मनचली गर्म लड़की की सेक्सी चुदाई यात्रा-4

सेक्सी लड़की की हिंदी कहानी में पढ़ें कि अपनी अन्तर्वासना के वशीभूत मैं जो भी लंड मिला, उससे चुदती चली गयी. न जाने कितने लंड मैंने अपनी चूत और मुंह में खाए.

हैलो फ्रेंड्स, मैं आपकी रीना चतुर्वेदी एक बार फिर से आपके सामने अपनी सेक्स कहानी का अगला भाग लेकर हाजिर हूँ.
कहानी के पिछले भाग
टीचर सर से मैं बार बार चुदी
में अब तक आपने पढ़ा था कि मैं अपने ऑटो वाले यार के साथ एक मेले में घूम रही थी. वो मुझे टच करके मजा ले रहा था.

अब आगे Sexy Ladki ki Hindi Kahani:

फिर मैं एक दुकान पर सामान देखने लगी, तो उधर भी वो मेरे साथ था.
हम दोनों ने खूब फोटो निकलवाईं.

मुझे वाशरूम जाना था जिसमें वो भी मेरे साथ आया.
मैं भी उसको अपने साथ में अन्दर ले आयी.
उधर एकांत था, तो हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे.

वो मेरी चूची दबाने लगा और कुछ देर के मज़े के बाद हम वहां से मेले के पीछे की तरफ चले गए.
वहां जंगल टाइप का सन्नाटा था.

अब वो मुझे चूमने लगा जिसमें मैं भी उसका बराबरी से साथ देने लगी.

वो अपना हाथ मेरे पीछे से मेरी पीठ, कमर और फिर मेरी गांड को मसलने लगा, जिससे मेरी उत्तेजना फिर से बढ़ने लगी.

मैंने अपने चूचे आज पहली बार उसके सामने से खोल दिए जिनको देख कर वो पगला गया.
वो बोला- रीना मेरी जान, बहुत मस्त चूचे हैं तुम्हारे!
मैं इठला कर बोली- तो लो आज जो मन हो, वो करो.

मेरे इतना कहते ही वो मेरे मम्मों पर टूट पड़ा और उन्हें मींजते हुए मेरे बूब्स को खाने सा लगा.
उसने निप्पलों को भी खूब चूसा.

कुछ देर के बाद मैंने उसका लौड़ा बाहर निकाल लिया और खूब देर तक चूसा.

अब वो खड़ा हो गया और मुझे घुटने पर बिठा कर मेरे दोनों चुचों के बीच अपने लंड का निशाना बना लिया.
उसने पहले खूब सारा थूक कर मेरे मम्मों को गीला किया. फिर उसके बीच में अपना लंड लगा कर वो मेरे चूचों को चोदने सा लगा.

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उसका टोपा बार बार मेरे मुँह तक आ रहा था तो मैं उसके टोपे को मुँह में भी ले रही थी.

इसी तरह वो कुछ देर में मेरे मुँह में ढेर हो गया, मैंने उसकी रबड़ी खा ली और लंड चाट कर साफ़ कर दिया.

उसके बाद हम दोनों ने खुद को सही किया और बाहर आकर फिर से एक ऑटो पकड़ ली.

रास्ते भर वो मेरे साथ खेलता रहा और बोला- रीना, आज मुझे तुमको चोदना है.
मैंने कहा- ठीक है पर आज नहीं. अबकी बार संडे को मिलती हूँ.

मैं कुछ देर बाद घर आ गयी.

अगले दिन मैं सूट में इंस्टीट्यूट गयी तो मेरी क्लास में कल टीचर्स डे की तैयारी हो रही थी.
जिसमें सबने मुझसे डांस करवाया और कल भी करने का बोला.

उस दिन सर ने भी मुझे उसी सिलाई वाली क्लास में ले जाकर हचक कर चोदा.
शाम तक मैं घर आ गयी.

अगले दिन मैं लाल रंग की साड़ी में गयी लेकिन मैंने अपने बैग में एक सूट भी रख लिया था.

मैं खूब तैयार हो कर गयी और एकदम सेक्सी लग रही थी.

जैसे ही मैं पहुंची, सबने मेरी खूब तारीफ की और मेरी फोटो निकाली.
कुछ ने मेरे साथ में सेल्फी भी ली.

उसके बाद सब क्लास में आ गए और केक आ गया.

केक काटने से पहले गाना बजा और मैंने ‘टिप टिप बरसा पानी …’ पर डांस किया.
मेरे इस हॉट डांस को सबने रिकॉर्ड किया.

उसके बाद सबने मेरे साथ डांस किया.
फिर सर ने केक काटा और हम सबने खाया.

तभी धमाचौकड़ी शुरू हो गई और लड़कों में मुझपर केक लगाना शुरू कर दिया.

