाने लगा.

थोड़ी देर बाद मैंने करिज़्मा की ब्रा पैन्टी उतार दी. करिज़्मा की चिकनी चूत को चाटने लगा.
वो ‘आहह आहह …’ करने लगी.

मैंने अपनी जीभ चूत में डाल दी और सटासट अन्दर बाहर करने लगा.
करिज़्मा मादक आवाजें आहहह करके अपनी टांगें बिस्तर पर पटकने लगी.

वो बोलने लगी- आंह राज … अब मुझे और न तड़पाओ … मेरी प्यासी चूत को अपने लंड के पानी से गीला कर दो प्लीज़!
मैंने एक तकिया करिज़्मा की गांड के नीचे लगाया और उसके ऊपर चढ़ गया.

मैं उसकी पनियायी हुई चूत में लंड रगड़ने लगा.
करिज़्मा अपनी कमर उठा-उठा कर चूत में लंड लेने का असफल प्रयास कर रही थी.

मैं उसकी चूचियों को बारी बारी से चूसने लगा और लंड चूत पर रगड़ना चालू रखा.

करिज़्मा बार बार बोलने लगी- आंह प्लीज़ राज … अब डाल भी दी प्लीज़ राज चोदो मुझे प्लीज़ राज!
मैंने एक जोर का धक्का लगाया, मेरा पूरा लंड सनसनाता हुआ अन्दर चला गया.

एकदम से लगे शॉट से करिज़्मा ‘ऊईईई मां मर गई आंह बचाओ ऊईईई मर गई अह.’ चिल्लाने लगी.
मैं उसकी चूचियों को मसलने लगा और जोर जोर से धक्का लगाकर मैंने उसे चोदना शुरू कर दिया.

मेरा लंड सनसनाता हुआ अन्दर बाहर आने जाने लगा और करिज़्मा की टाइट चूत से चू चूं थप थप की आवाज़ आने लगी.

धीरे धीरे करिज़्मा की चूत खुलने लगी और उसकी ‘आहह आहह …’ की मस्त सिसकारियां निकलने लगीं.
मुझे भी चुदाई में मजा आने लगा और मैं अपनी पूरी रफ्तार से सटासट सटासट लंड अन्दर बाहर करके करिज़्मा को जमकर चोदने लगा.

धीरे धीरे करिज़्मा का दर्द खत्म हो चुका था और वो अपनी कमर उठा कर मेरा साथ देने लगी, मेरे लंड को जवाब देने लगी.
उसके मुँह से मस्ती भरी आवाजें मुझे जोश दिलाने लगी थीं.

कुछ देर बाद मैंने करिज़्मा को अपने लौड़े पर बैठने के लिए कहा, वो झट से मान गई.
मैंने उसकी कमर पकड़ कर लंड पर बैठने को कहा, लंड सटाक से अन्दर चला गया और करिज़्मा आह ऊईई ईई करके चिल्लाने लगी.

करिज़्मा के पति ने उसे कभी ऐसे नहीं चोदा था.
मैं उसकी चूचियों को दबाने लगा और नीचे से झटके लगाने लगा.

धीरे धीरे करिज़्मा अपनी गांड उठा-उठा कर लंड अन्दर तक लेने लगी.
वो धीरे धीरे लंड ले रही थी.

मैंने करिज़्मा की कमर पकड़ी और उसे तेजी से ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया.
इसमें धीरे धीरे करिज़्मा को मजा आने लगा और वो ‘आह हहह जान पेलो आंह मजा आ रहा है …’ करके अपनी गांड उछालने लगी.

मैं और जोर से उसकी चूचियों को मसलने लगा.
वो भी मेरे ऊपर झुक कर मुझे अपनी एक चूची पिलाने लगी और आहहह आहहह करके अपनी कमर चलाने लगी.

करिज़्मा चुदाई का भरपूर आनन्द ले रही थी और थप थप की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगी.

फिर मैंने करिज़्मा को लंड से हटा कर बिस्तर पर चित लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़कर चोदने लगा.
हम दोनों की सिसकारियां तेज़ होने लगीं और दोनों एक-दूसरे को चूमने लगे.

हर झटके के साथ हम दोनों की आहह आह ओहह की आवाज तेज होती जा रही थी.
कुछ ही पलों में हम दोनों एक साथ झड़ गए और एक दूसरे को चूमने लगे.

थोड़ी देर एक-दूसरे से चिपक कर लेट गए.
कुछ देर बाद करिज़्मा उठकर रूम के बाहर चली गई.

मैं अभी भी बिस्तर पर लेटा हुआ था.
थोड़ी देर बाद करिज़्मा वापस आ गई और उसने दरवाजा बंद कर दिया लेकिन कुंडी नहीं लगाई.

वो मेरे साथ लेट कर बोलने लगी- राज, सच में मेरे पति ने कभी मुझे ऐसे नहीं चोदा.
मैंने कहा- करिज़्मा डार्लिंग, उसने चोदा होता तो मुझे तुम्हारी कच्ची चूत का मजा कैसे मिलता.

