दोस्त को उसकी अम्मी की चुदाई करते देखा

XXX अम्मी सेक्स कहानी में पढ़ें कि जब मैंने अपने ख़ास दोस्त को उसकी अम्मी की चुदाई करत देखा तो मेरे ऊपर क्या बीती. मैं भी कुछ वैसा ही सोचने लगा.

दोस्तो, मेरा नाम अंसार है. मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ.
मैं अपने अम्मी अब्बू का इकलौता लड़का हूँ और मेरी दो बहनें हैं. एक बहन मुझसे एक साल छोटी है और दूसरी दो साल छोटी है. घर में मैं सबसे बड़ा हूँ. अभी मैं बी.ए. प्रथम वर्ष का छात्र हूँ.

मैं आज आपको जो XXX Ammi Sex Kahani बताने जा रहा हूँ, वो मेरी अम्मी और मेरे बीच के सेक्स अफेयर की है. मेरी अम्मी का नाम शगुफ्ता है. वो एक टीचर हैं. मेरे अब्बू का नाम हाशिम है, वो पेशे से एक बिजनेसमैन हैं और एक नेटवर्क मार्केटिंग का काम करते हैं. अपने काम के चलते अब्बू हमेशा घर के बाहर ही रहते हैं.

मेरा नजरिया तब बदल गया था, जब मैं अपने दोस्त नियाज के घर गया था. उधर मैंने ऐसा नजारा देखा कि मेरे पैरों तले से जमीन खिसक गयी.
मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं.

मैंने देखा कि नियाज ने अपनी अम्मी को पूरी तरह नंगी कर दिया था और खुद पूरा नंगा होकर अपनी अम्मी की चुदाई कर रहा था.
उसकी अम्मी आंखें बंद करके अपने बेटे को अपनी बांहों में समेट कर आहें भर रही थीं ‘आह … आह …’
उनकी मादक आवाज निकल रही थी. मैं ये सब देख कर सनाका खा गया और चुदाई देख कर धीरे से वहां से निकल गया.

मैं अपने घर आकर बेड पर लेटकर सोचने लगा कि नियाज किस तरह का लड़का है जो अपनी अम्मी को चोद रहा है … और उसकी अम्मी भी आने बेटे के लंड से चुदवा रही थी.

ये बातें मैं अपने दिमाग से निकाल ही नहीं पा रहा था.
यही सब सोचते सोचते मैं सो गया.

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मेरी अम्मी के स्कूल की रोज 4 बजे छुट्टी होती है और वो दस मिनट में घर आ जाती हैं.

उस दिन मेरी अम्मी ने घर आकर देखा कि मैं सो रहा हूँ.

उन्होंने मुझे उठाया और बोलीं- ये कौन सा सोने का समय है, चलो उठो मुँह धोकर आओ.

मैं बाथरूम गया, मुँह हाथ धोया और हाल में आकर टीवी देखने लगा.

अम्मी चाय बना कर ले आईं और मेरे पास सोफे पर बैठ गईं.

अभी भी मेरे अन्दर नियाज और उसके अम्मी के बारे में सोच सोच कर अजीब सा महसूस हो रहा था. कभी कभी मेरा मन कर रहा था कि सारी बातें अम्मी से बोल दूँ, लेकिन मैं ये सोच कर नहीं बोल पा रहा था कि ऐसी बाते अम्मी से नहीं बोलना चाहिए.

चाय खत्म करके मेरी अम्मी मेरे पास से चली गईं.
मैं अपने रूम में जाकर मोबाइल में मूवी देखने लगा.

मूवी देखते देखते काफी समय हो गया.
फिर मैं मोबाइल साइड में रख कर सो गया.

सुबह अम्मी स्कूल चली गईं, मैं उठा और ब्रश करके नहाने लगा.
अम्मी खाना बना कर गई थीं. मैं खाना खाने बैठ गया.

उसी समय नियाज मेरे पास आया और पूछने लगा- अंसार, आंटी कहां हैं?
मैं कुछ नहीं बोला.

नियाज मेरी थाली से रोटी तोड़ कर खाने लगा.
मैंने उसे जोर से डांटा और कहा- तुम आज के बाद मेरे घर मत आना, तुम बहुत गंदे किस्म के इंसान हो और तुमसे भी गंदी तुम्हारी अम्मी हैं.

इतना सुनते ही नियाज डर गया और पूछने लगा- भाई क्या हुआ? तू ऐसा क्यों बोल रहा है?
मैंने उसे गाली देते हुए कहा- साले … तू कल अपनी अम्मी के साथ क्या कर रहा था?