मैं भी मस्ती करती रही.
मैंने सर को केक लगा दिया तो सबने सबको लगाना शुरू कर दिया.

उसी के बाद सर ने सबकी छुट्टी कर दी और सब धीरे धीरे करके निकल गए.
मुझे सर ने रोक लिया था क्योंकि मुझे उनका रजिस्टर लेकर जाना था.

मैं रुकी थी.
सबके निकल जाने के बाद मैंने दरवाज़ा भेड़ा और लैब वाले रूम में अन्दर आकर साइड में होकर मैं अपने कपड़े बदलने लगी.

मैंने पहले तो सारे कपड़े उतार दिए और पूरी नंगी हो गई.

क्लास के लौंडों ने मेरे पूरे जिस्म पर केक लगा दिया था. सालों ने साड़ी के अन्दर हाथ डाल कर मेरी जांघों तक में केक मला था. सब जगह चिपचिप कर रहा था.
मैं अपने चेहरे और जगह जगह लगे केक को साफ करने लगी.

तभी मुझे लगा कि बाहर वाली क्लास में कोई है, लेकिन मैंने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया.
मैं बस अपना मोबाइल निकाल कर अपने जिस्म को देख कर केक साफ़ कर रही थी.

मुझे अपना गदराया हुआ जिस्म बड़ी सनसनी दे रहा था, तो मैं अपनी नंगी फोटो खींचने लगी.
तभी मुझे फिर से अहसास हुआ कि कोई गेट पर है.

मैंने धीरे से अपना मोबाइल रखा और एकदम दबे पांव गेट के पास गयी.

उधर मेरे क्लास का मॉनिटर गेट पर खड़ा था और वो मुझे नंगी देख अपने हाथ में लंड लेकर हिला रहा था.

मुझे देखते ही वो एकदम से डर गया और भागने लगा.
मगर मैं उसको खींच कर अन्दर लाई और उसको डांटने लगी.

वो चुपचाप सर झुका कर मेरी डांट सुन रहा था.
मैं अभी भी नंगी ही थी जिसको देख कर उसका बाहर को निकला लंड एकदम टाइट हो रखा था.

कड़क लंड को देख कर मेरा मूड एकदम से उससे चुदने का हो गया.
मैं उसके एकदम करीब हो गयी और बोली- क्या मैं तुमको अच्छी लगती हूँ?
वो बोला- हां बहुत ज़्यादा.

मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे मजा देने लगी.
वो भी लग गया और हम दोनों बराबरी से होंठों का रस पीने लगे. वो मुझे चूमने के साथ ही मेरे बूब्स और गांड भी मसलने लगा था.

उसने मुझे पूरे बदन पर चूमते हुए मेरे मम्मों को खूब पिया और फिर चुदाई की स्थिति बन गई.
उसने मेरी गांड और चूत चाट कर पानी निकाला.

झड़ने के बाद मैंने उसको कुर्सी पर बिठाया और उसका लौड़ा अपने मुँह में अन्दर तक लेकर गपागप चूसा.

फिर उसने उसी क्लास में डेस्क पर झुका कर मेरी चूत पर एक बार अपना पानी झाड़ा और निढाल होकर वहीं उसी कुर्सी पर बैठ गया.
उसने मुझे अपने ऊपर ले लिया और हम दोनों एक बार फिर से मूड बनाने लगे.
इस बार उसने मेरी गांड मारी.

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हमारी छुट्टी तीन बजे हुई थी.

उसके बाद मेरे मॉनिटर में मुझे साढ़े चार बजे तक दो बार चोदा.
फिर उसने मुझे घर जाने दिया.

अगले दिन इंस्टीट्यूट में छुट्टी थी तो रात को ही उस ऑटो वाले लड़के को कल मिलने को बोला.
अगले दिन मैंने अपने घर के काम किए और जब पति काम पर चले गए तब मैंने ऑटो वाले के लंड को याद किया और बाथरूम में चली गई.
उधर चूत साफ़ की और नहा कर बाहर आ गई.

आज मैंने एक एकदम फिटिंग की जींस और एक बड़ा खुले गले का, मम्मों से चिपका हुआ और बड़ा सेक्सी सा टॉप पहना.
सजने के बाद मैं घर से निकली तो वो आ चुका था.

मैं उसके साथ ऑटो से एक होटल आयी.
हम दोनों अन्दर गए तो वहां सब मुझे बड़ा घूर कर देख रहे थे क्योंकि सबको मालूम था कि मैं चुदने आयी हूँ.
वो साला होटल ऐसी चुदाई के लिए ही मशहूर था.

हमको एक रूम की चाबी मिली तो हम दोनों रूम में आ गए.