हम दोनों एक-दूसरे के होंठों को चूसने लगे.

मैंने कहा- करिज़्मा तुम खुश तो हो न?
वो बोली- हां राज मैं बहुत खुश हूं और इसकी वजह तुम हो.
मैंने उसे चूम लिया.

वो बोली- मेरी सास बहुत अच्छी हैं, अगर वो न होतीं, तो शायद मैं कभी मां नहीं बन पाती.
मैंने कहा- हां करिज़्मा, आंटी सच में अच्छी हैं.

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हमारे बीच फिर से चूमाचाटी जोर पकड़ने लगी और जल्द ही हम दोनों 69 में आकर एक दूसरे के अंगों को चूसने लगे.

शायद आंटी जी को अपने रूम में नींद नहीं आ रही थी, वो हमारे रूम में आ गईं.

उनको देखकर मैंने करिज़्मा की चूत चाटना बंद कर दी.
जबकि करिज़्मा बेशर्म रंग दिखाती हुई गपागप गपागप मेरा लंड चूस रही थी.

मेरे पास आकर आंटी जी बोलीं- राज, रूको मत. मुझे अकेले नींद नहीं आ रही थी, इसलिए अन्दर आ गई.

मैं चूत को फिर से चाटने लगा.
आंटी जी हम दोनों को देखकर बहुत खुश थीं.

वो बेशर्म रंग ढंग दिखाती हुई हमरे पलंग के किनारे पर लेट गईं.
अब मैं करिज़्मा के ऊपर चढ़ गया और चूत में लंड रगड़ने लगा.

करिज़्मा बार बार अपनी कमर उठा रही थी लेकिन लंड अन्दर नहीं जा रहा था.
मैंने देखा कि आंटी जी ये सब देख रही थीं और इशारे से बोल रही थीं कि राज मेरी बहू को मत तड़पा, लंड डाल दे.

मैंने एक जोर का धक्का लगाया, पूरा लंड अन्दर चला गया और करिज़्मा ‘ऊई ईईई मर गई मम्मी बचाओ आह मम्मी बचाओ.’ चिल्लाने लगी.
मैं तेजी से अन्दर बाहर करके चोदने लगा.

करिज़्मा बार बार ‘मर गई बचाओ मर गई मम्मी बचाओ …’ चिल्ला रही थी और मैं जमकर चोद रहा था.
आंटी जी चुपचाप चुदाई देख रही थीं.

धीरे धीरे करिज़्मा को लंड से मजा आने लगा और वो ‘आहह आह …’ करके अपनी कमर उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगीं.
अब दोनों तरफ से जमकर चुदाई होने लगी थी.

फिर मैंने करिज़्मा को उठाकर घोड़ी बना दिया और उसकी कमर पकड़ चोदने लगा.
करिज़्मा की चूत में लंड ने अपनी जगह बना ली थी.

करिज़्मा आहह आहहह उम्मआ हहह करके अपनी गांड आगे पीछे करने लगी और थप थप की आवाज़ आने लगी.
मैं दोनों चूचियों को मसलने लगा और तेज तेज झटके लगाने लगा.

हम दोनों का जोश बढ़ने लगा.

कुछ ही देर में चुदाई चरम पर आने लगी तो मैंने करिज़्मा को लिटा दिया ताकि लंड का पानी चूत में अन्दर तक जाए.

अब लंड सनसनाता हुआ अन्दर बाहर अन्दर बाहर होने लगा.
करिज़्मा की सांस फूलने लगी थी और मैं भी अपनी रफ़्तार बढ़ाता जा रहा था.

कुछ ही पलों में हम दोनों का समय आ गया और आहह हह करते हुए दोनों ने पानी छोड़ दिया.
हम दोनों थककर एक-दूसरे से चिपक कर लेट गए.

आंटी जी हमें देखकर मुस्कुरा रही थीं.
हम दोनों भी एक-दूसरे से चिपके हुए मुस्कुरा रहे थे.

हम दोनों नंगे ऐसे ही चिपक कर सो गए और बगल में आंटी जी भी सो गईं.
सुबह करीब 5 बजे मां जी ने हमें जगाया और बोलीं- सुबह का सेक्स बच्चे के लिए बहुत अच्छा होता है.

हम दोनों उठकर एक साथ बाथरूम गए फिर वापस रूम में आकर एक-दूसरे के होंठों को चूसने, चूमने लगे और 69 की पोजीशन में आ गए.
आंटी जी चुपचाप रूम से बाहर चली गई और हम दोनों चूत लंड चूसने लगे.

थोड़ी देर बाद मां जी दो गिलास लेकर आ गईं.
हम दोनों ने केशर दूध पी लिया.

