नर्स से रोमांस और सेक्स की कहानी-2

अब तक की मेरी इस सेक्स कहानी के पिछले भाग
नर्स से रोमांस और सेक्स की कहानी-1
में आपने जाना कि मेरी दोस्ती एक नर्स से हो गयी. वो नर्स मुझसे अकेले में मिलना चाह रही थी और उसने मुझे अपने हॉस्पिटल में बुलाया था.

उधर पहुंच कर मैंने उसे अपने सीने से लगाया, तो पहले तो वो शर्मा गई. पर फिर वो भी मेरे सीने से लिपट गई. हम दोनों 5 मिनट तक एक दूसरे से चिपके रहे.

अब आगे:

फिर उसने कहा- चलो खाना खाते हैं. मैं घर से आपके लिए खाना बना कर लाई हूँ.
मैं खुश हो गया. हम दोनों ने एक साथ खाना खाया. उसने मुझे खिलाया, मैंने उसको खिलाया.

वो पूरे रोमांटिक मूड में आ गई थी. उसकी आंखों से प्यार झलक रहा था. उसका बदन मेरे बदन से मिलने के लिए मचल रहा था. वो मुझे टुकुर टुकुर देख रही थी. मैंने आंख दबाई, तो वो मुझसे चिपक गई.

उसने मुझे पागलों की तरह पूरे चेहरे पर चूमना शुरू कर दिया. वो पूरे मूड में आ गयी थी. हम दोनों एक दूसरे को बेतहाशा चूम रहे थे.

माहौल ऐसा हो गया था कि पहले मैंने उसे कसके पकड़ा था. अब उसने मुझे कसके पकड़ा हुआ था.

अब हम एक दूसरे को पूरे लिप टू लिप किस करना शुरू कर दिया. क्या उसके रसीले होंठ थे, मस्त सॉफ्ट सॉफ्ट लग रहे थे. हमारे चुंबनों के दौर ने मेरे लंड को स्टील पाइप सा टाइट कर दिया था. अब मैंने चूमने के साथ साथ उसके मम्मों को भी दबाना शुरू कर दिया.

साथ साथ वो मुझे, मैं उसके गले और छाती को भी चूम रहे थे. उसके चूचे जरा छोटे थे, पर टाइट और मलाईदार थे. उसके दूध दबाने में बड़ा मज़ा आ रहा था, मैं तो पागल ही हो गया था.

फिर मैंने उसका टॉप उतारा और देखा कि रेशमी जालीवाली ब्रा में उसके दोनों दूध उठ बैठ रहे थे. मैंने उसके मम्मों को ब्रा के ऊपर से ही चूमना और हल्के से काटना शुरू कर दिया. इससे उसका मूड चरम सीमा पर आना शुरू हो गया.

अब मुझसे भी रहा नहीं गया. मैंने उसकी ब्रा खोली और निकाल फेंकी. आह क्या मस्त कसे हुए चूचे थे … सांवले रंग के छोटे, पर टाइट और रसभरे थे.

मैंने उसके एक दूध को मेरे होंठों से दबाते हुए चूसना चूमना शुरू कर दिया. वो दुनिया भूल गयी थी और मेरी बांहों में खो गई थी. हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था. दोनों ही मस्त मूड में आ गए थे.

उसके मुँह से ‘आह हुउऊ … ऊह..’ की रोमांटिक आवाजें निकल रही थीं. उसकी सांसें गहरी और कामुक होती चली जा रही थीं. उसकी आंखें बंद ही थीं, जैसे वो अन्दर ही अन्दर मेरे प्यार में खो गई हो.

वो अब चुत चुदवाने के मूड में आ गई थी. मैंने अपना एक हाथ नीचे उसकी पैंटी पर डाल दिया और उसके होंठों को चूमना जारी रखा. पहले तो हाथ नीचे उसकी चड्डी पर हल्के हल्के घुमाया. उसकी सांसें तेज होती जा रही थीं. चूचियां एकदम से टाइट हो गई थीं.

फिर मैंने उसकी चड्डी में हाथ डाला. उसकी मक्खन सी मुलायम और कसी हुई चुत पर मैंने हाथ फेरना शुरू कर दिया. वो अपनी चुत पर मेरा हाथ पाते ही पागल सी हो गई.