कमरे में आते वो मुझ पर टूट पड़ा.
मैं उसके होंठों को चूमती जा रही थी.
वो भी बराबरी से साथ देते हुए मुझे चूम रहा था.

उसने मेरे पीछे हाथ डालकर मेरी नंगी पीठ को जकड़ लिया.

अब वो अपने सख्त हाथों से मेरे मखमली बदन को मसलते हुए मेरी पीठ, कमर और मेरी उभरी हुई गांड को भी मसलने लगा.
इससे मेरी उत्तेजना सातवें आसमान पर पहुंच गयी और मैं एकदम से जंगली हो गयी.

चुम्बन के बाद आगे बढ़ते हुए पहले मैंने उसकी शर्ट के सारे बटन खोल दिए और हुए उसको आधा नंगा कर दिया.
उसके सीने को चूमते व काटते हुए मैं उसकी पैंट के ऊपर से उसके लंड को सहलाने लगी.

उसका लंड कड़क होने लगा था.
मैंने पैंट खोल दी और उसको पूरा नंगा करके बेड पर लिटा दिया.

फिर उसका मोटा लौड़ा अपने मुँह में लेकर मैं लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी.

काफी देर अपना लंड चुसाने के बाद उसने मुझे अपनी बांहों में जकड़ कर अपने नीचे लिटा लिया और खुद मेरे ऊपर चढ़ गया.
एक बार फिर से मेरे होंठों को चूमते हुए मेरे बदन से कपड़े लगभग उधेड़ते हुए मुझे एकदम नंगी कर दिया.

फिर उसने मेरे बदन को खूब चूमा, चूचियों को खूब मसल मसल कर चूसा, मेरी जबरदस्त तरीके से चूत चाटी और बहुत जल्दी मेरा पानी निकाल दिया.

अब उसने मुझे सीधी लिटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गया. मेरी चूत में अपना लंड सैट करके मेरे पास अपने होंठ ले आया और मुझे चूमने लगा.

मैं भी चूमने में उसका साथ देने लगी लेकिन इसी बीच उसने एक जोर का झटका मारा जिससे उसका लंड मेरी चूत फाड़ कर अन्दर घुस गया.

मैं हल्के हल्के से कराहती रही और वो मुझे चोदता रहा.
बीच बीच में वो मेरी चूचियां और मेरे मुँह को भी चूमता रहा.

कुछ देर बाद उसने अपनी असली वाली जबरदस्त चुदाई शुरू की.
उस पूरे कमरे में हम दोनों की चुदाई से सटासट फकाफक की आवाज आने लगी.

साथ ही मेरी तेज और कामुक उत्तेजना से भरी आवाजें भी गूंजने लगीं- उफ़्फ़ यस आई लाइक इट … ओह्ह आह उह उफ़्फ़ मम्मी मर गई … आह उफ़्फ़.
इसी तरह की कामुक सिसकारियां पूरे कमरे में गूंजती रहीं.

कुछ देर बाद इसने ने मुझे चोदने की अवस्था बदली.
उसने मुझे अपने ऊपर चढ़ा लिया और मेरी चुत में लंड फंसा दिया.

अब मैं भी उसके लंड पर खूब कूद कूद कर अपनी चूत चुदवाने लगी.
कुछ देर बाद उसने फिर से अवस्था बदल ली. अब वो मुझे कुतिया बना कर चोदने लगा.

बीस मिनट बाद हम दोनों झड़ गए और निढाल होकर लेट गए.

कुछ देर बाद मेरा फिर से मूड बनने लगा तो वो मेरे सामने अपनी टांगें खोल कर बैठ गया.
मैंने उसका खड़ा लौड़ा अपने मुँह के अन्दर ले लिया.

उसका पूरा लंड मेरे गले में यूं ही अटका रहा.
मैं लंड पर अपनी जीभ से खेलती रही.

जब तक लंड मुँह के अन्दर रहा, तब तक मैं उसके लंड की गोलियां भी मसलती रही.

फिर उसने मुझे घोड़ी बना दिया और मेरी गांड के छेद में अपनी जीभ से मजा देने लगा.
कुछ देर मेरी गांड चाटने के बाद मैं मस्त हो गई, अब उसने मेरी गांड को मसलते हुए उस पर खूब सारे चांटे मारे.

उसके चांटों से मेरी गांड एकदम लाल हो गयी थी.
इसके तुरंत बाद उसने अपना लंड का टोपा मेरी गांड के छेद पर रख दिया और लंड गांड में पेल दिया.

मैं भी अपनी गांड चुदाई में उसका साथ देने लगी.
वो भी भटाभट की आवाज के साथ मेरी गांड चोदने लगा.

करीब बीस मिनट तक मेरी गांड मेरे यार के लौड़े से बजी.
उससे चुदने के बाद मैं घर आ गयी.

