पति के बॉस ने मुझे यौन सुख दिया- 3

फर्स्ट ऐनल सेक्स का मजा मुझे दिया मेरे पति के बॉस ने! पिछली रात उन्होंने मेरी चूत 3 बार चोदी तो मुझे बहुत मजा आया. पर आज वे मेरी गांड मारने की बात करने लगे तो मुझे बहुत डर लगा.

नमस्कार दोस्तो, कहानी के अगले भाग में आप सभी का स्वागत है।

अभी तक कहानी के दूसरे भाग
मैं पति के बॉस से सेट हो गयी
में आपने पढ़ा है कि किस तरह से मैं अपने पति के बॉस के सम्पर्क में आई और धीरे धीरे हम दोनों करीब आते गये।
इसके बाद कैसे उन्होंने मुझे चोदा।

अब आगे My First Anal Sex Story:

मेरे पति 4 दिनों के लिए बाहर गए थे या फिर यों कहें कि उनके बॉस ने जानबूझकर उन्हें भेजा था ताकि वे मेरी चुदाई कर सकें।
हम दोनों 4 दिन तक मिलने वाले थे और अभी तो एक ही दिन हुआ था।

एक दिन की ही चुदाई में मेरा सारा बदन दर्द कर रहा था।
बॉस के जोरदार धक्कों ने मेरे पूरे बदन को हिला कर रख दिया था और उनके जाने के बाद सारा दिन मेरी कमर दर्द करती रही थी।

दोपहर में खाना खाने के बाद शाम 5 बजे तक मैं सोती रही।

उठने के बाद मैं घर का काम करने लगी और इसी दौरान बॉस का फोन आया और उन्होंने मुझसे खाना नहीं बनाने के लिए कहा।

घर का काम खत्म करने के बाद मैं अपने कमरे में आराम कर रही थी।

आज भी मैंने अपने बिस्तर पर नई चादर बिछा कर बिस्तर को अपनी चुदाई के लिए तैयार कर लिया था।

रात 8 बजे तक बॉस का कोई पता नहीं था और बाहर बेहद तेज बारिश हो रही थी।

करीब साढ़े आठ बजे मेरे दरवाजे की घण्टी बजी और मैंने दरवाजा खोला।

सामने बॉस आधे भीगे हुए एक हाथ में एक में पार्सल लिए हुए खड़े थे।

मैंने उन्हें जल्दी से अंदर बुलाया और दरवाजा बंद कर दिया।

अंदर आते ही उन्होंने अपने गीले कपड़े निकाल दिए और तौलिया लपेट लिया।

वे होटल से ही खाना पैक करवा कर लाये थे और साथ में अपने लिए एक शराब की बोतल।

मैंने दोनों के लिए खाना लगाया।

वे चिकन लाये थे और खाने के साथ साथ वे शराब भी पीते जा रहे थे।

रात करीब साढ़े नौ बजे तक हम दोनों खाना खाकर निवृत हो गए थे।

बॉस शराब के नशे में थे और बेडरूम में आकर बिस्तर पर बैठे हुए थे।

मैं जल्दी जल्दी बर्तन धोने के बाद बेडरूम में आई.

उन्होंने तुरंत ही मुझे अपनी तरफ खींच कर अपनी गोद में बैठा लिया।

उस वक्त उन्होंने केवल चड्डी पहनी हुई थी और उनका लंड बिल्कुल सुस्त पड़ा हुआ था।

आज मैंने एक गाउन पहना हुआ था और अंदर से पूरी तरह से नंगी थी … मतलब अंदर मैंने ब्रा पेंटी नहीं पहनी हुई थी।

अपनी गोद में बैठाकर वे मेरी सुंदरता की तारीफ कर रहे थे।
धीरे धीरे उन्होंने मेरे गाउन को ऊपर करना शुरू किया जल्द ही गाउन निकालकर मुझे पूरी तरह से नंगी कर दिया।

इसके बाद उन्होंने भी अपनी चड्डी निकाल दी और नंगे हो गए.