उसी समय उसका हाथ मेरे पैंट की ज़िप पर आ गया. उसने मेरे फूलते लंड को पैंट के ऊपर से ही छुआ, तो लंड मानो स्टील का रॉड हो गया. मेरा लंड उसके स्पर्श से एकदम टाइट हो गया था.

उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं. वो मुझे घूर घूर कर देख रही थीं. उसे इतने बड़े लंड के होने से कुछ हैरानी हो रही थी. चूंकि वो नर्स थी, तो उसने मर्दों के लंड देखे हुए थे, मगर वो सब शायद उस समय खड़े नहीं होते थे, इसलिए उसने किसी खड़े लंड का अहसास पहली बार किया था.

उसने मेरे पैंट की क्लिप खोली और मेरा पैंट नीचे कर दिया. मैंने पैर हिला कर उसे उतार दिया. चड्डी में मस्त टाइट लंड देख कर उसने लंड पर हाथ घुमाना शुरू कर दिया. मैंने भी उसकी चुत में उंगली करना शुरू कर दिया. उसकी तो पूरी बॉडी ही बदल गई थी … एकदम हॉट हॉट सी हो गई थी. एक सीधी सादी लड़की, अब न्यूक्लियर बॉम्ब बन गई थी. … और मेरे पर फटने के लिए उत्सुक हो गई थी.

मैंने उसकी सलवार नीचे की और चड्डी उतार दी. वो मेरे सामने पूरी नंगी थी. सांवली थी, पर बड़ी कातिल माल थी. मैंने उसे लिटा दिया और पैर फ़ैला दिए.

उसकी खुली साफ़ चुत देख कर मुझे चार बोतल का नशा हो गया था.

मैंने उसकी चुत चाटना शुरू कर दिया. मैं बड़ी ही शिद्दत से उसकी चुत चाट रहा था और वो मेरे बालों में अपने हाथ घुमा रही थी. उसका पूरा बदन कामुकता से थिरक रहा था.

उसको अपनी चुत चटवाने में बड़ा मज़ा आ रहा था. उसकी चुत बिल्कुल पानी पानी हो चुकी थी. उसको बड़ा मज़ा आ रहा था. उसने अपने दोनों हाथों से मेरा सर पकड़ कर मुझे ऊपर खींच लिया. वो मेरे चेहरे को चूमने लगी, होंठों को होंठों से लगाकर फ्रेंच किस करने लगी. वो बहुत खुश थी. मुझसे कसके लिपट गई थी और मुझे चूमे जा रही थी.

अब हमारे केवल होंठ ही नहीं, पूरे बदन एक दूसरे से रगड़ सुख पा रहे थे. हम दोनों एक दूसरे के प्यार में खो गए थे.

फिर उसने मुझे नीचे किया और वो मेरे ऊपर आ गई. उसने मुझे पहले चेहरे पर चूमना शुरू किया, फिर धीरे नीचे होने लगी. मेरे गले पर चूमने लगी, फिर छाती पर चूमने लगी, फिर पेट चूमने लगी.

आखिर वो मेरे लंड पर आ गई. उसने मेरी चड्डी उतारी और हौले हौले से लंड चूसना शुरू कर दिया. पहले उसने लंड के सुपारे को चूसना शुरू किया और जीभ से लंड चाटने लगी. मैं एकदम से गनगना उठा और मैंने उसके सिर को पकड़ कर धक्का दे मारा. मेरा पूरा लंड उसके मुँह घुस गया. वो मेरे लंड को गपागप चूसने लगी. मेरा लंड एकदम ऐसा टाइट हो चुका था … जैसे लोहे का सरिया हो.

उसको लंड चूसने में बहुत मज़ा आ रहा था. वो पूरे मनोयोग से लंड चूसे जा रही थी … और मेरे आंडों को सहलाए जा रही थी.

कुछ ही देर में मेरा लंड एकदम से लावा छोड़ने की कगार पर आ गया था. उधर वो गपागप अपने मुँह से लंड चूस रही थी. तभी मेरे लंड ने उसके मुँह में अपना वीर्य छोड़ दिया. उसका मुँह वीर्य से भर गया था. मैंने अपना पूरा लंड उसके मुँह में गले तक ठांस दिया था, जिससे उसकी सांस फूल गई थी.

