लेडी डॉक्टर ने मेरे लंड की खुजली का इलाज किया-3

लेडी डॉक्टर XxX स्टोरी में पढ़ें कि मेरी खुजली का इलाज करने वाली डॉक्टर ने मुझे अपने घर बुलाया. उसने मुझे अपनी अनबुझी सेक्स की प्यास के बारे में बताया.

फ्रेंड्स, मैं हर्षद आपको अपनी गरम सेक्स कहानी में एक बार फिर से मजा देने के लिए हाजिर हूँ.
पिछले भाग
प्यासी औरत के हाथ में मेरा लंड
में अब तक आपने पढ़ा था कि डॉक्टर रेखा ने मुझे अपने घर बुला लिया था और वो मुझसे चुदने के लिए मचल रही थी.

अब आगे Lady Doctor XxX Story:

मैंने कहा- रेखा अब बताओ, तुमने मुझे क्यों बुलाया … सब कुछ ठीक है ना? कोई तकलीफ है तुम्हें? जो भी है बता दो. मैं तुम्हारी मदद करूंगा.

उसी समय रेखा एक हाथ से मेरी जांघों को सहलाती हुई बोली- हर्षद जब से तुम्हें पहली बार देखा है, मैं तुम्हें चाहने लगी हूँ … और उससे भी आगे और एक बात है.
मैंने कहा- और क्या रेखा?

तो रेखा बोली- और जब से तुम्हारा वो पहली बार देखा था, तब से मैं बहुत बेचैन हूँ हर्षद.
मैंने समझकर भी ना समझते हुए उससे पूछा- वो मतलब क्या … ऐसा क्या देखा तुमने रेखा?

तो वो शर्माकर बोली- अरे वो तुम्हारा लंबा सा और मोटा है न … वो?
मैंने कहा- उसका नाम तो बताओ रेखा!

रेखा बोली- तुम बहुत बदमाश हो. मेरे मुँह से ही सब सुनना चाहते हो ना, तो सुनो …
और रेखा ने मेरे लंड पर हाथ रखते हुए कहा- जब से तुम्हारे इस मोटे लंड को देखा था, तब से दीवानी हो गई हूँ इसकी!

मैंने रेखा के कंधे पर एक हाथ रखा और दूसरे हाथ से उसके स्तन सहलाते हुए बोला- तुम्हें ये नाम कैसे मालूम है रेखा?

तो रेखा बोली- क्यों मुझे क्यों नहीं मालूम होगा? हर्षद मुझे सब पता है और मैं अन्तर्वासना की कहानियां भी पढ़ती हूँ.

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अब उसने मेरे कंधे पर एक हाथ रखकर दूसरे हाथ से मेरे सीने के निपल्स कुरेदे और सीना सहलाने लगी.

वो- हर्षद, मुझे तुमसे बहुत सारी बातें करनी हैं.
मैंने कहा- जो भी दिल में है, सब बता दो रेखा. मैं तुम्हारे साथ हमेशा रहूँगा. मुझ पर भरोसा रखो.

मेरी बात सुनकर रेखा ने मेरे सीने पर अपना सर रख दिया और मेरे सीने पर अपने हाथों से सहलाती हुई बोली- हर्षद तुम मुझे भरोसेमंद इन्सान लगे इसलिए तो तुम्हें बुलाया है. शादी से पहले और शादी के बाद तुम पहले मर्द हो हर्षद, जिसे मैं चाहने लगी हूँ. जब से तुम्हें और तुम्हारे मोटे लंड को पहली बार देखा है, तब से इसने मेरी रातों की नींद हराम कर दी है. जब भी याद आती है, तो मेरी चूत गीली हो जाती है. बरसों से मेरी चूत प्यासी थी, पर मैं सब सह लेती थी. लेकिन तुमने तो मेरी चूत की आग और भड़का दी है हर्षद. मैं क्या करती … इसलिए मैंने तुम्हें यहां फोन करके बुलाया है.

