गे रोड सेक्स कहानी में मुझे गांड मरवाने का शौक है. एक बार मुझे ट्रक में लिफ्ट लेनी पड़ी. मेरी नजर उसके लंड पर जा रही थी. वह समझ गया. उसने और ड्राईवर दोस्तों को भी बुला लिया.
दोस्तो, मैं दिल्ली में रहता हूँ और गांड मरवाने का शौकीन हूँ.
मुझे किसी भी अनजान आदमी से गांड मरवाने में मजा आता है.
Gay Road Sex Kahani तब की है जब बारिश का मौसम चल रहा था, तो सारे दिन से तेज बारिश हो रही थी.
काम खत्म करके मुझे अपने घर जाना था और रात काफी गहरा गई थी.
मुझे घर जाने के लिए कोई बस या अन्य साधन नहीं मिल रहा था.
मैं उधर खड़े लोगों से बात करने लगा कि क्या किया जाना चाहिए.
तभी किसी ने मुझसे कहा- तुम नेशनल हाईवे पर चले जाओ, वहां पर ट्रक मिल जाएंगे. किसी ट्रक से तुम अपने घर चले जाना.
मुझे उस आदमी का आइडिया अच्छा लगा और मैं वहां से निकल गया.
मैंने नेशनल हाईवे पर जाकर बहुत से ट्रक वालों को हाथ दिया लेकिन कोई नहीं रुक रहा था.
एक तो पानी भी नहीं रुक रहा था और ट्रक रुकवाने के चक्कर में मैं काफी भीग गया था.
बहुत देर बाद एक ट्रक वाले ने गाड़ी रोक दी थी.
उसने मुझसे पूछा कि क्या काम है?
तो मैंने उससे कहा कि मुझे फलां जगह जाना है.
वह मुझसे पता पूछने लगा कि उधर किधर उतरना है?
मुझे जहां जाना था, मैं उसे वहां का एड्रेस बता दिया.
उसने कहा- अच्छा ठीक है अन्दर आ जाओ और बैठ जाओ. पर रास्ते में मैं एक घंटे के लिए रुकूंगा, मुझे खाना पीना है.
मैंने कहा- ठीक है, चलो.
मैं गाड़ी के अन्दर बैठ गया.
अन्दर ट्रक ड्राइवर था और उसके साथ में एक उसका साथी था.
मैं अन्दर बैठ गया और गाड़ी चलने लगी.
कम से कम बीच 25 किलोमीटर दूर जाने के बाद एक सुनसान जगह पर एक दारू का ठेका दिखाई दिया.
उसने मुझसे कहा कि तुमको जाकर यहां से दारू लेकर आना है.
मैंने बोला- हां ठीक है, ले आऊंगा.
मैं वहां से निकल गया और उधर से दारू की दो बोतल लेकर गाड़ी के अन्दर आ गया.
उसने कहा- नहीं, अभी नहीं पिएंगे मेरे साथ में दो गाड़ियां और आ रही हैं, वे दोनों भी यहीं रुकेंगी और हम सब गाड़ी वाले मिलकर साथ में पिएंगे.
मैंने कहा- ठीक है. वे गाड़ियां कितनी देर में आएंगी?
उसने कहा- पीछे ही चल रही हैं, पर तेरा मन है तो अभी शुरू कर सकते हैं.
मैं चुप रहा.
मेरा मन कर रहा था कि अभी ही एक एक पैग ले लेते क्योंकि पानी बरसने से मौसम में हल्की ठंडक हो गई थी और हवा के कारण हल्की सर्दी सी भी लग रही थी.
अचानक ट्रक ड्राइवर बोला- चल, थोड़ी थोड़ी ले ही लेते हैं.
ड्राइवर मुझे लेकर ट्रक से नीचे आ गया और हम दोनों सड़क के किनारे एक अंधेरी जगह पर बैठ कर पैग लेने लगे.
ऐसे करके हम लोगों ने पीना चालू कर दिया.
दो गिलास पीने के बाद मुझे नशा हो गया.
तभी दो और गाड़ियां पीछे से आ गईं.
वे भी रुक गईं.
मेरे साथ वाले ड्राइवर ने उन गाड़ियों में से एक को कॉल किया- इधर आ जाओ, हम लोग गाड़ी के नीचे सुनसान में बैठे हैं. यहीं पर पार्टी चल रही है.
वे लोग भी वहीं आ गए और हमने मिलकर साथ में पीना स्टार्ट कर दिया.
तभी मेरी नजर उनमें से एक के ऊपर गई.
उस ड्राइवर ने लुंगी पहन रखी थी और उसमें से उसका खड़ा लंड साफ साफ दिख रहा था.
उसका लंड बहुत मोटा था और काले रंग का था.
मैं उसको लगातार देख रहा था.
