ननदोई से चूत की प्यास मिटवाई-2

हॉट फॅमिली सेक्स कहानी में पढ़ें कि एक बार मेरे ननदोई जी मेरे घर पर रात को रुके तो हमारी वासना उमड़ पड़ी और हम सेक्स के लिए उतावले हो गए.

हॉट फॅमिली सेक्स कहानी के पहले भाग
ननदोई जी ने छेड़ा तो मेरी वासना जागी
में आपने पढ़ा कि मैं विधवा हूँ. मेरे घर एक बार मेरे ननदोई जी आये तो हम दोनों की वासना ने हमें आपस में सेक्स करने के लिए उकसा दिया.

मैं अब बस ब्रा और कच्छी में उस के सामने लेटी हुई थी।

मेरे शरीर को वो देखता ही रह गया और बोला- भाभी सच में आप कयामत हैं। मैंने ऐसा शरीर आज तक नहीं देखा। आपके चूचे आपकी ब्रा को फाड़ के बाहर आ रहे हैं.
और यह बोलते ही उसने अपना मुंह मेरे चूचों के बीच में रख दिया और सूंघने लगा मेरे वक्ष की खुशबू को।

फिर उसने मेरी ब्रा को अलग कर मेरे दोनों चूचों को रिहा कर दिया और मेरे मलाई जैसे चूचे अपने हाथों से दबाने लगा।

मैं- सागर, खा जाओ अपनी भाभी के चूचों को। बहुत दिन से तड़प रहे हैं ये एक मर्द के लिए!

अब आगे हॉट फॅमिली सेक्स कहानी:

यह कहानी सुनकर मजा लें.

मेरे बोलते ही सागर ने मेरे एक चूचे को अपने मुंह में भर लिया और एक को अपने हाथ से दबाने लगा।
आह! क्या मज़ा आ रहा था।

सागर की जीभ मेरे चूचे की दाने पर चल रही थी। वो बीच बीच में हल्के से चूचे पर दांत से काट लेता और मैं सिहर उठती उसकी इस हरकत से।

करीब ऐसा 10 मिनट तक ऐसे ही चलता रहा।

फिर सागर उठा और मैं भी उठ गई।

सागर ने अपनी टीशर्ट उतार दी।
हाय! क्या बॉडी थी।

मैं पागल हो गई उसकी भरी हुई छाती और बाजू को देख के!
मैंने उसे बांहों में भर लिया और उसकी छाती को अपने होंठों से चूमने लगी।
फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसके निक्कर को उतार दिया।

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अब वो बस खाली अंडरवियर में खड़ा था। उसका लन्ड अंडरवियर फाड़ के बाहर आने को तड़प रहा था।

मैं घुटनों के बल बैठ गई और उसे लंड को ऊपर से चूम लिया।

सागर- भाभी, रिहा कर दो इसको और दे दो इसे वो सुख जो इसे चाहिए।

मैंने उसके अंडरवियर को उतार दिया।
जैसे ही अंडरवियर उतरा तो उसका 7 इंच लंबा लंड फुंकार भरता हुआ मेरी आँखों के सामने आ गया।

मैंने उसे अपने हाथों में लिया और सहलाने लगी। थोड़ी देर बाद मैं लंड को सूंघ कर उसकी खुशबू का आनंद लेने लगी।
बहुत सालों बाद लंड की खुशबू को सूंघ रही थी मैं!

मैंने अपनी जीभ निकाली और अपने ननदोई सागर के लंड के सुपारे पर फिराने लगी।
मेरी इस हरकत से सागर की सिसकारी निकल गई और उसने मेरे सिर को पकड़ के लंड को मुंह में दे दिया।

मैंने भी पूरा लंड अपने मुंह में के लिया। जब लंड हलक तक गया तो मेरी आँखों में पानी आ गया।
पर मैं फिर भी लंड को चूसती रही।
आह … क्या मज़ा था।

धीरे धीरे सागर भी लंड को अन्दर बाहर करने लगा।

सागर की सिसकारी से में भी जोश में आ गईं और तेज तेज लंड को चूसने लगी।

ऐसा कोई दस मिनट तक चला होगा। फिर मेरे घुटनों में दर्द होने लगा और मैं उठ गई.
उसके बाद मैं बेड पर लेट गई.

