सुबह की सैर पर मिली कुंवारी लड़की

वर्जिन Xxx कहानी मेरे पहले सेक्स की है. मोर्निंग वाक़ के समय मेरी दोस्ती एक लड़की से हो गयी. कुछ दिनों में ही हम चूमाचाटी और ओरल सेक्स तक पहुंच गये.

दोस्तो, मेरा नाम जय है और मैं गुजरात के एक छोटे से गांव में रहता हूं.

इस वर्जिन Xxx कहानी को लिखने से पहले मैं आपको मेरे बारे में थोड़ी सी जानकारी दे देता हूं.

मेरी उम्र 23 साल है. मेरी हाईट पांच फुट छह इंच है. मैं दिखने में एक औसत दिखने वाला युवक हूं.
मैं सूरत में एक फार्मा कंपनी में काम करता हूं.

ये सेक्स कहानी आज से 3 साल पहले की है. तब मैं थोड़ा मोटा सा था और इसलिए शायद मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी.
मैं हर वक्त किसी लड़की की तलाश में रहता था कि शायद कोई लड़की मेरी गर्लफ्रेंड बन जाए लेकिन कोई हाथ ही रखने देती थी.

पर वो कहते है ना कि ऊपर वाले के घर में देर है लेकिन अंधेर नहीं. कुछ ऐसा ही मेरे साथ भी हुआ.

सर्दी का मौसम था और मैं रोज सुबह जल्दी उठकर जॉगिंग करने जाने लगा था.
मैं रोज सुबह 4 बजे उठकर निकल जाता था, उतनी सुबह ज्यादा लोग नहीं आते थे.

एक दिन मैं जॉगिंग कर रहा था, तब मेरी नजर एक लड़की पर पड़ी.

आह … क्या बला की खूबसूरत लड़की थी. टाइट ब्लैक जॉगिंग ट्रैक और ऊपर ऑरेंज टी-शर्ट में उसके शरीर का हर एक उभर कर साफ साफ दिख रहा था.
उसको देखते ही मैंने उसको मन ही मन में उसको पटाने की कोशिश करने का सोच लिया था.

अब में उसको रोज देखता और उसको लाइन मारता रहता और स्माइल भी देता, जवाब में वो भी कभी कभी स्माइल दे देती.

ये सिलसिला करीबन एक हफ्ते तक चला.

फिर एक दिन मैंने हिम्मत करके उससे दोस्ती करने के लिए पूछ ही लिया.
मैंने उससे कहा- क्या आप मेरी फ्रेंड बनोगी?

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उसने तुरंत ही ऐसे हां कह दी, जैसे वो भी ऐसा ही चाह रही हो.

अब मैं आपको उस लड़की के बारे में बता देता हूँ.

उसका नाम सलोनी था. वो एकदम स्वर्ग की अप्सरा के जैसी खूबसूरत थी. एकदम दूध से भी गोरा उसका रंग … और मक्खन सा मुलायम उसका बदन था.

उसके फिगर की तो क्या बात करूं. उसका फिगर 34-28-36 का था.
और उसके स्तन इतने मादक थे कि उसको छूते ही कमजोर मर्दों का लंड पानी छोड़ दे.
उसकी गांड भी एकदम कोमल और उभरी हुई थी.

हमारी दोस्ती एक ही महीने में कब प्यार में बदल गई, पता ही नहीं चला.

हम दोनों रोज सुबह अंधेरे में किसी कोने में कभी चूमाचाटी करते … तो कभी मैं उसके बूब्स दबाता, चुत को सहला देता या कभी वह मेरा लंड चूस देती.

इतना सब हो जाने के बावजूद हमने अभी तक सेक्स नहीं किया था.

आग दोनों तरफ लगी थी और हम दोनों ही चुदाई का मजा लेना चाहते थे लेकिन कभी एक दूसरे को बता नहीं पा रहे थे.

फिर एक दिन मैंने जॉगिंग करते समय उससे मस्ती में पूछ ही लिया- सलोनी हम दोनों इतने दिनों से सब कुछ ऊपर ऊपर से ही करते हैं. आज मेरी इच्छा है कि हम कभी अपनी पूरी चुदाई कर ही लें.