तभी मेरी निगाहों को एक दूसरा ड्राइवर भी देख रहा था.
वह समझ चुका था कि मुझे मरवाने का शौक है.
इसलिए उसने मुझसे बोला- क्या तुम मेरी हेल्प करोगे, मुझे बाथरूम जाना है. मेरा हाथ पकड़ कर मुझे थोड़ी दूर ले चलोगे?
मैंने बोला- ठीक है चलो.
हम दोनों थोड़ी दूरी पर चले गए.
वहां से साइड में झाड़ियां थीं.
वहां जाकर उसने जानबूझ कर अपनी लुंगी उठाए बिना पेशाब करना शुरू कर दिया.
मैंने कहा- अरे रुको रुको. तुम्हारी लुंगी खराब हो जाएगी!
ऐसा कह कर मैंने उसकी लुंगी को खोल दिया और उसका खड़ा लंड पकड़ कर सीधा कर दिया.
जैसे ही मैंने उसका लंड पकड़ा, वह मुझे पटक कर मेरे ऊपर चढ़ गया और मेरे मुँह में अपना लंड देने लगा!
उसी वक्त उसने मूतना चालू कर दिया, तो उसका मूत मेरे मुँह में आना शुरू हो गया.
मैंने भी झट से उसका पूरा लंड मुँह में ले लिया और मस्ती से चूसने लगा.
मैंने उसके लौड़े को इतना ज्यादा चूसा कि उसका लंड पूरा कड़क होकर एकदम लोहे सा टाइट हो गया था.
उससे कंट्रोल नहीं हो रहा हो रहा था तो उसने मेरा लोवर खोल दिया और मेरी गांड को दबाने लगा.
जैसे जैसे मेरी गांड को दबा रहा था, वैसे वैसे मेरा मूड बन रहा था.
फिर दारू का नशा भी मुझे बिंदास कर रहा था.
कुछ ही देर में ज्यादा जोश में आकर मैंने उसके सामने अपनी गांड कर दी थी.
‘लो भाया आप अपने लौड़े को इसमें ठंडा करो.’
उसने कहा- रुको, मैं गाड़ी के अन्दर जाता हूं और नीचे कुछ बिछाने का लेकर आता हूं.
वह गाड़ी के अन्दर चला गया था. मुझे नहीं पता था कि वह गाड़ी में क्या करने गया. पर कुछ देर बाद एक साया सा आता दिखा, तो मैंने देखा कि उसके बदले दूसरा ड्राइवर उसी जगह पर आकर सुसु करने लगा था.
तभी पहले वाले ने मुझे आवाज दे दी थी कि आ जाओ.
मैं उसके पास चला गया था.
उसने प्लास्टिक की दरी नीचे बिछाई और मुझे घोड़ी बना दिया. वह मेरे आगे की तरफ आकर मेरे मुँह में लंड देने लगा.
वह मस्ती से अपने लौड़े को मेरे मुँह में दे रहा था.
मुझे अपनी गांड में कुलबुली होने लगी थी तो मैंने उससे कहा कि अब आप पीछे का नजारा भी देख लो.
वह दारू के नशे में बोला- हाँ अभी आता हूँ.
वह मेरे पीछे की तरफ आया और मेरी गांड पर हाथ मारा.
मेरे चूतड़ दबाते हुए अच्छे से हाथ को घुमाया.
फिर अपनी एक उंगली मेरी गांड में डाली और तत्काल अपना लंड छेद में अन्दर डाल दिया.
उसने एक ही झटके में अपना लंड अन्दर डाल दिया था इसलिए मेरे मुँह से चीख निकल गई.
आवाज सुनकर जो आदमी सुसू करने आया था, वह दौड़ कर मेरे पास आ गया.
जैसे ही उसने नजारा देखा, उसकी आंखें खुली की खुली रह गईं कि मेरी गांड के अन्दर उसके साथ का लंड फंसा हुआ था.
यह देखते ही उसने भी अपनी लुंगी खोल दी और तुरंत मेरे आगे आ गया.
अब वह अपना लंड मेरे मुँह में देने लगा.
मैं भी खुशी-खुशी उसके लौड़े को चूसने लगा था.
अब मेरे पास दोनों लगे थे.
मुझे बहुत सुकून मिल रहा था और मैं बहुत इंजॉय कर रहा था.
आज काफी दिनों बाद खुले आसामान में अंधेरे में मेरी गांड मारी जा रही थी.
कोई डर नहीं था और कोई आने वाला नहीं था.
पीछे वाला अब इतने अच्छे झटके दे रहा था कि मस्ती दोगुनी होने लगी थी.
थोड़ी देर में पीछे वाले का पानी निकल गया और वह बोला- मैं गाड़ी में जा रहा हूं.
यह कह कर वह वहां से चला गया और अब मेरी गांड में दूसरे का लंड आ गया था.