अब सागर मेरे पास बेड पर आ गया और मेरे मुंह पर बैठ कर अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया.
मैं लंड चूसने लगीं. लंड पूरा हलक के अन्दर तक जा रहा था.

मैं ऐसे लंड को चूस नहीं पा रही थी
मैंने सागर को बेड पर धकेला और उसके ऊपर आकर लंड चूसने लगी.

सागर पूरा मर्द था, दूर दूर तक उसके झड़ने का नाम नहीं था।

थोडी देर बाद उसने मुझे बेड पर लिटा दिया और एक हाथ मेरी पैंटी के ऊपर रख कर उसे सहलाने लगा और एक चूचे पर रख दिया.

सागर- भाभी, आपकी चूत गीली हो गई है। देखो, कच्छी पूरी भीग गई है।
मैं- सागर उतार दो इसे! यह पानी तुम्हारे नाम का है.

सागर ने मेरी काली कच्छी को मेरी मोटी चिकनी जाँघों से होते हुए उतार दिया और मेरी चूत को देखते हुए बोला- भाभी, क्या चूत है आपकी. कसम से मैंने आज तक इतनी फूली और चिकनी चूत नहीं देखी। मुझे लगा था बाल होंगे. पर यह तो एकदम साफ़ है.

इतना कहते ही सागर ने मेरी चूत पर अपना मुंह रख दिया.
मैं पागल हो गई थी. कोई आज 6 साल बाद मेरी चूत को चाट रहा था.

फिर सागर ने धीरे धीरे अपनी जीभ से मेरी पूरी चूत से निकले पानी को चाटा और फिर वही जीभ चूत के अंदर डाल दी.
मैं पागल हो गई और उसका सिर पकड़ के पूरा चूत के अंदर घुसा दिया.

सागर मेरी चूत को चाटे जा रहा था और मैं पागलों की तरह बोले जा रही थीं- हां मेरे सागर … खा जाओ मेरी चूत … आह … डाल दो आप अपनी जीभ पूरी अन्दर तक … और तेज करो, आह और तेज … आह ओह उह.

करीब 5 मिनट तक चूत चाटने के बाद सागर ने मुझे उठाया और वो खुद नीचे लेट गया.
फिर मुझे अपने मुंह पर बैठा कर मेरी चूत की खुशबू लेने लगा.

और मैं भी अपनी चूत को हिला हिला कर चटवाने लगी.
सागर मेरी चूत को ऐसे चाट रहा था जैसे बहुत दिन से भूखा हो.

उसने पूरे जीभ मेरी चूत में डाली और अपने दोनों मेरी चूत के होंठों से लगा लिए. वो मेरे मोटे चूतड़ों पर हाथ रख के मेरी गर्म चूत को चाटने लगा.
और मैं इस हरकत से आनंद में रोने लगी.

चूत चटवाने में औरत को कितना सुख आता है यह बस एक औरत है जान सकती है.
अचानक से मेरे पैर कांपने लगे और मेरा शरीर अकड़ गया.

एकदम से चूत में से तेज पानी की धार निकली को सीधा सागर के मुंह में गई।

सागर ने मेरी चूत का पूरा पानी पिया और चाट चाट के चूत को साफ कर दिया।
फिर मैं उसके मुंह से उतर के बेड पर लेट गई।
बहुत दिनों बाद सुकून महसूस हुआ।

सागर भी मेरे बराबर में लेट गया और मैं उसकी छाती पर सिर रख के लेट गई।
पता नहीं कब आंख लग गई।

करीब 15 मिनट बाद आंख खुली तो सागर जग रहा था और वो मेरी गान्ड को सहला रहा था।
उसका लंड अब भी खड़ा था।

मुझे जगा देख सागर ने मेरी चूत पर चूम लिया और फिर मेरे होंठों को।
अब वो वक़्त आ गया था जब मेरी चूत को लंड मिलने वाला था।

सागर उठा और मेरी दोनों टांगों को उठा लिया और मेरी चूत के ऊपर अपने लंड को फिराने लगा.