वे पूरी तरह से शराब के नशे में थे और मुझे गोद में बैठाकर दोनों हाथों से मेरी कमर को जकड़े हुए थे।
धीरे धीरे उनके लंड में तनाव आना शुरू हो गया और मुझे मेरी चूतड़ पर लंड का अहसास होने लगा।
उन्होंने अपने लंड को मेरे चूतड़ों की दरार में फंसा लिया था और उनका सुपारा सामने चूत के नीचे से निकला हुआ था।

उन्होंने अपना मोबाइल फोन उठाया और उसमें एक वीडियो चला दी।
वो एक पोर्न वीडियो थी।

मैं वैसे ही उनके गोद में बैठी हुई थी और हम दोनों वह वीडियो देखने लगे।

उसमें एक अफ्रीकी लड़का था जो बेहद हट्टा कट्टा था और उसका लंड काफी ज्यादा लम्बा था। वह एक गोरी लड़की को बुरी तरह से चोद रहा था और लड़की बुरी तरह से चिल्ला रही थी।
वह अफ्रीकी उस लड़की को तरह तरह के पोजीशन में चोद रहा था। पहले तो उसने लड़की की चूत चोदी, फिर उसे पेट के बल लेटा कर उसकी गांड में अपना लंड डाल दिया।

हम दोनों बड़े गौर से वे वीडियो देख रहे थे।
मैं अपने हाथ में मोबाइल पकड़ी हुई थी और बॉस अपने एक हाथ से मेरे दूध दबा रहे थे और दूसरे हाथ से मेरी जांघ सहला रहे थे।

वीडियो में जब वे अफ्रीकी लड़का उस लड़की की गांड चोदने लगा तो बॉस ने मुझसे कहा- आज हमें भी ऐसा ही करना है।

“हट … ये सब गंदा है, ऐसा नहीं करेंगे।”
“कुछ गंदा नहीं है, बस तुम देखना कितना मजा आएगा।”
“नहीं नहीं, मुझे नहीं करना ऐसे … मैंने आज तक नहीं किया वहाँ!”

“क्या सच में तुमने वहाँ नहीं किया कभी?”
“नहीं, कभी नहीं!”

“इसका मतलब तुम्हारी गांड कुँवारी है अभी तक!”
“जी।”
“अरे वाह, तब तो आज उसकी सील मैं ही तोड़ूंगा।”

“नहीं नहीं, मुझे डर लगता है, मैं नहीं करुँगी।”
“कुछ नहीं होगा मैं बड़े आराम से करूंगा।”

इसके बाद उन्होंने मुझे खड़ी कर दिया और मेरे होंठों को चूमने लगे।
मैं भी उनका साथ देने लगी और उनके दोनों हाथ मेरे नंगे बदन को सहलाने लगे।

उनका हाथ पीठ से लेकर मेरी गांड तक जा रहा था और वे मेरे होंठों को चूमे जा रहे थे।

फिर उन्होंने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और मेरे ऊपर आ गए।
उन्होंने सीधा मेरे दोनों दूध पर हमला कर दिया और निप्पल चूसने के साथ साथ दोनों हाथों से बेरहमी से मेरे दूध मसलने लगे।

कुछ देर बाद वे मेरे सीने पर आकर अपने घुटनों के बल बैठ गए।
अब उनका तना हुआ लंड मेरे चेहरे के सामने था।

उन्होंने हाथ से पकड़कर अपना लंड मेरे चेहरे पर घुमाने लगे।
फिर सुपारे को मेरे होंठों पर रगड़ने लगे.

जैसे ही मैंने थोड़ा मुँह खोला, अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया और धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगे।

मैं भी जोश में थी और उनके लंड को चूसने लगी।
काफी देर तक मैं उनके लंड को चूसती रही.

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फिर वे मेरे ऊपर से उठकर मेरी चूत को चाटने लगे।
उनके चूत चाटने से मैं जल्द ही गर्म हो गई और चुदाई के लिए तैयार हो गई।

अब तक वे भी पूरी तरह से गर्म हो गए थे और वे मेरे ऊपर आ गए।
एक हाथ से लंड पकड़कर वे मेरी चूत में रगड़ने लगे और फिर छेद में सुपारा लगाकर दोनों हाथों से मेरी पीठ को जकड़ लिया।

उन्होंने इस बार एक जोरदार धक्का लगा दिया और लंड एक बार में ही मेरी चूत को फाड़ता हुआ अंदर तक चला गया।
उनके इस तरह से लंड डालने से मैं जोर से चीख पड़ी- ऊऊईई ईई मम्मी ईईई आआह … कैसे कर रहे हैं सर आप?