इतना सुनने कर बाद वो मुझसे रिक्वेस्ट करने लगा- प्लीज़ अंसार, किसी को नहीं बताना प्लीज़.
मैंने उससे जानना चाहा कि ये सब कैसे हुआ.
उसने मुझसे कहा- मैं तुझे पूरी बात बताऊंगा, पर बात सुनने के बाद तू गुस्सा नहीं होना और इस बात को राज ही रखना.

मैंने हामी भर दी तो उसने मुझे सारा किस्सा बताया कि मेरे घर में अब्बू बीमार रहते हैं इस वजह से अम्मी ने मुझसे चुदवाना शुरू कर दिया था.
कुछ देर बाद वो मेरे घर से चला गया.

उसके अगले दिन से वो फिर से मेरे घर आने लगा. मेरी अम्मी से कुछ समय बात करता था, मुझसे मिलता था और चला जाता था.

लगभग दस दिन ऐसा ही करता रहा.
तब मेरे दिमाग में गलत भावना आने लगी.
मैंने सोचा कि नियाज अपनी अम्मी को चोद सकता है, तो साला मेरी अम्मी को कैसे छोड़ सकता है.

यही सोचते हुए मैं हॉल में बैठा था, तभी नियाज आ गया.

वो मुझसे पूछने लगा- आंटी कहां हैं?
तो मैं बोला- क्या बात है मुझे बताओ, अम्मी स्कूल चली गई हैं.

मेरे बहुत डराने धमकाने पर बोलने लगा- यार, मुझे तुम्हारी अम्मी बहुत पसंद हैं. मैं उन्हें पटा रहा हूँ और तुम्हारी अम्मी को एक बार चोदना चाहता हूँ.
इतना सुनते ही मैंने नियाज को गाली बक दी और उससे कहा- साले, ये सब कहने की हिम्मत कैसे हुई. मेरे घर पर ये सब नहीं चलेगा.

वो मायूस होकर बोला- यार पोर्न देख देख कर ऐसा हो गया है.
मैंने उसकी पूरी बात सुनी उससे पूछा- ये सब कबसे कर रहे हो?

नियाज बोला- मेरी चारों बहनें मेरे बच्चों की अम्मी हैं. मैं लगभग 3 साल से ये सब कर रहा हूँ.
मैंने उसे भगा दिया और बोल दिया कि आज के बाद तुम मेरे घर कभी मत आना.
नियाज चला गया.

दोस्तो, अब मैं आपको अपनी अम्मी के बारे में थोड़ा बता देता हूं.
मेरी अम्मी की हाइट 5 फिट 6 इंच है. उनका बदन काफी सुडौल है. अम्मी एक हुस्न की परी हैं, एकदम गोरी हैं, उनके लंबे लंबे, सुनहरे घने बाल हैं. उनके बाल अम्मी की कमर के नीचे उनकी गांड तक आते हैं.

अम्मी के मम्मों के बारे में क्या कहूँ, एकदम उभरी हुई टाइट चूचियां हैं. जब वो साड़ी पहनती हैं तो उनका गोरा और सपाट पेट साफ दिखता है. अम्मी की नाभि भी साफ़ दिखती है. उसे देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो जाए.

मेरी अम्मी के ऊपरी होंठ के ऊपर बाईं तरफ नाक के नीचे एक काला तिल है, जो उनकी सुंदरता में चार चांद लगा देता है. मेरी अम्मी हमेशा होंठों पर पिंक लिपस्टिक और आंखों में काजल लगाती हैं.

एक रात को मैं सोने की कोशिश कर रहा था, पर नींद नहीं आ रही थी.
मुझे नियाज की पोर्न की बात याद आयी. मैं तुरन्त उठ कर गूगल पर सर्च करने लगा.

मैंने हिंदी सेक्स स्टोरी लिखा तो मुझे कामुकता से भरी कामुकताज डॉट कॉम का पेज देखने को मिला.
मैंने उसे खोला, तो साईट खुल गई. उसमें बहुत सारे विकल्प लिखे थे. जैसे रिश्तों में चुदाई, बहन की चुदाई, अम्मी की चुदाई.

मैंने एक कहानी को क्लिक किया. उसमें अम्मी बेटे के ऊपर बहुत सारी सेक्स कहानी लिखी थीं. मैंने एक एक करके बहुत सारी कहानी पढ़ना शुरू किया.