मैंने कहा- रेखा, जो तुम्हारा हाल है … वही मेरा भी हाल है. जब से तुम्हें देखा है और तुम्हारा वो पहला स्पर्श महसूस किया है. वो तुम्हारे मुलायम हाथ जो मेरे लंड को सहलाते थे. तुम्हारी सेक्सी फिगर, बाहर निकले हुए तुम्हारे मांसल कूल्हे और तुम्हारे गोल और कड़क स्तन की यादों ने मेरी भी नींद हराम की हुई है. लेकिन मेरी तुम से कहने की हिम्मत ही नहीं हो रही थी रेखा. अच्छा हुआ खुद तुमने कहकर अपने दोनों की बीच की दूरियां खत्म कर दीं.

ये सब बातें करते करते हम एक दूसरे के बदन को सहला रहे थे.

रेखा बोली- अच्छा तो तुम इतना चाहते हो मुझे हर्षद. मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा है कि कोई मुझे भी इतना चाहता है. लेकिन एक बात बोलूं हर्षद, मुझे तो तभी पता चला था, जब तुम पहली बार मेरी चूत को साड़ी के ऊपर से ही रगड़ रहे थे. इसलिए मैंने भी अपनी टांगें फैलाकर तुम्हें सहमति दे दी थी.
मैंने कहा- अच्छा. रेखा तुम भी बहुत बदमाश हो.

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मैंने उसके स्तन रगड़ते हुए कहा, तो रेखा से मुँह से ‘आह उन्ह … क्या कर रहे हो …’ सीत्कार निकली.
खुद को अलग करती हुई रेखा ने कहा- कितनी जोर से रगड़ते हो हर्षद. दर्द होता है यार. आज तक मेरे पति रमेश ने भी इन्हें कभी इतनी जोर से नहीं रगड़ा है इन्हें. लेकिन मजा आता है हर्षद.

मैंने रेखा से कहा- रेखा एक बात पूछना चाहता हूँ. इजाजत है … तुम गुस्सा तो नहीं करोगी ना!
रेखा बोली- हर्षद तुम कुछ भी पूछ लो. आज से ये समझो कि मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड हूँ. और मेरा तुम पर पूरा भरोसा है. हमारे बीच जो भी बातें होंगी और हम दोनों का हर रिश्ता सिर्फ हम दोनों तक ही सीमित रहेगा हर्षद. अब पूछो.

मैं- देखो रेखा बुरा मत मानना, लेकिन तुम शादीशुदा, एक बच्चे की मां भी हो और तुम्हारे पति डाक्टर रमेश हर संडे तुम्हारे साथ रहते भी हैं, फिर भी तुम्हारी चूत प्यासी क्यों है?

रेखा- तुमने ठीक ही पूछा है हर्षद. अब तुम्हें बताना ही पड़ेगा. मेरा पहला सेक्स शादी के बाद ही सुहागरात में हुआ था. मेरे पति ने ही मेरी सील तोड़ी थी. तब हम दोनों ही जोश में थे. उनका लंड तुम्हारे जैसा नहीं है. उनका पांच इंच लंबा और एक इंच जाड़ा है. वो पांच मिनट के अन्दर ही झड़ जाते हैं. मुझे अभी तक इतने में ही बहुत मजा आ जाता था.

इतना कह कर वो मेरी तरफ देखने लगी. मैंने उसकी तरफ आगे बताने का इशारा किया, तो वो आगे बताने लगी.

रेखा- फिर मेरी चूत छोटी होने के कारण भी मुझको बहुत मजा आता था. लेकिन छह महीने बाद मेरी चूत भी बड़ी हो गयी थी और मेरे पति अब हफ्ते में दो बार ही चोदते थे. इसलिए मेरी चूत प्यासी ही रहने लगी.

ऐसे महीने और साल बीतते गए. मैं अपने आपको समझाती रही कि मेरे पति का काम का बोझ, अस्पताल की बढ़ती हुई जिम्मेदारियां और बारह से चौदह