“सॉरी जान, आज ज्यादा ही जोश में आ गया था।”
“ऐसा मत करिए, आराम से डालिये, तकलीफ होती है।”
“ओके जान … अब नहीं करूंगा, सॉरी!”

इसके बाद उन्होंने धक्का लगाना शुरू कर दिया और फक फक फक की आवाज के साथ लंड किसी मशीन की तरह मेरी चूत में जाने लगा।

‘आआह आआह ऊउफफ उफ्फ्फ आआह’ की आवाज के साथ मैं चुदाई का मजा लेने लगी।

आज बॉस नशे में थे और उनके अंदर कुछ ज्यादा ही जोश था।
ऐसा लग रहा था जैसे मेरी चूत का भोसड़ा बना देंगे।

लेकिन वे जितना जोर से मुझे चोद रहे थे. उतना ज्यादा मजा मुझे मिल रहा था।

आज तो मुझे कल से भी ज्यादा मजा मिल रहा था।
शायद कल पहली चुदाई में थोड़ी शर्म थी और आज हम दोनों की शर्म खत्म हो गई थी।

करीब दस मिनट तक बिना रुके वे दनादन मुझे चोदते रहे जिससे मैं झड़ गई.
लेकिन वे तो लंबी रेस के घोड़े हैं और इतनी जल्दी झड़ने वाले नहीं थे।
वे लगातार मुझे चोदे जा रहे थे।

कुछ ही देर बाद मुझे फिर से पहले जितना ही मजा आने लगा और मैं एक बार फिर से गर्म हो गई थी।

मेरी चूत पानी से लबालब भर गई थी और पूरे कमरे में फच फच की गंदी सी आवाज गूंज रही थी।

कुछ देर बाद उन्होंने अपना लंड बाहर निकाला तो मैंने देखा कि उनके लंड के चारों तरफ झाग ही झाग लगा हुआ था।
मैंने अपनी चूत देखी जो पूरी तरह से झाग से ढकी हुई थी।

अब आप समझ सकते हैं कि उन्होंने मुझे किस रफ्तार से चोदा था कि मेरी चूत का पानी झाग बन गया था.

मैंने एक कपड़े से अपनी चूत साफ़ की और फिर बॉस ने भी अपने लंड को साफ किया।

अब उन्होंने मुझे पेट के बल लेटने के लिए कहा.
मैं समझ गई कि ये मेरी गांड चोदने की सोच रहे हैं।

मैंने मना कर दिया क्योंकि मैंने कभी गांड नहीं मरवाई थी.
लेकिन उन्होंने मुझसे बार बार आग्रह किया और बोले- अगर दर्द हुआ तो नहीं करेंगे।

उसके बाद मैं फर्स्ट ऐनल सेक्स का मजा लेने के लिए अपने पेट के बल लेट गई और उन्होंने मेरी दोनों टांगों को फैला दिया।

उन्होंने दोनों हाथ से मेरे कूल्हों को फैलाया और अपने मुँह से थूक निकालकर मेरी गांड की छेद में लगाया।

उसके बाद वे मेरे ऊपर आ गए और एक हाथ से लंड को छेद में लगा दिया।
उन्होंने मुझे जोर से जकड़ लिया।

अब उन्होंने धीरे धीरे दबाव देना शुरू किया और जैसे ही उनका सुपारा छेद में अंदर गया, मैं जोर से चिल्लाई- ऊऊईई ईई मम्मी ईईई आआह … नहीं नहीं … मैं नहीं झेल पाऊंगी … आआह रुकिए आआह!