वो इस बार भी जैसे पहले ही तैयार थी.
उसने मुझसे सिर्फ ओके कहा और मेरा हाथ पकड़ कर अपने घर की तरफ ले जाने लगी.

मैंने उससे पूछा कि किधर ले जा रही हो?
वो बोली- मेरे घर.

मेरी बुद्धि घूम गई कि ये लड़की क्या चाह रही है, अपने घर ले जाकर कैसे क्या करेगी.

मैंने उससे पूछने की बहुत कोशिश की. मगर उसने कुछ नहीं कहा, वो बस मुझे अपने साथ खींचे ले जा रही थी.

जैसे जैसे उसका घर आ रहा था, वैसे वैसे मेरी गांड फट रही थी कि शायद ये मुझे अपने घर जाकर अपने बाप के सामने खड़ा न कर दे.

लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. हम जैसे ही उसके घर पहुंचे, तो मैंने देखा कि उसके घर पर ताला लगा था.

मैं- सालू बेबी, तुम्हारे घर पर ताला क्यों है?
सलोनी- बाबू मेरे घर पर आज कोई नहीं है. मम्मी पापा दीदी के घर गए हैं. मेरी दीदी के देवर की शादी है … मैं नहीं गई क्योंकि कल से मेरे एग्जाम्स स्टार्ट हो रहे हैं.

ये सब सुनते ही मैं तो जैसे खुश होकर हवा में उड़ने लगा.

मैंने सोचा कि आज तो जिंदगी में पहली बार चुत चोदने को मिल रही है … मजा आ जाएगा.

ताला खोलकर जैसे ही हम घर के अन्दर घुसे, मैंने तुरंत सलोनी को पकड़ कर अपनी बांहों में खींच लिया और उसके मुलायम होंठों पर जोर जोर से किस करने लगा.
वो भी मेरा साथ देने को रेडी थी.

लेकिन उसको ये सब एकदम अचानक से लगा … तो वो अचकचा गई थी.

मैं उसको इस तरह से किस करते जा रहा था, जैसे मैं आज उसको खा ही जाऊंगा.

इतने में सलोनी ने मुझे हल्का सा धक्का देकर कहा- बाबू, दरवाजा तो बंद करने दो.

फिर सलोनी घर का दरवाजा बंद करके मुझे अपने मम्मी पापा के रूम में ले गई.

जैसे ही हम रूम में पहुंचे, तुरंत ही मैंने सलोनी को अपनी गोदी में उठाकर बेड पर पटक दिया और उसके ऊपर चढ़ कर उसे बेतहाशा चूमने लगा.
अब वो भी मेरा साथ दे रही थी.

उसके होंठ बड़े ही रसीले थे. वो भी इतनी गर्म हो गई थी कि उसकी गर्म गर्म सांसें मुझे महसूस होने लगी थीं.

किस करते करते उसने अपनी जुबान से मेरी जुबान को चूसना चालू कर दिया.

उसको और मुझे ऐसे चुम्बन में आज से पहले कभी इतना मजा नहीं आया था.

किस करते करते मेरे हाथ उसकी टी-शर्ट के ऊपर से ही उसके मुलायम मम्मों पर चले गए.
जैसे ही मेरे हाथ उसके बूब्स पर गए और मैंने एक दूध को हल्के से दबाया, तो उसके मुँह से एक सेक्सी सी अहह निकल गई.

जब मैं उसके मम्मों को उसकी टी-शर्ट के ऊपर से दबा रहा था, तो मैंने महसूस किया कि उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी.

मैंने अपना हाथ उसके पेट की साइड से नीचे से टी-शर्ट के अन्दर हाथ डाला.
और जैसे ही मैंने टी-शर्ट के अन्दर हाथ डाला, वैसे ही तुरंत उसने मुझे आंखों से ही इशारा करते हुए टी-शर्ट निकालने की अनुमति दे दी.

मैंने तुरंत ही उसकी टी-शर्ट निकाल कर उसे ऊपर से पूरी नंगी कर दिया और साथ में मैंने भी अपनी टी-शर्ट निकाल दी.