मैं उसका लंड भी चूस कर खड़ा कर चुका था.
मैंने उसे अपनी गांड सौंप दी- आ जाओ, तुम भी मजे ले लो!
जब उसने अपना लंड मेरी गांड के अन्दर डाला, तो पुनः दर्द हुआ.
क्योंकि उसका लंड बहुत बड़ा था.
कुछ देर तक तो मुझे और ज्यादा दर्द हुआ मगर जैसे तैसे करके मैंने उसका लंड पूरा अन्दर ले लिया और अच्छे से पूरी गांड खोल कर उसे मजा देने लगा.
मैं घोड़ी बनकर ही मजे ले रहा था, तभी जो मेरी गांड बजा कर अपनी गाड़ी के पास चला गया था, उसने जाकर बाकी के तीन लोगों को बता दिया कि मस्त गांडू हाथ लगा है.
वह उनको वहीं पर बुला कर ले आया और अब सारे के सारे लंड हिलाते हुए ही सामने खड़े हो गए.
मैं डर गया कि ये तो मेरी गांड का कबाड़खाना कर देंगे.
मैंने अलग हटते हुए मना कर दिया.
उनमें से एक ने कहा- तुझे जो चाहिए, वह ले ले लेकिन सबका काम करवा दे.
मैंने बोला- इतने लोगों से मैंने कभी एक साथ नहीं किया है.
एक ने कहा- अबे तो आराम आराम से ले ले न … जल्दी क्या है!
यह कह कर वे सारे के सारे पास में आकर बैठ गए.
इस तरह से मैं उनके सामने गांड मरवाता रहा
उन पांचों ने पूरे 4 घंटे तक मेरी गांड मारी.
हर एक ने मेरी गांड को 2 राउंड मारा.
उन्होंने 4 घंटे तक इंजॉय किया.
तब जाकर उन्होंने बोला कि चलो अब खाना खाते हैं.
मैं बोला- नहीं, मुझे नहीं खाना है. मुझे बहुत दर्द हो रहा है. मैं गाड़ी में जाकर सो रहा हूं.
मैं सोने के लिए गाड़ी में चला गया और जाकर लेट गया.
उस वक्त दर्द तो हो रहा था लेकिन मजा भी आया था तो मैं अपने लंड को सहलाने लगा.
मेरा फिर से गांड मरवाने का मन करने लगा था.
तभी उनमें से एक आ गया.
उसका मन शायद भी भरा नहीं था इसलिए वह मेरे पास आ गया था.
वह अन्दर आ करके बोला- जानू प्लीज, एक बार और मेरा काम करवा दे!
मैंने कहा- ठीक है. मैंने कौन से कपड़े पहन रखे हैं. तुम आ जाओ.
वह पीछे से लेट गया और उसने अपने लंड को मेरी गांड में लंड पेल दिया.
कुछ देर बाद वे सब गाड़ियों में आ गए तब तक मैं फारिग हो गया था.
मैंने कपड़े पहन लिए और बोला कि मुझे मेरी जगह पर छोड़ देना.
एक हंसा और बोला- अबे साथ में चल … तू मेरे काम की चीज है!
मैं एक बार को तो डर गया कि कहीं साले सभी ऐसा न कहने लगें.
यही हुआ भी, उन लोगों ने खाना खाने के बाद पुनः अपना प्रोग्राम चालू कर दिया था.
गे रोड सेक्स में इस बार उन सबके लौड़े झड़े हुए थे तो सबका लंड बहुत देर तक चला.
ऐसा करते-करते मैं काफी थक गया था. अब ट्रक चलने लगे थे.
वहां से मैं मेरे गांव के पास में रास्ते में उतर गया.
एक ने कहा कि हम वापस आएंगे तो मिलोगे?
मैंने मरी सी आवाज में कहा- हां जरूर मिलूंगा.
उन लोगों ने अपना अपना कांटेक्ट नंबर दे दिया और मैं गिरते पड़ते अपने घर चला गया.
दो दिन बाद मेरी हालत सही हुई थी.
मगर मेरी गांड को इतने बड़े बड़े लौड़े मस्त सुकून दे गए थे.
बस यह हुआ था कि सालों ने बिना तेल लगाए मेरी ले ली थी और सबके हथियार बहुत बड़े बड़े थे तो गांड परपरा रही थी.
आज भी हम लोग एक दूसरे से मिलते हैं.
आपको मेरी गांड चुदाई की कहानी अच्छी लगी होगी.
तो कमेन्ट जरूर करना ताकि मैं आपके सामने और अच्छी से अच्छी कहानी ला सकूँ.
मैंने पहली बार अपनी गे रोड सेक्स कहानी लिखी है और यह मेरे जीवन की सच्ची सेक्स कहानी है.
[email protected]