सर्द रात में गर्म माल की चुत चुदाई

बॉय एंड गर्ल सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने बड़े चूतड़ों वाली एक सेक्सी लड़की को पटाया. फिर मैंने उसकी चुत मारने का जुगाड़ लगाया. ये सब कैसे हुआ?

कामुकताज डॉट कॉम के समस्त दोस्तो को मेरा नमस्कार.
मेरा नाम सुनील है. मैं दिल्ली के पास का रहने वाला हूँ और दिल्ली में नर्सिंग का छात्र हूँ. मैं दिखने में गोरा और हैंडसम हूँ. मेरी लंबाई 5 फुट 6 इंच के लगभग की है.

यह मेरी पहली और सच्ची बॉय एंड गर्ल सेक्स कहानी है, जो आज मैं आप लोगों के साथ साझा करना चाहता हूँ.

जब मैं कॉलेज में था, तब मेरी एक गर्लफ्रेंड हुआ करती थी. उसका नाम रिज़वाना था.

रिज़वाना दिखने में मस्त और हल्के सांवले रंग की थी. उसका फिगर 34-30-36 के नाप का था. रिज़वाना की गांड एकदम गोल और उठी हुई थी तथा दोनों चूतड़ कुछ इस तरह से अलग अलग से थे कि उसकी चुत पीछे से बड़ी आसानी से चोदी जा सकती थी.

मेरे सारे दोस्त उसे चोदने की सोचते रहते थे. पर ये मेरा नसीब था कि सबसे पहले उसे चोदने का मौका मुझे मिला.

रिज़वाना मेरे साथ कॉलेज में मेरी क्लास में ही पढ़ती थी. मेरी उससे दोस्ती पहले साल में ही हो गई थी.

जल्दी ही रिज़वाना के साथ मेरी दोस्ती गर्लफ्रेंड ब्वॉयफ्रेंड जैसी हो गई थी.
मैंने उसके साथ किस करना मम्मे दबाना आदि कई बार कर लिया था, यहां तक कि उसे अपना लंड भी बहुत बार चुसा दिया था, पर चुत नहीं चोद पाया था.

ये सब रिज़वाना के हॉस्टल में रहने के कारण हो रहा था कि मैं उसे चोद नहीं पा रहा था.

मैंने एक साल तो जैसे-तैसे निकाल दिया. फिर मैंने उसे बाहर एक रूम दिला दिया.
वहां एक आंटी अकेली रहती थीं और उन्हें किराये पर रहने के लिए लड़कियों की जरूरत थी.

  जवान लड़की के दौरे का इलाज

उनकी एक लड़की थी, जिसकी शादी हो गयी थी. इधर वो अपने पति के साथ रहती थीं. आंटी कभी कभार अपनी बेटी के पास चली जाया करती थीं.

वो सर्दियों का मौसम था.
रिज़वाना ने बताया कि आंटी अपनी बेटी के पास गई हैं. तो मुझे रिज़वाना को चोदने का मौका मिल गया. मैंने उससे चुदाई की बात की. पहले तो वो मना कर रही थी, लेकिन मैंने जैसे-तैसे उसे मना लिया.

मैं रात को अपने दोस्त को साथ में लेकर उसके कमरे पहुंच गया.
मेरे दोस्त ने मुझे उसके कमरे से कुछ दूर छोड़ दिया.

मैंने रिज़वाना को फ़ोन किया और उसने गेट खोल दिया. मैं बड़ी सावधानी से अन्दर चला गया. अंधेरा होने के कारण मुझे किसी ने घर में जाते हुए नहीं देखा.

अन्दर रिज़वाना के साथ उसकी सहेली भी रहती थी. वो मुझे देख कर अन्दर वाले रूम में चली गयी.
मैंने और रिज़वाना ने साथ खाना खाया. खाना खाने के बाद वो अन्दर से एक रजाई ले आई और हम दोनों एक ही रजाई में घुस कर लेट गए.

मैंने रिज़वाना के होंठों पर किस करना चालू कर दिया. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

फिर मैंने उसके गले पर किस करना शुरू कर दिया. वो मुझ से लिपट कर मादक सिसकारियां भरने लगी.

धीरे धीरे मैंने उसके ऊपर के हिस्से से कपड़े उतार दिए और उसके गोल मटोल उभारों को अपने मुँह में दबा कर चूसने लगा.

उसकी ‘आह उई ई ऊह ई ..’ जैसी मादक आवाजों से कमरा गूंजने लगा.

वो गर्मा गई और उसकी चुत चुदवाने की इच्छा बढ़ने लगी. वो बड़ी मस्ती से मुझे अपने दोनों दूध बारी बारी से चुसा रही थी.

रिज़वाना चुदास भरी आवाज में कह रही थी कि आह सुनील … इन्हें खा जाओ … आह जोर से खा लो.