मैं- तड़पाओ मत जान … अब डाल दो इसे अपनी भाभी की चूत के अन्दर!
सागर- चिंता मत करो जान … आज तो आपकी चूत का भरता बना दूंगा। सारी प्यास मिटा दूंगा मैं इस की!
मैं- तो डाल दो न! अब मुझसे रहा नहीं जा रहा.

इतना कहते ही सागर ने एक झटके के साथ आधा लंड मेरी चूत में उतार दिया।
लंड घुसते ही मैं एकदम से चिल्ला उठीं। ऐसा लग रहा था कि किसी ने मेरी चूत चीर डाली हो!

मैं- आई मर गई … आह निकाल लो इसे. मुझसे सहन नहीं हो रहा … प्लीज़ रहम करो मेरे ऊपर … मैं मर जाऊंगी.

ये बोल ही रही थी मैं … कि सागर ने बचा हुआ लंड भी चूत में पेल दिया।

इस बार तो मैं बदहवास सी हो गई; मेरी आँखों से आंसू आ गए।

अचानक से सागर मेरे होंठों को चूसने लगा और लंड मेरी की चूत में डाले रखा.

कुछ बाद जब मेरा का दर्द बंद हुआ, तो मैं भी सागर को चूमने लगी।
अब सागर को पता चल चुका था कि मैं चुदने को तैयार हो गई हूं; सागर धीरे धीरे लंड को अन्दर बाहर करने लगा।

जैसे ही लंड अपनी जगह पूरी तरह से बनाई तो मैं भी धक्के के मज़े लेने लगीं, सागर ने स्पीड तेज कर दी.
वो तेज तेज अपनी मोटी गांड को हिला कर मेरी चूत में धक्के लगा रहा था और बोल रहा था

सागर – भाभी क्या गरम चूत हैं आप की। मेरा पूरा लंड गर्मी के मारे जोश पर हैं … आह ! चुदलो आज जी भर के इस लंड से। आज इस चूत का भोसड़ा बना दूंगा… बहुत प्यासी थी आपकी चुत … आह इसकी सारी प्यास मिटा दूंगा

मैं भी अब अपनी मोटी गांड उठा उठा कर सागर का साथ दे रही थीं और बोल रही थीं.

मैं- आह आह आह … चोदो मेरे राजा फाड़ दो इस चूत को … बना दो इस का भोसड़ा … चोदो मेरे राजा … चोदो बहुत प्यासी है यह चूत । इसे हमेशा तुम जैसे मर्द की जरूरत है।

सागर का एक एक झटका मुझे सुख का आनंद दे रहा था। ऐसा सुख जिस के लिए मैं बरसो से प्यासी थी।

करीब 5 मिनट ऐसे चोदने के बाद सागर ने मुझे घोड़ी बना दिया और पीछे से मेरी चूत में लंड डाल के चुदाई चालू कर दी।

मेरी मोटी गांड हिलते देख वो और जोश में आ गया और तेज़ तेज़ चोदते हुए चूतड़ पर हाथ मारने लगा।

अब चुदाई का नंगा नाच चालू हो गया. कभी मैं सागर के ऊपर और कभी सागर मेरे ऊपर।

करीब 20 मिनट तक ऐसे चुदाई चली और फिर वक़्त आया चूत के झड़ने का।
मेरा शरीर अकड़ने लगा और मैं फिर से झड़ गई।

लेकिन सागर नहीं झड़ा।
सच में ऐसा मर्द मैंने आज तक नहीं देखा जिसने मुझे पहले जीभ से झाड़ा और फिर लंड से और खुद एक बार भी नहीं झड़ा।

सागर ने मेरी चूत का माल अपनी जीभ से साफ़ किया और वही लेट के हम दोनों सो गए।

रात के 3 बजे मुझे ऐसा लगा कि कोई मेरी गांड में उंगली डाल रहा है।

मेरी आंख खुली तो देखा सागर मेरी गांड के सामने मुंह कर के लेटा हुआ है और अपनी उंगली मेरी गांड पर चला रहा है।