उन कहानी को पढ़ने के बाद मेरे दिमाग में आया कि क्यों न मैं भी अम्मी को पटा कर उनकी जमकर चुदाई करूं.

उन कहानियों को पढ़ कर मुझे बहुत सारे तरीके सीखने को मिले कि अम्मी को किस तरह से पटाया जा सकता है.
मैं अब रोज अम्मी को समय देने लगा, उनकी बात मानने लगा व सुनने लगा.

अब जब भी मैं अपनी अम्मी देखता था तो मेरे अन्दर अजीब सी हलचल होने लगती थी. मेरे पूरे शरीर में करंट सा लगने लगा था. अम्मी को चोदने के नए नए तरीके ढूँढने लगा.

एक दिन मैंने सोचा कि आज अम्मी को इमोशनल करके उन्हें मुझसे चुदने को सैट करता हूँ.
मैंने कोशिश की लेकिन कुछ नहीं हुआ.

धीरे धीरे एक महीना बीत गया.
मेरे अब्बू किसी काम से दूसरे शहर चले गए थे.

उस दिन मेरी खाला (मौसी) की लड़की के जन्मदिन की पार्टी थी. उसी में हम सब को जाना था. हम सभी तैयार होकर चले गए.

पार्टी में मेरी दोनों बहनें और मेरी अम्मी बहुत खूबसूरत दिख रही थीं. उधर जितने भी लोग थे, वो सभी इन्हीं तीनों की तरफ देख रहे थे.

वो तीनों सगी बहनें लग रही थीं. उनके शरीर समान थे. बालों की खूबसूरती, गोरा रंग, पिंक होंठ, हाइट सबकुछ एक सा लग रहा था.

मैं उस दिन अपनी अम्मी को देख कर बहकने लगा था. मुझसे नहीं रहा गया तो मैं बाथरूम में जाकर मुठ मारने लगा.
जब मेरा वीर्य निकल गया, तो थोड़ा आराम मिला.

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फिर मैंने अम्मी से कहा- चलो अम्मी, घर चलते हैं.
अम्मी बोलीं- हां मैं तुम्हारी खाला को बोल कर आती हूँ.

जब अम्मी वापस आईं तो बोलीं- तुम्हारी बहनों को को तुम्हारी खाला आज के लिए रोक रही हैं.
मैं बोला- ठीक है, वो कल आ जाएंगी.

अम्मी और मैं हम दोनों घर चल दिए.
घर आने के बाद मैं अपने रूम में सोने चला गया. बेड पर लेट कर अम्मी के नाम की मुठ मारने लगा.

मेरे अन्दर इतनी ज्यादा हवस भर गई थी कि मैं मन में कहने लगा ‘याल्ला एक बार मेरी पुकार सुन ले.’
इसके बाद मैंने अपने रूम को दरवाजे की खोल दिया और मुठ मारने लगा.

मेरे लंड की लंबाई 7 इंच है. जब मैं मुठ मार रहा था तभी मेरी अम्मी कमरे का दरवाजा धकेल कर मेरे रूम के अन्दर आ गईं.
उन्होंने मुझे मुठ मारते हुए देख लिया.

वो मुझे मुठ मारते हुए देख कर शर्मा गईं और बिना कुछ बोले अपने रूम में चली गईं.
मैं भी थोड़ा सा असहज हुआ, फिर तौलिया लपेट कर अम्मी के पास आ गया.

अम्मी कुछ सोच रही थीं.
मैंने अम्मी से कहा- अम्मी मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गयी, आगे से नहीं होगा प्लीज़ माफ कर दो.
अम्मी मुस्कुरा कर बोलीं- ठीक है.

मैं अपने रूम में चल गया. मुझे नींद नहीं आ रही थी. मेरे दिल में सन्न सन्न सा हो रहा था. मेरा मन कर रहा था कि अभी जाकर अम्मी को बांहों में लेकर खूब चोद दूँ.

फिर मुझसे रहा नहीं गया तो कुछ समय बाद मैं अपनी अम्मी के रूम के बाहर आ गया.
मैंने खिड़की से देखा तो अम्मी भी सोई नहीं थीं, वो कुछ सोच रही थीं.

मैं हिम्मत जुटा कर अम्मी के रूम में चला गया.
उस वक्त भी मैं सिर्फ तौलिये में था और मेरा लंड खड़ा था.

मुझे अपने कमरे में देख कर अम्मी बोलीं- यहां कब से खड़े हो और यहां मेरे पास क्या कर रहे हो?
उस पल मेरी अम्मी की नजर मेरे लंड पर पड़ गई.