कुछ पल बाद मैंने लंड बाहर खींचा, तो वो जैसे ही वीर्य थूकने जा रही थी, मैंने उसको पकड़ लिया.
मैंने कहा- मुँह खोलो और दिखाओ कितना माल है.
उसने मुँह खोला, तो मैंने देखा कि उसका पूरा मुँह मेरे लंड के वीर्य से भर चुका था.

मैंने कहा कि थूको मत … रस पी जाओ.
उसने मुँह हिलाकर मना किया. मगर मैंने उसको पकड़ लिया और होंठ दबाकर कहा- पी जाओ प्लीज़.
मैंने उसको जबरदस्ती वीर्य पिला दिया.

मेरे लंड का वीर्य तो उसके गले से उतर गया था, पर उसके चेहरे पर एक अजीब गुस्सा आ गया था. मैंने उसको कसके पकड़ लिया, मगर उसने मुझे धक्का दे दिया.

मैंने उसको फिर से पकड़ा और चूमना शुरू कर दिया. वो मुझसे दूर जाने की कोशिश कर रही थी. यह हमारी मस्ती चलती रही. मेरा लंड फिर से टाइट हो चुका था.

उसने लंड की सख्ती को देखा तो हैरानी से कहा- अभी तो इसे मैंने मुँह से निकाला था और इतनी जल्दी फिर से खड़ा हो गया, ये लंड है या मशीन?
वो मेरे लंड के खड़े हो जाने से अचरज में थी. पर खुश भी हो गई थी.

अब उसके सर से वीर्य पिलाने का गुस्सा उतर गया था और वो अपने मूड में फिर से आ गई थी. अब वो लंड की सवारी के लिए वो कामुकता की चरम सीमा पर आ गई थी. मैंने उसकी चुत में उंगली अन्दर बाहर हिलाना शुरू किया. उसकी सिसकारियां निकलना शुरू हो गईं.

मैंने अपनी उंगली को थूक से चिकनी की और उसकी चुत में अन्दर तक पेल कर घुमाई ताकि चुत अन्दर तक चिकनी हो जाए.

वो लंड लेने के लिए मचल रही थी. मैंने उसे चुदाई की पोजीशन में लिया और अपना लंड उसकी चुत की फांकों से लगा दिया. उसको तो जैसे करेंट लग गया था. उसके शरीर की सिहरन बता रही थी कि वो लंड लगने से उसके पूरे बदन में संवेदना हुई थी. मैंने अपने लंड के टोपे को उसकी चुत के बाहरी हिस्से में घिसना शुरू कर दिया. उसकी सिसकारियों की बौछार सी होना शुरू हो गई. उसे पूरे बदन में, रोम रोम में, उर्जा का विस्पोट हो रहा था और बदन हिल रहा था.

मैंने लंड को उसकी चुत की फांकों में फंसा दिया और उसके होंठों पर अपने होंठों को जमाते हुए अन्दर घुसा दिया.

वो एकदम से लंड घुसने से चिल्ला उठी, मगर उसकी चीख बाहर न निकल पाई. मैंने उसको अपनी बांहों में कसके जकड़ लिया. उसकी सांस चढ़ी हुई थी. मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू किया और वो धीर धीरे शांत हो गई. अब वो मुझे भी फ्रेंच किस करने लगी.

मैंने अपने लंड को उसकी चुत में बिना हिलाए डाले रखा और उसे मज़ा देने लगा. हम दोनों किस करने में मशगूल थे.

उसने भी अब धीरे धीरे अपनी गांड हिलाना शुरू कर दिया … ताकि लंड अन्दर बाहर होने लगे. मैंने उसकी गांड हिलते महसूस की, तो उसके पैरों को पूरा फैलाया और धीरे धीरे लंड को अन्दर बाहर करने लगा. उसको मज़ा आने लगा, उसने दोनों हाथों से मुझे छोड़ कर चादर पकड़ ली और हाथों की मुट्ठी से कस ली.

मैं लगातार लंड हिला रहा था. लंड भी टाइट हुए जा रहा था. उसकी चुत भी गरम होती चली जा रही थी.