इसके अगले दिन इंस्टीट्यूट में सर और मॉनिटर ने मुझे रगड़ कर चोदा और वो शादी में मिले लड़के ने भी आज मुझपे हाथ साफ कर दिया.

अब इसी तरह कुछ दिन बीत गए.

क्लास के उन तीनों लड़कों ने मुझे अगले शनिवार को मुझे अपनी बर्थडे पार्टी में आने को बोला.

अब अगले दिन मैं एक सेक्सी सा सूट पहन कर तैयार हो गई थी.
उन तीनों में से एक लड़का मुझे लेने घर आया था.

फिर वो मुझे होटल के एक रूम में ले गया.
मैंने देखा कि वो होटल भी वही सेक्स के काम के लिए मशहूर था क्योंकि वहां से लड़के लड़कियां निकल रहे थे.

अब मैं कमरे में पहुंची, जहां दो लड़के पहले से थे.

मैं सबसे गले लग कर मिली और हम सब हंसी मजाक करने लगे.

फिर दारू की बोतल खुली, हम सबने दो दो पैग पिए.
उन में से एक लड़का मेरे लिए कुछ गिफ्ट लाया था, उसे खोला तो उसमें पहनने के लिए कुछ था.

वो बोला- बाथरूम के अन्दर जाकर पहन कर आओ.

मैं अन्दर गयी और उसको खोला तो वो उसने एक वन पीस था, जो कि आगे से काफी डीप गले का और बिना बांह का था. पीछे से पूरा बैकलैस था.
उसको मैंने वैसे ही डाल लिया बिना किसी अंडर गारमेंट्स के, जिस वजह से मैं पूरी तरह से नंगी थी.

मेरे तन पर बस नाम मात्र का यही एक झीना सा वन पीस था जिससे मैंने अपने दूध और चुत को बड़ी मुश्किल से छिपाया हुआ था.

जब मैं बाहर निकली तो उन तीनों का मुँह खुला का खुला रह गया. उसके बाद सबने मेरी खूब फोटो और मेरे साथ सेल्फी भी ली.
फिर केक काटा गया और दारू भी साथ में चलने लगी.

मैंने भी चार पैग लगा लिए.
दारू के नशे से मुझे खुमारी और चुदास दोनों साथ खूब चढ़ने लगी.

तभी एक लड़के ने गाना लगा दिया
“मैं मालगाड़ी तू धक्का लगा.’

उस पर वो सब मेरे साथ एकदम चिपक कर नाचने लगे और मैं भी पूरे मूड में आ गयी थी.

इसी बीच उसमें से एक लड़का मेरे सामने से आया और एकदम से मेरे सीने से चिपक गया.
उसी समय दूसरा लड़का पीछे से लग गया.

वो सामने वाले ने जैसे ही अपना मुँह ऊपर किया, तो मैं उसके होंठों को चूमने लगी.

मेरी चुदास देख कर अब सब मुझ पर एक साथ टूट पड़े और अगले ही कुछ सेकंड में उन लोगों में से एक ने एक झटके में मुझे नंगी कर दिया और सोफे पर बिठा दिया.

दो लोग आगे आए और मेरी टांगें उठा कर मेरी गांड और चूत चाटने लगे.
एक मेरे होंठ और बूब्स को भंभोड़ने लगा.

इसी तरह सभी ने बारी बारी से मेरे पूरे बदन को चाटा.

फिर मैंने भी सबका लंड चूसते हुए अपनी सैंडविच चुदाई करवाई.
उसमें दो लड़के मेरी बुर और गांड मारने में लगे थे और एक लड़का मुझे अपना लंड चुसा रहा था.
धकापेल चुदाई चली.

सुबह 10 बजे से मैं शाम 5 बजे तक किसी रांड की तरह तीन जवान लौंडों से अपनी गांड और बुर चुदवा कर घर आ गयी.
अगले दिन से मेरी ये हालत हो गई थी कि मुझे क्लास में कोई न कोई चोद देता.

किसी दिन सर छुट्टी ले लेते, तो उस दिन वो मुझे अपने घर बुला कर मेरी चुदाई करते.

मेरा ऑटो वाला यार मेरी छुट्टी वाले दिन मुझे होटल ले जाकर चोदता.
इसी बीच मेरे गर्भ में एक बीज रुका, वो किसका था, मुझे पता नहीं चला क्योंकि मैं 7 मर्दों का लंड तो नियमित लेती ही थी तो उसी में से किसी के बीज से मुझे एक संतान का सुख भी मिला.

धन्यवाद.

आपको मेरी सेक्सी लड़की की हिंदी कहानी कैसी लगी, प्लीज़ मुझे मेल करें.
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