मैं उसकी नंगी चूचियों को देख कर पागल हो गया. उसके बाएं स्तन के ऊपर जो तिल था, वो उसके उभार की खूबसूरती को और निखार रहा था.

मैं उसके मम्मों पर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा. एक स्तन को दबाता तो दूसरे स्तन को पूरा मुँह में लेकर चूसने की नाकाम कोशिश कर रहा था.
उसकी चूची बड़ी थी इसलिए मुँह में पूरी आ नहीं रही थी.

उसे भी चूची चुसवाने में इतना मजा आ रहा था कि उसके मुँह से मादक आवाजें निकल रही थीं.

उसके बाद अब बारी सलोनी की थी.

उसने मुझे अपने ऊपर से हटा कर मुझे बेड पर लिटा दिया और वो मेरे ऊपर आ गई.

मेरे ऊपर आते ही उसने मुझे भूखी शेरनी की तरह देखा और मेरे होंठों पर, मेरे गले पर और मेरी छाती पर बेतहाशा चूमने लगी.
चूमते चूमते उसने मेरे ट्रैक पैंट को निकाल दिया.

मैं ट्रैक के नीचे निक्कर नहीं पहनता था, इसलिए जैसे ही उसने मेरा ट्रैक पैंट निकाला … मेरा लंड उछल कर बाहर आ गया.

मेरा छह इंच लम्बा मोटा लंड देखकर उसकी आंखों में वासना के डोरे तैरने लगे.
अब तक उसने लंड को पैंट की जिप से निकाल कर चूसा ही था लेकिन पूरा खोल कर नहीं देखा था. वो मेरे फुंफकारते लंड को देख कर एकदम से मस्त हो गई.

उसने पहले मेरे लंड को हाथ में लेकर प्यार से हिलाया और अचानक से ही गप्प से अपने मुँह में भर लिया.

मुझे तो एक अलग ही आनन्द की अनुभूति होने लगी.

कुछ दो मिनट लंड चुसवाने के बाद अचानक से मैं उठ गया और उसको उठा कर उसकी ट्रैक पैंट निकाल दी.

अब मैं बेड पर लेट गया और उसको मेरे ऊपर इस तरह लेटाया कि उसकी चुत मेरे मुँह की ओर … और उसका मुँह मेरे लंड की ओर हो जाए … मतलब हम 69 की पोजीशन में आ गए थे.

फिर सलोनी ने वापस मेरे लंड को अपने मुँह में भर लिया और मैं उसकी मक्खन जैसी चुत को चाटने लगा.

सलोनी की चुत में से पानी भी बह रहा था, जो स्वाद में थोड़ा नमकीन था … लेकिन मुझे उस चाट कर पीने में बहुत अच्छा लग रहा था.

थोड़ी देर लंड और चुत की चुसाई के बाद हम दोनों साथ में ही झड़ गए.
सलोनी मेरा सारा पानी पी गई और मैं उसका सारा पानी चाट गया.

फिर सलोनी उठकर मेरे बगल में लेट गई और अपने हाथों से मेरे लंड को वापस जगाने में लग गई.
थोड़ी देर बाद मेरा लंड वापस खड़ा हो गया.

लंड खड़ा होते ही सलोनी ने मेरी तरफ देखा और गेम स्टार्ट का इशारा कर दिया.
उसने मेरे लंड को अपने मुँह में वापस भर लिया ताकि मेरा लंड उसके थूक से गीला हो जाए और उसकी चुत में डालते समय ज्यादा दिक्कत ना हो.

थोड़ी देर बाद मैं बेड से नीचे उतर आया और उसको बेड के किनारे लिटा दिया; उसकी गांड के नीचे तकिया रख दिया जिससे उसकी चुत ऊपर को हो जाए.

अब मैंने उसकी चुत पर थोड़ा थूक लगाया और मेरे लंड को उसके ऊपर रगड़ने लगा.

लंड की रगड़ की वजह से उसको बहुत मजा आ रहा था और वह मादक आवाज निकालते हुए कहने लगी- आह … जय अब चोदो मुझे … मुझसे रहा नहीं जाता अब … मैं मर जाऊंगी … जल्दी से चोद दो ना मुझे … ओह.