वो मादक और कामुक सिसकारियों पर सिसकारियां निकाल रही थी. हम दोनों को लंड चुत की रगड़न से बहुत मज़ा आ रहा था.

उसकी चुत बेहद टाइट हो चुकी थी और मेरा फंस फंस कर अन्दर बाहर हो रहा था. तभी उसने अपने बदन को अकड़ा दिया और वो पानी पानी हो गई.

उसकी चुत के झड़ते ही मेरे लंड को चिकनाई मिल गई और मैंने उसको अब स्पीड में अन्दर बाहर करते हुए चोदना शुरू कर दिया. वो कुछ ही धक्कों में फिर से चार्ज हो गई और हम दोनों मूड के फिर से चरम सीमा पर पहुंच गए थे.

उसकी आंखें लंड के धक्कों से बंद हो गई थीं. वो पूरी तेजी से अपनी गांड हिला रही थी. हम दोनों का स्खलन अपने अंतिम पड़ाव पर आ गया था.

मैंने लंड को अब बड़ी तेजी से अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया. लंड चुत का मिलन इतनी तेजी से हो रहा था कि ठप ठप की आवाज़ आने लगी थी. उसे बहुत मजा आ रहा था, मुझे भी बेहद आनन्द मिल रहा था. हम दोनों इस समय एक अलग ही दुनिया में पहुंच गए थे.

तभी मेरा लंड वीर्य की बारिश करने के लिए तैयार हो उठा था. मैं बड़ी तेजी से चुत को लंड से ठोक रहा था.
उसके मुँह से सिसकारियां निकले जा रही थी- अया ऊओह ह्म्म्म्म … मैं गईई!
उसकी सांसें फूली हुई थीं.

तभी मेरे लंड से वीर्य की बारिश हो गई. मैंने उसको और उसने मुझको अपनी बांहों की गिरफ्त में इस कदर ले लिया लिया था कि हमारे बीच से हवा भी नहीं निकल पा रही थी. मैंने लंड को पिचकारियां मारने के लिए खुला छोड़ दिया था. लंड ने अपनी गर्मी उसकी चुत में निकाल दी थी.

मैंने स्खलन के बाद कुछ देर के लिए लंड को चुत के अन्दर ही रहने दिया.
फिर जब लंड बाहर निकाला, तो वो और मैं बिल्कुल थक चुके थे.

उसकी चुत का रज मेरे वीर्य के साथ निकल रहा था. उसने मस्ती करना शुरू कर दिया.
वो कहने लगी- अब इस रस को चाट लो और पी जाओ सब.

मैंने भी उसकी आंखों में देखा और आंख दबाते हुए नीचे आकर उसकी चुत से मुँह लगा दिया. उसने भी अपनी टांगें खोल दीं और मुझे चुत चुसवाने का मजा लेने लगी. उसको मज़ा आने लगा था. मैंने चुत का सारा पानी पी लिया.

मेरे मुँह में सारा पानी भरा हुआ था. मैंने उसको मुँह खोल कर दिखाया. वो देखते ही रह गई.
उसने कहा- अब इसे थूक दो.

मगर मैंने मुँह हिलाकर मना किया और सारा पानी उसके सामने ही पी गया.

फिर मैंने उसको चूमना शुरू किया. उसने भी मेरे मुँह को चूसते हुए हम दोनों के रज और वीर्य का स्वाद लेना शुरू कर दिया. इस तरह हमने थोड़ा फोरप्ले किया और दोनों नंगे ही एक दूसरे की बांहों में सो गए.

इसके बाद हम दोनों की और भी मुलाकातें हुईं. जब जब हॉस्पिटल में वो अकेली होती, तो मुझे बुला लेती और हम दोनों चुदाई के मज़े ले लेते!

इस मस्त नर्स के साथ मेरी चुदाई की और भी मस्त कहानियां हैं … मैं एक एक करके सब लेकर आऊंगा. नर्स के अलावा भी मेरे लंड का स्वाद लेने वाली कई लौंडियों और भाभियों की चुदाई की कहानी आपके सामने आने को बेसब्र हैं.
आपको मेरी यह सेक्स कहानी कैसी लगी, अपना अभिप्राय मुझे कमेंट जरूर करें.