लेकिन उन्होंने मुझे कसके जकड़ लिया और मैं बस अपने पैर पटकती रही।
धीरे धीरे करते हुए उन्होंने पूरा मूसल जैसा लंड मेरी गांड में डाल दिया।

मेरा चेहरा और आँखें ऐसी हो गई जैसे आँखें बाहर निकल जायेंगी।

मुझे बेइंतहा दर्द हो रहा था लेकिन उन्होंने मेरी एक बात नहीं सुनी और ऐसे ही लंड डालकर मेरे ऊपर लेट गए।

वे चुपचाप मेरे ऊपर लेटे हुए थे और उनका लंड अंदर तक मेरी गांड में घुसा हुआ था।

मैं दर्द से बिलख रही थी, उनसे मिन्नतें कर रही थी कि बाहर निकाल लो.
लेकिन वे मेरी बात जैसे सुन ही नहीं रहे थे।

काफी देर तक वे ऐसे ही मेरे ऊपर लेटे रहे और फिर धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करने लगे।

उनका मोटा लंड उस छोटे से छेद में बुरी तरह से कसा हुआ था और वे धीरे धीरे मुझे चोद रहे थे।

मैं बहुत कोशिश कर रही थी कि किसी तरह से वे लंड बहार निकाल लें लेकिन वे लंड बाहर करने के मूड में नहीं थे।

ऐसे ही धीरे धीरे उन्होंने काफी देर तक मेरी गांड को चोदा.
फिर मेरी गांड का छेद जब थोड़ा ढीला हुआ तो मेरा दर्द भी कम होना शुरू हो गया।

अब मैं चुपचाप लेटी रही और उन्होंने अपनी रफ्तार तेज करनी शुरू कर दी।

जल्द ही उनका लंड आराम से अंदर बाहर होने लगा और वे पूरी रफ्तार से मुझे चोदने लगे।

उनके धक्के जोर जोर से मेरे चूतड़ों पर लग रहे थे जिससे फट फट की आवाज निकल रही थी।

वे अपनी कमर घुमा घुमा कर मुझे चोद रहे थे लेकिन पता नहीं क्यों मुझे गांड चुदवाने में बिल्कुल मजा नहीं आ रहा था।
बल्कि मुझे बहुत गंदा महसूस हो रहा था।

लेकिन उन्हें शायद बहुत मजा आ रहा था और वे रुकने को तैयार ही नहीं थे।
वे बिना रुके लगातार मेरी गांड चोदे जा रहे थे।

इसके बाद उन्होंने वैसा ही करना शुरू कर दिया जैसे पहली बार चोदते समय किया था।
वे लंड बाहर करते और एक बार में पूरी ताकत के साथ आआह की आवाज से अंदर डाल देते।
उनके ऐसा करने से मैं बुरी तरह से कांप जाती थी लेकिन वे लगातार ऐसा किये जा रहे थे।

उस वक्त मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं कहाँ फंस गई.
लेकिन मुझे ही तो नए लंड का स्वाद लेना था … अब झेल रही हूं किसी तरह से!

करीब 20 धक्कों के बाद वे झड़ गए और मेरी गांड में अपना पूरा माल भर दिया।

उसके बाद हम दोनों लेट गए और करीब एक घण्टे बाद हमारी दूसरी चुदाई शुरू हुई।

इस बार भी उन्होंने मेरी चूत और गांड चोदी लेकिन इस बार मैंने घोड़ी बनकर गांड चुदवाई और इस बार मुझे गांड चुदाई में भी मजा आया।

उस रात भी हमने 3 बार चुदाई की और फिर सो गए।

उसके बाद जब तक मेरे पति बाहर रहे वे चारो दिन मेरे साथ ही रहे और हम दोनों ने चुदाई का पूरा मजा उठाया।

जब मेरे पति वापस आ गए तो हमारा मिलना बंद हो गया.

तब मुझे लगाने लगा कि अब फिर से मेरी वही बोरियत भरी जिंदगी शुरू हो गई।

लेकिन बॉस मुझसे मिलने के लिए कोई न कोई रास्ता निकाल लेते थे.
वे मेरे पति को महीने में एक दो बार बाहर भेजने लगे जिससे हम दोनों के बीच चुदाई का सिलसिला जारी रहा.
जो अभी तक वैसे ही जारी है।

उम्मीद करती हूं कि मेरी फर्स्ट ऐनल सेक्स कहानी आप लोगों को पसंद आई होगी।
धन्यवाद।
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