अम्मी मेरे लंड को बार बार देखे जा रही थीं.
मैं बिना डरे अम्मी से बोला- अम्मी मुझे आपसे प्यार हो गया है, दिन रात मैं सिर्फ आपके बारे में ही सोचता रहता हूँ. प्लीज़ आप मुझे अपना बना लो.

वो उठ कर खड़ी हो गयी और साड़ी सही करने लगीं. मैंने साड़ी पकड़ ली.

अम्मी बोलीं- मेरी साड़ी छोड़ दो और जाकर सो जाओ, नहीं तो मैं तुम्हारे अब्बू को अभी फ़ोन करूंगी.
मैं नहीं माना और अम्मी से बोला- इसमें हम दोनों की बेइज्जती होगी. फिर अब्बू के बाद धीरे धीरे और किसी को भी पता चल जाएगा, तो पूरी फैमिली की बदनामी होगी.

हम दोनों बेड के बगल में खड़े थे.

मैंने अम्मी को बांहों में पकड़ लिया, अम्मी की साड़ी खींच कर उतार दी.
उन्होंने कुछ विरोध नहीं किया. मेरी अम्मी अब सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में हो गयी थीं.

मैं अम्मी को बेड पर धकेल कर लेटा दिया और उनका पेटीकोट खोलने लगा.

अब मेरी अम्मी समझ गईं कि आज ये मानेगा नहीं.

उन्होंने अब मेरा साथ देना कर दिया. शायद मेरी अम्मी को मेरा लंड पसंद आ चुका था.
कुछ ही देर बाद मेरी अम्मी अब सिर्फ पैंटी और ब्रा में थीं.

मेरी अम्मी का शरीर बहुत चिकना और कोमल था. उनका शरीर बहुत अच्छा महक भी रहा था.
मैंने अम्मी के ऊपर चढ़ गया. आज मैं पहली बार किसी को चोदने जा रहा था.

अब मैंने अपना तौलिया हटा दिया तो मेरा मोटा लम्बा लंड पैंटी के ऊपर से अम्मी को रगड़ रहा था.
मेरी अम्मी बड़ी मस्त लग रही थीं. अम्मी के शरीर पर कहीं भी चर्बी नहीं थी.

फिर बिना देरी किए मैंने अपने होंठों को अम्मी के रसीले और गुलाबी होंठों पर रख दिए. अम्मी को खूब जोर से कसके पकड़ लिया.

मैं उनके निचले होंठ को खूब चूस रहा था. मैंने अपना एक हाथ अम्मी के चुत पर रख दिया तो मेरी अम्मी एकदम फुल जोश में आ गईं.

अब वो भी मेरे होंठ को बीच बीच में चूस रही थीं. मुझे बहुद आनन्द मिल रहा था.

फिर मैंने अम्मी की ब्रा को निकाल दिया.
मैं उनकी पैंटी निकालने ही जा रहा था कि अम्मी ने खुद ही अपनी पैंटी निकाल दी.

अपनी अम्मी के बड़े और ठोस मम्मों को देख कर मेरी सांसें तेज हो गईं.
मैं अपनी अम्मी के मम्मों को चूसने लगा.

मेरी अम्मी की मादक आवाजें निकलने लगीं- आ … आह … चूस ले आह!
अब हम दोनों की आंखें बंद हो गई थीं. अम्मी के पेट को चूमते हुए मैं उनकी चुत पर आ गया.

जब मैंने अपनी अम्मी की चुत पर अपनी जीभ को रखा, तो अम्मी अपना शरीर टाइट करके सिहर उठीं- आइ … इस्स … आ आह …

मैं अपनी जीभ से अम्मी की चुत के लाल वाले हिस्से को सहला रहा था.
मेरी अम्मी अपने पूरे पैर फैला कर मेरा सर दोनों हाथों से पकड़ कर तेजी से अपनी चुत पर दबाने लगीं.
वे बोलने लगीं- आंह प्लीज़ अब मत तड़पाओ … जल्दी से चोदो मुझे.

मैं वहां से उठ कर अम्मी के सर के पास आ गया और अपना लंड अम्मी के मुँह के पास रख दिया.

अम्मी मेरा लंड देख कर बोलीं- कितना बड़ा है तुम्हारा लंड!
वो अपने मुँह में लंड लेकर चाटने लगीं.