उसकी इन गर्म कामुक आवाजों से मेरी उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ने लगी.
मैं उसके निप्पलों को अपने होंठों में भर कर खींचने लगा.
इससे उसकी मीठी कराहें निकलने लगीं.

तभी बाजू वाले कमरे से उसकी सहेली की आवाज आई- शोर कम करो … बाजू में और लोग भी रहते हैं.
उसकी आवाज से रिज़वाना एकदम से झेंप गई और उससे बोली- ओके हनी, अब मैं तुम्हारा ध्यान रखूँगी.

मैंने भी रिज़वाना से हंस कर कहा- उसे बोल दो कि मन हो तो इधर आकर लाइव फिल्म देख ले.
रिज़वाना हंसने लगी और मेरे सीने पर मुक्का मारने लगी- बड़े शरारती हो … मेरी इज्जत की धज्जियां चौराहे पर उड़ाने की कह रहे हो.

मैंने उसका दूध चूसते हुए कहा- अबे यार, वो भी गर्म हो रही होगी सो मैंने कहा था.
वो बोली- उसे गर्माने दो … तुम मुझे ठंडी करो.

ये कह कर रिज़वाना ने मेरे लंड पर अपनी चुत रगड़नी शुरू कर दी.

मैंने भी उसकी चुत पर लंड का दबाव बढ़ा दिया और वो एकदम से कामुक होने लगी.
फिर रिज़वाना बोली- अब तक तो मेरे मुँह ने ही इसका स्वाद लिया था, आज मेरी चुत भी पहली बार लंड का स्वाद लेगी.
मैंने कहा- अरे मैं तो सोच रहा था कि इसको स्वाद ले लिया होगा!

वो मेरी तरफ आंखें तरेरते हुए बोली- साले, मैं अब तक कुंवारी हूँ.
मैंने उसे चूम लिया और कहा- हां जान, मैं भी जानता हूँ.

हम दोनों एक दूसरे से होंठ लगा कर किस करने लगे और अपनी जीभों से एक दूसरे को गर्म करने लगे.

इस क्रिया से मेरा लंड एकदम कड़क हो गया और उसकी टांगों में कुछ ज्यादा ही चुभने लगा.
उसका हाथ मेरे लंड पर चला गया और गर्म डंडा महसूस करके एकदम से हॉट हो गई और लंड को मरोड़ने लगी.

इससे मेरा लंड और भी ज्यादा बौखला गया और हम दोनों जल्दी से एक दूसरे के कपड़े खोल कर एकदम से पूरे नंगे हो गए.

अब हम दोनों 69 की अवस्था में हो गए. मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया और अन्दर बाहर करने लगा. इधर मैं भी उसकी चिकनी चमेली बनी रसीली चुत को चाटने लगा. उसकी टांगें एकदम से फ़ैल गईं और वो मेरे मुँह पर अपनी चुत पटकते हुए चुत चुसवाने लगी.

कुछ देर बाद मैं उसके मुँह में झड़ गया और वो मेरे लंड का पूरा माल पी गयी.
उधर वो भी झड़ गई और मैंने भी उसकी चुत को चाट चाट कर एकदम शीशे सा चमका दिया.

झड़ने के बाद हम दोनों काफी हल्का महसूस करने लगे थे.

वो मुझसे लिपट गई और प्यार भरी बातें करने लगी.
उसने कहा- मैं कैसी लगी?
मैंने कहा- टेस्टी.

वो बोली- मीठी थी?
मैंने कहा- हां नमकीन वाली मीठी.

वो बोली- नमकीन वाली मीठी क्या होती है?
मैंने उसकी आंखों में देख कर कहा- नमकन वाली रबड़ी.

वो हंस दी और मुझे चूमने लगी और बोली- जैसे तुम्हारी मलाई नमकीन है.

मैंने उसे चूम लिया और अपने ही वीर्य का स्वाद उसके होंठों से ले लिया.

इस तरह की कामुक बातों से हम दोनों एक बार से उत्तेजित होने लगे और मेरा लंड अकड़ने लगा.

वो मेरे लंड को अपनी चुत पर खड़ा होता महसूस कर रही थी.

वो बोली- तुम्हारा सांप फुदकने लगा है.
मैंने कहा- हां अभी फुंफकारने भी लगेगा.

वो बोली- मैं उसको अपने बिल में घुसेड़ लूंगी.
मैंने कहा- चल कड़क कर मेरे लौड़े को … फिर इसे तेरी चुत में घुसाते हैं.

वो बोली- मैं क्या करूं?
मैंने कहा- एक बार उसे प्यार कर तो वो खड़ा हो जाएगा.

वो समझ गई कि लंड चूसना है.

मैंने फिर से उसे अपना लंड चूसने को कहा. वो लंड चूसने लगी और मेरा हथियार फिर से तैयार हो गया.

इस बार वो मुझे चोदने के लिए कहने लगी- चलो राजा, अब अपने सांप को मेरे बिल के अन्दर डाल दो.

