सास की भूखी चूत में घुसा दामाद का कड़क लंड

Saas Ki Bhookhi Choot Me Ghusa Damad Ka Kadak Lund – MILF Saas Ki Pahli Zordaar Chudai | Hot Desi Incest Story

राजेश ने अपनी सेक्सी सासू माँ रामकौर को नहाते हुए देखा और फिर बाथरूम में ही चोद दिया। सालों से लंड की प्यासी सास की टाइट भूखी चूत को 7 इंच के लंड से फाड़ा। चार बार चुदाई, किचन में टेबल पर चोदा, पूरी गरम देसी इंसेस्ट कहानी पढ़ें। हॉट मिल्फ चुदाई की सच्ची स्टोरी।

मेरा नाम राजेश है। मैं शादीशुदा हूँ और इस साइट का रेगुलर रीडर हूँ। आज मैं अपनी एक सच्ची कहानी आपके साथ शेयर करने जा रहा हूँ – मेरी और मेरी सासू माँ के बीच जो कुछ हुआ, वो 100% रियल है। मेरी सासू माँ का नाम रामकौर है। वो चार बच्चों की माँ हैं, लेकिन देखने में किसी 22 साल की लड़की की बड़ी बहन सी लगती हैं।

भगवान ने उन्हें हर जगह भरपूर मांस दिया है – गदराया बदन, बड़े-बड़े गोल मम्मे, चौड़ी कमर और भरी हुई गांड। उनकी चाल में वो थिरकन, वो अदाएं… बस देखते ही लंड खड़ा हो जाता है।

मेरी शादी 23 साल की उम्र में हुई। मेरी बीवी बहुत खूबसूरत और भोली है, लेकिन चुदाई के मामले में अपनी माँ से कोसों दूर। मेरे ससुर जी दुबले-पतले हैं और 30 साल की उम्र में हुए एक भयानक एक्सीडेंट की वजह से उनकी कमर बहुत कमजोर हो गई है। वो भारी काम नहीं कर पाते। शादी के बाद मैंने खुलकर ससुराल आना-जाना शुरू कर दिया।

हर बार सासू माँ को देखता तो मेरी नजरें उनके मम्मों पर अटक जातीं। परफेक्ट गोलाई, इतने रसीले कि हाथ अपने आप दबाने को तरसते थे और जीभ चूसने को ललचाती थी।

एक दिन ऑफिस से छुट्टी ली थी। बीवी को बिना बताए सोचा, आज ससुराल हो आऊँ। सुबह 10:30 बजे पहुँचा। ससुर जी 9:30 बजे ऑफिस चले जाते हैं और दोनों सालियाँ कॉलेज। मैंने घंटी बजाई। दस मिनट बाद अंदर से सासू माँ की आवाज आई, “कौन है?”

“मैं हूँ राजेश, आपका दामाद।”

दरवाजा खुला और मैं तो देखता ही रह गया। सासू माँ सिर्फ एक तौलिया लपेटे हुए थीं, वो भी एक हाथ से पकड़कर। पूरा बदन भीगा हुआ, पानी की बूँदें मोतियों की तरह चमक रही थीं। बाल लंबे और गीले, कूल्हों तक लहरा रहे थे। पहली बार उनकी नंगी जाँघें और पैर देखे – एकदम चिकने, गोरे और मुलायम। मेरा लंड पैंट में ही सनसना उठा।

“अरे तुम! इस वक्त यहाँ?” वो मुस्कुराईं।

“क्यों, इस वक्त नहीं आ सकता क्या?” मैंने हँसते हुए कहा।

“अरे बेटा, तुम तो इस घर के इकलौते बेटे हो। आओ… अंदर आओ… ये तुम्हारा ही घर है।” उनकी आवाज में वो मिठास, वो लचक… दिल धक से हो गया।

मैं ड्राइंग रूम में सोफे पर बैठ गया। वो दरवाजा बंद करके मेरी तरफ आईं। तौलिया मुश्किल से उनके बदन को ढक पा रहा था। मम्मे ऊपर-नीचे उछल रहे थे, जाँघें झलक रही थीं। वो इतनी सेक्सी लग रही थीं कि लंड पैंट फाड़कर बाहर आने को बेताब था। बिना सोचे मैंने हाथ से लंड को एडजस्ट किया। ये देखकर उनके चेहरे पर एक शरारती मुस्कान आ गई।

“क्या बात है, आज सुबह-सुबह ससुराल चले आए?” वो बोलीं।

“बस यहीं से गुजर रहा था। सोचा आपसे मिलता चलूँ।”

“मैं जरा नहा कर आती हूँ। तुम यहीं इंतजार करो। फिर कुछ दामाद की सेवा करती हूँ।” कहते हुए वो इठलाती हुई बेडरूम की तरफ चली गईं। मैं झुककर मैगजीन उठाने के बहाने उन्हें निहारता रहा। वो दरवाजे पर मुड़ीं, मुस्कुराईं और बोलीं, “सब ठीक है ना? कुछ चाहिए तो बिना झिझक ले लेना।”

“हाँ… हाँ… कोई प्रॉब्लम नहीं।”

वो अंदर चली गईं। मैंने कई बार उन्हें लेकर फैंटसी की थी, लेकिन सच में वो इतनी मस्त होंगी, कभी सोचा नहीं था। अब तो बस उनके बदन को भोगने की तमन्ना दिल में जोर मार रही थी।