उसके इतना कहते ही मैंने लंड को चुत पर सैट किया और एक धक्का दे मारा.

धक्का मारते ही लंड का सुपारा चुत को चीरते हुए अन्दर चला गया.

जैसे ही लंड चुत के अन्दर गया, सलोनी की जोर से चीख निकल गई- ओए मर गई मां … आह मेरी चुत फाड़ दी तुमने … आह … जल्दी से अपना लंड बाहर निकालो … मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

उसके इतना बोलते ही मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और उसे प्यार से चूमता और चूसता रहा.

थोड़ी देर बाद मैंने वापस जोर से धक्का मारा. इस बार मेरा आधे से ज्यादा लंड उसकी चुत में चला गया.

इस बार उसको बहुत ज्यादा दर्द होने लगा और वो मुझसे अपने आपको छुड़ाने की नाकाम कोशिश करने लगी.

इतने में ही तुरंत मैंने तीसरा धक्का भी दे मारा और मेरा पूरा लंड उसकी मखमली चुत में चला गया.

अब वो रोने लगी.

मैं उसको किस करते करते हल्के हाथों से उसकी चूची भी मसलने लगा.

थोड़ी देर बाद जब उसे अच्छा लगने लगा, तो उसने अपनी गांड उठा कर मुझे इशारा किया.
इशारा मिलते ही मैं धीरे धीरे पूरे लंड को चुत में अन्दर बाहर करने लगा.

‘आह … ओह … उम् … चोदो मुझे ..’ सलोनी की ऐसी मादक आवाजों से पूरा कमरा गूंज रहा था.

चुदाई से सलोनी की चुत में से पानी बहने के कारण ‘फच फक पच पच ..’ की आवाज भी आने लगी थी.

तकरीबन 20 मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी.

अब सलोनी गांड उठाते हुए लंड लील रही थी और मस्ती में आवाज कर रही थी- आह जोर से चोदो मेरे बाबू … आह … मुझे चोद चोद कर अपनी रखैल बना लो ओह … मजा आ रहा है मुझे उम्म … आउच ओह माय गॉड आज पूरा दिन चोदते रहो जय … आई लव यू.

इतनी देर में सलोनी एक बार झड़ चुकी थी लेकिन मेरा अभी बाकी था.
मैंने सलोनी को घुटने के बल करके उसको घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चुत में लंड पेल कर चोदने लगा.

इस पोजीशन में चोदने का मजा ही कुछ और होता है.

करीब दस मिनट चोदने के बाद अब मैं झड़ने वाला था.

मैंने सलोनी से पूछा- मैं झड़ने वाला हूँ … रस कहां निकालूं?
सलोनी ने जवाब दिया- आह जय, मैं भी झड़ने वाली हूं, तू मेरे अन्दर ही निकालो मुझे तुम्हारा पानी अपने अन्दर महसूस करना है.

फिर 3-4 जोरदार धक्कों के बाद हम दोनों साथ में ही झड़ गए और मैं उसके ऊपर ही लेट गया.

थोड़ी देर बाद सलोनी ने उठ कर मेरे लंड को चाट कर साफ़ कर दिया.

हम दोनों ने आधे घंटे बाद फिर से एक बार चुदाई की और मैं अपने घर आ गया.

सलोनी के साथ चुदाई का ये सिलसिला उसके मम्मी पापा के आने तक चला.
फिर हम सुबह के समय सड़क पर अंधेरे का सहारा लेकर किसी कोने में भी सेक्स करने लगे.

एक बार एक नए शादीशुदा कपल ने हमें सेक्स करते हुए पकड़ लिया था लेकिन हमने उनको पटा कर हमारे साथ शामिल कर लिया.

हमने उनको कैसे पटाया और आगे क्या हुआ, वो मैं आपको मेरी अगली सेक्स कहानी में बताऊंगा.

तो दोस्तो, ये थी मेरी पहले संभोग की कहानी. आपको ये वर्जिन Xxx कहानी कैसी लगी, वो आप मुझे ईमेल में बता सकते हैं.
मेरी ईमेल आईडी है
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