मैं अपना लंड उसकी चूत पर रख कर उसकी उत्तेजना को और बढ़ाने लगा.
उससे रहा नहीं जा रहा था; वो जोर जोर से कहने लगी- आह सुनील अब मत तड़फा … जल्दी से मुझे चोद दे.

ये उसका और मेरा पहला चुदाई का अवसर था.
उसने मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ कर अपनी चुत की फांकों में रगड़ लिया. दो तीन बार लंड चुत पर घिसा और फांकों में लंड का सुपारा सैट कर दिया.

मैंने भी सुपारा सैट होते ही ठोकर मार दी और लंड का सुपारा चुत में फंस गया.

पहले तो मैंने बड़े आराम से केवल सुपारा ही उसकी चुत में डाला, वो सुपारा फंसने से ही कुछ असहज होने लगी थी, उसकी आंखों में दर्द सा झलक उठा था.
मगर वो अभी कुछ सामान्य सी ही थी.

फिर मैंने एक ही झटके में लंड उसकी चुत में पेल दिया.
वो एकदम से चीखने चिल्लाने लगी.

थोड़ी देर के बाद उसे मजा आने लगा और वो अपनी गांड उठा कर मेरा साथ देने लगी.
उसने अपने होंठ मेरे होंठों में दबा दिए. मैंने उसकी टांगें अपने कंधों पर रख लीं.

मेरा लंड उसकी चुत की अन्दर तक चुदाई करने लगा.
वो चीखने लगी कि नहीं सुनील अन्दर बहुत लग रहा है. तुम्हारा बहुत बड़ा है. इसे बाहर निकालो मुझे दर्द हो रहा है.

फिर मैंने उसे उलटा होने को कहा, वो मना करने लगी.
मैंने जोर दिया तो वो तैयार हो गयी.

उसकी मोटी गांड अब मेरे सामने थी. मैं उसकी गांड को अपने हाथ से दबा कर किस करने लगा.

थोड़ी देर किस करके मैंने अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया. वो गांड उठा कर मेरा सारा लंड अपनी चुत में लेने लगी.

करीब 15 मिनट तक हम दोनों इसी अवस्था में रह कर चुदाई करते रहे. फिर मैं उसकी चुत में झड़ गया.

कुछ देर बाद मैं रिज़वाना को लंड चुसा कर फिर से तैयार हो गया.
इस बार मैंने उसे अपने ऊपर बिठा लिया और लंड उसकी चुत में डाल कर उसे ऊपर नीचे होने को कहा.

वो मेरे ऊपर लेट गयी और मेरा लंड अपनी चुत में अन्दर बाहर करने लगी. वो मुझे अपने दांतों से खाने लगी.

थोड़ी देर बाद उसकी चुत ने पानी छोड़ दिया. वो थक कर मेरे ऊपर लेट गयी.

मैं उसकी कमर को सहलाते हुए अपना लंड अन्दर बाहर करने लगा, पर अब वो मना करने लगी.

फिर मैंने उससे लंड चूसने को कहा और उसके मुँह में अपना माल छोड़ दिया.

हमने उस सर्दी भरी रात को एकदम गर्म कर दिया था.

रात को 3 बार चुदाई करने के बाद हम दोनों एक ही रजाई में नंगे एक दूसरे से लिपट कर सो गए.

सुबह जल्दी उठ कर मैं जाने लगा, तो रिज़वाना ने मुझे मना किया कि मत जाओ.
मैंने कहा- नहीं अभी थोड़ा अंधेरा है, सभी सो रहे हैं … मैं निकल जाता हूं. बाद में दिक्कत हो सकती हैं.

वो बोली- ठीक है पर एक शर्त है.
मैं बोला- क्या?

उसने होंठ दबाते हुए कहा- एक बार मेरी गांड मार के जाना पड़ेगा.

पहले तो मैं हैरान हो गया कि ऐसे तो ये नखरे कर रही थी और अब खुद गांड मरवाना चाहती है.

मेरा लंड तो तैयार था. मैंने उसे उल्टा कर दिया और थूक लगा कर उसकी गांड में पेल दिया.
उसने पूरा लंड अपनी गांड में ले लिया. मैंने उसकी गांड का छेद बड़ा कर दिया. कुछ देर गांड मारने के बाद मैं उसकी गांड में ही झड़ गया.

इस तरह बॉय एंड गर्ल सेक्स ने सर्द भरी रात को गर्म कर दिया.

फिर मैंने अपने दोस्त को फ़ोन किया. वो मोटरसाइकिल लेकर आ गया. मैं अपने कमरे आ गया.

तो दोस्तो ये था चुदाई का मेरा पहला अनुभव. आपको मेरी बॉय एंड गर्ल सेक्स कहानी कैसी लगी … कॉमेंट में और मेल से जरूर बताएं.

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