मैंने करिज़्मा को लिटा दिया और ऊपर आकर एक झटके में पूरा अन्दर डाल कर चोदने लगा.
दो बार की चुदाई से करिज़्मा की चूत खुल गई थी और अब वो आह आहहह करके बड़े प्यार से मेरा लंड अपनी चूत में ले रही थी.

उसकी चूचियों को चूसने लगा और झटके लगाने लगा.
चूत लंड की पक्की दोस्ती हो गई थी.

करिज़्मा मस्ती में चिल्ला रही थी- आह आहह हह राज और तेज चोदो मुझे मां बना दो प्लीज़ … और अन्दर डालो और डालो आहह आह राज लव यू.
मैं उसकी चूचियों को चूसने लगा और झटके लगाने लगा.

मेरा लंड सनसनाता हुआ अन्दर बच्चादानी तक जाने लगा और दोनों एक-दूसरे के होंठों को चूसने लगे.
मैंने करिज़्मा को लंड पर बैठने को कहा, वो तुरंत मान गई और लंड पर बैठ कर धीरे धीरे उछलने लगी.

मुझे भी सुबह की इस चुदाई से मजा आ रहा था.
कुछ ही देर में करिज़्मा अपनी चूत से उछल उछल कर मेरे लंड को चोद रही थी और मैं उसकी संतरे जैसी पकी हुई चूचियां दबा रहा था.

धीरे धीरे कमरे में उजाला फैलने लगा और मैं पहली बार दिन के उजाले में किसी सास के सामने उसकी बहू को जमकर चोद रहा था.
उसकी सास की मुस्कान मुझे बहू को चोदने की अनुमति दे रही थी.

कुछ ही देर में करिज़्मा थक गई थी और उसने लेटने की इच्छा जताई.
मैंने उसको लिटा दिया और ऊपर चढ़कर चूत में लंड डालकर चोदने लगा.

मेरा लंड सनसनाता हुआ अन्दर बच्चादानी तक जाने लगा और करिज़्मा आह आहह ओहहह करके अपनी कमर उठा-उठा कर चुदाई में भरपूर साथ देने लगी थी.
हम दोनों की सिसकारियां तेज़ होने लगीं और लंड ने वीर्य छोड़ दिया.

चूत ने भी पानी छोड़ दिया.
हम दोनों एक-दूसरे के होंठों को चूसने लगे और ऐसे ही लेटे रहे.

थोड़ी देर बाद दोनों अलग अलग हो गए.
आंटी जी और करिज़्मा बहुत खुश थी.

हम दोनों अब भी बिस्तर पर नंगे लेटे हुए थे और मां जी हमारे पास में थीं.

शायद करिज़्मा के पति का फोन आ गया तो आंटी जी उससे बात करते करते रूम से बाहर चली गईं.
थोड़ी देर बाद आकर वो बोलीं- राज, मैंने अपने बेटे को खुशखबरी दे दी, वो बहुत खुश है.

थोड़ी देर बाद मैंने करिज़्मा से पूछा कि क्या आंटी जी का सेक्स का बिल्कुल मन नहीं होता?
करिज़्मा बोलने लगी- होता तो है पर मां जी इस उम्र में क्या करेंगी?

मैंने कहा- वो तुम्हारे लिए कितना सोचती हैं, तुम्हें भी उनकी खुशी के बारे में सोचना चाहिए. वैसे भी आंटी जी की उम्र अभी 47 ही तो है. उनके भी तो सपने होंगे.
करिज़्मा बोलने लगी- हां मैं तो चाहती हूं लेकिन मैं क्या करूं?

मैंने कहा- अगर तुम कहो तो मैं आंटी जी को भी खुश कर सकता हूं.
करिज़्मा चौंक गई और बोली- क्या बकवास कर रहे हो तुम?

मैंने कहा- मैं सच बोल रहा हूं. अभी तो तुम बोल रही थी कि मैं चाहती हूं, अब क्या हुआ?
करिज़्मा बोली- लेकिन …

मैंने कहा- लेकिन वेकिन कुछ नहीं, तुम आंटी जी की खुशी चाहती हो या नहीं?
करिज़्मा बिल्कुल चुप हो गई.

इतने में आंटी जी आ गईं.
वो बोलीं- तुम दोनों का उठने का मन नहीं है क्या?

करिज़्मा चुपचाप उठकर मां जी का हाथ पकड़ कर रूम से बाहर चली गई.

दोस्तो, क्या मुझे करिज़्मा से उसकी सास की चुदाई की बात नहीं करनी चाहिए थी?
क्या वो मुझसे नाराज होकर गयी थी?

इस सब सवालों के जवाब आपको मेरी अगली सेक्स कहानी में पढ़ने को मिलेंगे.

आपको मेरी कहानी कैसी लगी? मुझे आपके मेल का इन्तजार रहेगा.
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इससे आगे बेशर्म रंग वाली सास की कहानी: बहू ने अपनी सास को चुदवा दिया