कुछ देर बाद मैं उठा और बेडरूम की तरफ गया। बाथरूम का दरवाजा ठीक से बंद नहीं था। एक छोटी सी झिरी से अंदर झाँका। शावर चल रहा था, लेकिन सासू माँ नजर नहीं आईं। मैंने दरवाजा हल्का सा धकेला। शीशे में नजारा देखा तो लंड ने पैंट फाड़ दी।

सासू माँ टॉयलेट सीट पर बैठी थीं। एक हाथ में लंबा बैंगन अपनी चूत में अंदर-बाहर कर रही थीं और दूसरे हाथ से अपना निप्पल मसल रही थीं। आँखें बंद, सिसकारियाँ ले रही थीं। मुझसे रहा नहीं गया। सारे कपड़े उतारे और नंगा ही बाथरूम में घुस गया।

मुझे नंगा देखकर वो चौंकी नहीं, बल्कि मुस्कुराईं। उनकी नजर मेरे 7 इंच लंबे, 2 इंच मोटे लंड पर गई और आँखें चौड़ी हो गईं।

“ओई माँ… सुना तो था… लेकिन इतना बड़ा और कड़क होगा, ये विश्वास नहीं हो रहा… है राम… आज मेरी सालों की तमन्ना पूरी होगी।” वो बोलीं, आवाज में वो प्यास साफ झलक रही थी।

मैंने लंड पकड़कर उनके सामने हिलाया। वो उठीं, तौलिया गिर गया। एकदम नंगी, पानी की बूँदें बदन पर चमक रही थीं। वो मेरे पास आईं, लंड को हाथ में लिया और सहलाते हुए बोलीं, “सच में भारी है रे तेरा लंड… तेरी बीवी बहुत लकी है… और तेरी सासू माँ भी…”

मैंने उनके गीले बालों में हाथ डाला, गर्दन सहलाते हुए उन्हें अपनी तरफ खींचा और होंठों पर होंठ रख दिए। जीभ उनके मुँह में डालकर पागलों की तरह चूसने लगा। वो भी उतनी ही बेताबी से मेरी जीभ चूस रही थीं। हमारी साँसें गर्म हो गईं। मैंने उनकी जीभ को चारों तरफ से चाटा। वो सिसकारीं, “ये सब तूने कहाँ से सीखा?”

“मजा आ रहा है ना सासू माँ? ब्लू फिल्मों का असर।”

फिर मैंने उनकी गर्दन चाटते हुए नीचे आए। उनके मम्मे चट्टान जैसे सख्त और रसीले। एक को हाथ में लिया, दूसरा मुँह में। जोर-जोर से चूसने लगा। वो कराह उठीं, “इन्हें तो तेरे ससुर ने कभी मजा ही नहीं दिया… आज चूस-चूस कर खत्म कर दे।”

मैंने कहा, “तभी तो मेरी किस्मत में इतने ठोस मम्मे आए हैं। मुझे तो कुंवारी सास मिल गई।”

वो बोलीं, “बस अब जल्दी कर बेटा… अपना ये भारी लंड मेरी चूत में डाल दे। सालों से लंड की प्यासी है तेरी सासू माँ की चूत। फाड़ दे इसे आज।”

मैंने लंड उनकी चूत के मुँह पर रखा और रगड़ा। वो खुद ही कमर उठाकर लंड अंदर लेने की कोशिश करने लगीं। उनकी चूत बहुत टाइट थी। मैंने दो उँगलियाँ डालकर चूत फैलाई और पहले दो इंच अंदर धकेले। वो सिसकारीं, “ओई माँ… मर गई… हाय… ये तो सच में फाड़ देगा…”

मैंने कहा, “आपकी चूत भी तो बहुत टाइट है सासू माँ… आज इसे खोल दूँगा आपका ये दामाद।”

फिर एक जोर का धक्का दिया। आधा लंड अंदर चला गया। वो चीखीं, मुझे काट लिया और नाखून मेरी कमर में गड़ा दिए। लेकिन साथ ही उनकी चूत लंड को जोर से जकड़ने लगी। वो खुद कमर हिलाने लगीं। मैंने पूरा लंड अंदर ठूँस दिया और धीरे-धीरे फिर तेज-तेज ठोकने लगा। वो मेरे ऊपर चढ़ गईं, मुझे काट रही थीं, चूम रही थीं, जो मन में आया वो कर रही थीं। उनकी सिसकारियाँ, उनकी कराहत… कमरे में गूँज रही थीं।

“हाय… दया… आह्ह्ह्ह… मार गई रे… काश 20 साल पहले ऐसा लंड मिला होता…”

उस दिन सासू माँ ने मुझसे चार बार चुदवाया। एक बार तो किचन में खाना बनाते-बनाते डाइनिंग टेबल पर लिटाकर चोद दिया। उसके बाद हम अक्सर मिलते, ब्लू फिल्में देखते और नए-नए तरीके आजमाते। वो सच में बहुत भूखी थीं – भूखी शेरनी की तरह। और मुझे सबसे ज्यादा मजा इसी में आता था कि मेरे लंड से उनकी सालों की प्यास बुझ रही थी।

अब भी जब मौका मिलता है, मैं अपनी सासू माँ को खूब चोदता हूँ। वो मेरा लंड देखते ही पागल हो जाती हैं और मैं उनका रसीला बदन देखकर। बस यही है हमारा रिश्ता – दामाद और सास का, लेकिन बहुत खास।