मैं समझ गई की सागर अब मेरी गांड मारना चाहता है।
मैंने कुछ नहीं बोला।

सागर ने मुझे जगा देखा तो दोनों हाथ से मेरे चूतड़ खोले और गांड के छेद पर जीभ रख दी।
उसके बाद कस के मेरी गांड के छेद को चाटने लगा।

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था गांड चटवाने में।
फिर वो उठा और मुझे घोड़ी बना के और गांड फैला के चाटने लगा; जीभ को चूत से फिराता हुआ गांड तक लात ।

बहुत मज़ा आ रहा था मुझे पर डर भी लग रहा था के गांड में लंड लेना पड़ेगा।
मैंने आज तक गांड नहीं मरवाई थी।

सागर ने मेरे मेकअप बॉक्स से क्रीम उठाई और बहुत सारी मेरे गांड के छेद पर लगा दी और गांड के छेद में उंगली डाल के मालिश करने लगा।
उसके बाद अपने लंड पर बहुत सारे क्रीम लगा के मेरी गांड के छेद पर लंड रखा और धीरे से अपना सुपारा डाला।

मैं दर्द के मारे उछल गई और उसने मुझे कंधों से पकड़ लिया और फिर एक और झटके में आधा लंड मेरी गांड के अंदर डाल दिया।
दर्द से मैं उछल गई.

पर सागर की पकड़ बहुत अच्छी थी तो मैं हिल नहीं पाई लेकिन दर्द सहन नहीं हो रहा था।

करीब 2 मिनट तक सागर ने लंड ऐसा ही रखा और फिर जब मेरा दर्द काम हुए तो एक झटके से पूरा लंड गांड के अन्दर घुसा दिया।

अब मेरी आँखों से आंसू आने चालू हो गए और मैं दर्द के मारे हिल भी नहीं पा रही थी।

सागर ने करीब 2 मिनट तक फिर से पूरा लंड अंदर ही रखा और जब मैं नॉर्मल हो गई तो धीरे धीरे लंड को आगे पीछे करने लगा।

थोड़ी देर बार मुझे मज़ा आने लगा। वो दर्द भी मुझे मज़ा दे रहा था।

तब सागर को लगा कि मैं मज़े ले रही हूं तो उसने झटके तेज़ कर दिए और मेरी मोटी गांड को चोदने लगा।
मेरे मोटे चूतड़ उसके झटकों से हिल रहे थे।

सागर मेरी गांड को पीटते हुए चोदने लगा और मैं भी मज़े ले रही थी।

अचानक 10 मिनट बाद सागर तेज़ तेज़ सांस लेता हुआ मेरी गांड के अंदर झड़ गया।

मैं उठी और देखा के मेरी गांड से वीर्य की धार निकल रही है।
मैंने उसे साफ किया।

फिर हम गर्म पानी से नहा कर दोनों नंगे ही एक दूसरे की बांहों में सो गए।
कसम से करीब 6 साल बाद इतनी सुकून की नींद मिली थी मुझे!

उसके बाद सागर 2 दिन और मेरे साथ रहा. हमने जम के चुदाई के मज़े लिए। घर का ऐसा कोई कोना नहीं बचा जहाँ उसने मुझे ना चोदा हो।
2 दिन बाद जब वो गया तो बुरा तो बहुत लगा … पर शायद यही ज़िन्दगी है।

उस दिन के बाद सागर और मैं अक्सर बात करने लगे।

आज भी हम इतना है करीब हैं जितना 3 साल पहले थे।

दोस्तो, आशा करती हूं कि आपको मेरी यह हॉट फॅमिली सेक्स कहानी पसंद आई होगी।
अगर इस सेक्स कहानी पर कोई अपनी राय मुझे भेजना चाहता है, तो जरूर भेज सकता है.
आप लोगों के सामने में अपनी नई सेक्स कहानी लेकर दोबारा वापस आऊंगी।

मेरी ईमेल आईडी है
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