जब मेरे लंड को अम्मी ने अपने मुँह में लिया तो मेरे मुँह से निकल गया.
‘अह क्या मस्त माल लग रही हो मेरी बेगम … आज तुम्हें चोद कर जन्नत की सैर पर पहुंच जाऊंगा.’
अम्मी बोलीं- हां बेटा अब देरी ना करो … प्लीज़ जल्दी से मुझे चोद दो.

मेरी अम्मी एकदम गर्म हो गयी थीं. उनकी चुत से तेल के जैसा कुछ निकल रहा था.
मैं अम्मी के ऊपर लेट गया. अम्मी ने मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़ कर अपनी चुत के छेद पर रख लिया.

अब वो बोलीं- थोड़ा आराम से.
मैं भी इसी दिन का इन्तजार कर रहा था.
मैंने जोर से एक झटका मारा, तो अम्मी के मुँह से जोर से आवाज निकल गई ‘आ…ई … अम्मी … मर गई … प्लीज़ निकालो.’

इधर मेरे लंड में भी बहुत तेज से दर्द हुआ. मेरा फर्स्ट टाइम था. मुझे कुछ पता नहीं था कि कैसा होता है.
मेरे लंड के टोपे के नीचे की स्किन थोड़ी सी फट गई थी, जिससे मेरे लंड से खून आने लगा और जलन होने लगी थी.

मेरी अम्मी भी मेरे पेट पर हाथ रख कर मुझे दूर धकेलने लगीं, मगर मैं नहीं हटा.

एक मिनट रुक कर अपना लंड थोड़ा थोड़ा अन्दर बाहर करने लगा.
अम्मी आंखें बंद करके ‘उ….ह … उह … अह …’ की आवाजें निकालने लगी थीं.
मेरा लंड अम्मी की चुत के पानी से गीला हो गया.

मैंने लंड बाहर खींच लिया और अम्मी की कमर के नीचे एक तकिया रख दिया.

फिर अपने लंड को अम्मी की चुत पर रख कर अपनी अम्मी से बोला- अपने दोनों पैर मेरी कमर पर एक दूसरे के ऊपर रखो.

उन्होंने जैसे ही अपने पैरों को मेरी कमर पर रखा, मुझे चोदने के लिए काफी जगह मिल गई.

मैंने एक और जोर से झटका मार दिया. मेरा पूरा लंड अम्मी की चुत में समा गया.

अम्मी ‘उह … आ ह …’ करके कांपने लगीं. वो बोलने लगीं- अंसार, आज मैं मर जाऊंगी … प्लीज़ जल्दी से अपना लंड बाहर निकालो.
मैंने अम्मी की एक नहीं सुनी और ना ही रुका. मैं धीरे धीरे लंड अन्दर बाहर करने लगा.

लगभग 5 मिनट बाद अम्मी को भी मजा आने लगा. अब मेरी अम्मी सेक्स का पूरा मजा ले रही थीं.
मैं भी भूखे शेर की तरह अम्मी के छेद को पेल रहा था.

वो भी मुझे अपने नाखूनों से खरोंच मार रही थीं और बार बार बोल रही थीं- आंह मेरी ऐसी चुदाई कभी नहीं हुई … आह मैं बहुत ही खुशनसीब वाली हूँ … जो आज तुम्हारे जैसा लंड वाला मिला है. आह मेरा बेटा मेरी आग को शान्त कर रहा है … उई … उई … प्लीज़ बेटा मुझे आज खूब चोदो आह … उन्ह … और तेज करो, आज तुम मेरी चुत की आग को बुझा दो.

अम्मी एकदम चरम सुख का आनन्द लेती हुई आहें भर रही थीं. मैं भी पूरा जोर लगा कर अम्मी चोद रहा था.

जब अम्मी की आह उह की आवाज निकल रही थी तो मेरा जोश और ज्यादा चढ़ा जा रहा था.

मैं और जोर जोर से झटके मार रहा था. इससे अम्मी की चीखें ज्यादा निकलने लगी थीं.
पूरे कमरे में ‘थप … थप …’ की आवाजें गूंज रही थीं. घर में कोई था नहीं, तो डर किसी भी बात का नहीं था.

पूरा घर अम्मी की आहों से औऱ चुत चुदाई की थपथपाहट से गूंज रहा था.

मेरी अम्मी पसीना से भीग गई थीं. उनके निप्पलों और मम्मों को रगड़ कर मैंने एकदम लाल कर दिया था.

काफी लम्बी चुदाई के बाद एकाएक मेरी अम्मी जोर से चिल्लाईं- आह … उई … मैं गई.
उन्होंने अपना पूरा शरीर टाइट कर लिया था और सांस रोक कर ‘उह … इस्स … आह …’ करने लगी थीं.

अम्मी अपनी कमर भी जोर जोर से उछालने लगी थीं. उनका पूरा शरीर कंपन करने लगा था.
अगले ही पल अम्मी की चुत से पानी का फव्वारा निकलने लगा. जिसे मैं अपने लंड पर महसूस कर रहा था.

फिर अम्मी एकदम शांत हो गईं.
इधर मैं भी खूब जोर जोर से चुदाई करने लगा था.

अम्मी की चुत का पानी निकलने के कुछ मिनट बाद ही मैंने अपना वीर्य अम्मी की चुत के अन्दर ही गिरा दिया और अम्मी के ऊपर ही सो गया.

कुछ देर बाद मैंने अम्मी से पूछा- अम्मी, मुझसे चुदवा कर कैसा लगा?
अम्मी बोलीं- बेटा बहुत अच्छा लगा. पहले तो लगा कि तू मेरी जान ही निकाल देगा, मगर बाद में मुझे स्वर्ग का सुख दे दिया. आज की चुदाई मुझे हमेशा याद रहेगी. अब मैं तुम्हारे लंड से अब हर रोज चुदवाऊंगी.

मैंने अम्मी से कहा- क्या अब्बू तुम्हें अच्छे से चुदाई का सुख चोद नहीं दे पाते हैं?

अम्मी बोलीं- मुझे आज तक लगता था कि तेरे अब्बू जिस तरह से मुझे चोदते थे, वही असली चुदाई है. पर आज तक वो मुझे ऐसी मस्त चुदाई का अहसास और सन्तुष्टि नहीं दे पाए, जैसी तुमने आज दे दी है. मेरा पानी निकालने तो दूर की बात है, ऐसी चुदाई तुम्हारे अब्बू ने आज तक मेरे साथ नहीं किया. मुझे तुम्हारे लंड के सिवाय अब किसी से कुछ नहीं चाहिए.

मैं अम्मी से बोला- अम्मी मैं तुम्हें पाना चाहता था, पा लिया. तुम्हें चोदना चाहता था … चोद लिया. क्या तुम्हारी और मेरी चुदाई रोज हो सकती है.
अम्मी बोलीं- हां मुझे भी तुम्हारा लंड रोज चाहिए. मेरी चुत को तुम रोज चोद सकते हो.

मैं- मेरी बहनों को पता चला तो क्या होगा?
अम्मी- मैं उन्हें पता नहीं चलने दूंगी. हां अगर पता चल जाएगा, तो देखा जाएगा.

मैं- अम्मी अगर वे किसी से बोल देंगी तो?
अम्मी- देखती हूं. मैं इसी साल एक को हॉस्टल पढ़ने भेज देती हूं और दूसरी की शादी कर देती हूं.

मैं- अम्मी, दोनों बहनों की शादी और सुहागरात के पहले उन सबकी सील मैं तोड़ूँगा. तुम मेरा सपोर्ट करो और मेरे लंड के नीचे आने के लिए उन्हें सैट करो.

अम्मी कुछ सोचने के बाद बोलीं- ठीक है मैं कोशिश करूंगी. जब हम अम्मी बेटा चुदाई कर सकते हैं, तो भाई बहन क्यों नहीं. लेकिन उन दोनों का सील नहीं टूटी है, वो तुम्हारे लंड को सहन नहीं कर पाएंगी. जब तुम्हारे लंड से मेरी हालत खराब हो गयी है, तो उन दोनों का क्या होगा?

मैं- तुम टेंशन मत लो अम्मी … तुम्हारे साथ अब मुझे सेक्स का पूरा अनुभव हो जाएगा.
अम्मी हंसती हुई बोलीं- हां वो तो है. क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है?

मैं अम्मी से बोला- तुम हो, बहनें भी हैं. तुम लोगों के सिवाय कोई नहीं.
अब अम्मी औऱ मेरी चुदाई फिर से होने लगी.

अगले दिन मेरी बहनें घर आ गईं. उनकी चुदाई की कहानी जल्द ही आपको पढ़ने मिलेगी.
मेरी अम्मी की सहायता से मेरी बहनों को मैंने कैसे चोदा. अगली कहानी में लिखूँगा. आप मुझे मेल करें कि यह XXX अम्मी सेक्स कहानी आपको कैसी लगी?
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Video: क्लासरूम में पढाई और चुदाई