कॉलेज गर्ल को मिला जन्मदिन का तोहफा

लड़की की पहली बार चुदाई कैसे हुई … कॉलेज गर्ल की इस कहानी में पढ़ें. कॉलेज में मुझे एक लड़के से प्यार हो गया। मेरे जन्मदिन पर उसने मुझे कैसे चोदा?

हेलो मेरे प्यारे पाठको, आप सभी को मेरा नमस्कार!

मेरा नाम नेहा है और अभी मेरी उम्र 27 साल है. मेरी शादी को 4 साल हो गए हैं और अभी मेरे पास 1 साल का बेबी है।

मैं एक हाउसवाइफ हूं। मेरा फिगर एकदम मस्त है. मेरे बूब्स का साइज 32 है, मेरी कमर का साइज 30 है और हिप्स 36 हैं।

जब मैं कहीं बाहर जाती हूं तो मैंने यह बात नोटिस की है कि लोग मेरे बदन को खूब निहारते हैं मुझे घूर घूर कर देखते हैं।

खैर अब मैं आप लोगों को अपनी जिंदगी का एक सेक्सी किस्सा सुनाती हूं।

मेरे पापा एक सामान्य सी जॉब करते थे पर उन्होंने मुझे पढ़ाया।

तो जब मैं कॉलेज में थी तो वहां मुझे एक लड़के से प्यार हो गया।

धीरे-धीरे यह बात पूरा कॉलेज में पता चल गई। हम दोनों के लव अफेयर के किस्से सरेआम हो गए।

लेकिन मुझे किसी चीज की चिंता नहीं थी क्योंकि मैं उससे सच्चा प्यार करती थी और वह भी मुझसे बहुत सच्चा प्यार करता था।
हमने साथ जीने मरने की कसमें खाई थी।

फिर एक दिन मेरा जन्मदिन आया तो उसने मुझसे कहा- जान बताओ क्या गिफ्ट लोगी?
मैंने कहा- जो तुम दे दोगे, मुझे सब मंजूर है।

मैं एक बहुत ही मध्यम परिवार से थी लेकिन वह बहुत अच्छे खासे घर से था।
उसके पापा एक बहुत ही अच्छे बिजनेसमैन थे उनके पास बहुत सारी पुश्तैनी जमीन भी थी।

तो उसने मुझसे कहा- ठीक है जान!
लेकिन मैंने उससे कहा- मुझे गिफ्ट आज ही चाहिए।

तो उसने मुझसे कहा- लेकिन बेबी तुम्हारा बर्थडे तो कल है।
मैंने कहा- हां लेकिन मुझे गिफ्ट आज ही चाहिए!
तो उसने कहा- ठीक है, मैं शाम तक तुम्हारा गिफ्ट ले आऊंगा.

  मेरी चूत का लंड से पहला साक्षात्कार-2

अब मैं उसके गिफ्ट का इंतजार कर रही थी.

हमारे कॉलेज के पास में ही एक लव पॉइंट था।

हम दोनों वहां पर चले गए.
वहां पर पहले से ही बहुत सारे कपल मौजूद थे।

वहां जाकर मैंने उसका गिफ्ट खोला तो उसमें आईफोन था.
मैंने उससे कहा- यार, इतना महंगा गिफ्ट देने की क्या जरूरत है?
तो उसने मुझसे कहा- जान, मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं. मेरे पास था तो मैंने दे दिया. नहीं होता तो नहीं दे पाता।

खैर मैं मन ही मन में बहुत खुश थी.
वह मुझसे कहने लगा- लेकिन अब तुम बताओ तुम मुझे कल क्या दोगी अपने बर्थडे पर?
मैंने कहा- कल आने तो दो।

तो उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मेरे होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसने लगा और कहने लगा- मुझे तो कुछ और चाहिए!
मैं उसकी बातें समझने लगी।

मेरे शरीर के रोंगटे खड़े होने लगे थे।
मैंने भी उसके होंठ चूसते हुए कहा- जो तुम्हारा मन करे, ले लेना।

फिर हमने बहुत सारा समय एक साथ व्यतीत किया और फिर हम अपने अपने घर लौट गए।

अगले दिन मेरा बर्थडे था और हम दोनों अपना बर्थडे मनाने के लिए एक होटल में चले गए।

वहां पर हम दोनों के अलावा कोई नहीं था।
मैंने अपने बर्थडे पर उसके अलावा किसी को नहीं बुलाया था.

तो पहले तो हमने अपना केक काटा … एक दूसरे को बहुत सारी पप्पियाँ दी।

केक काटने के बाद उसने मुझे अपनी बांहों में उठाया और बेड पर ले गया.
वहां जाकर वह मेरे कपड़े निकालने की कोशिश करने लगा.

मैं मना करने लगी तो वह मुझ से रिक्वेस्ट करने लगा और मेरी गर्दन और मेरे कानों की लटकन को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा।
इससे मैं भी अपने आप को नहीं रोक पाई।

फिर उसने एक एक करके मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और जो मेरे बर्थडे के लिए केक आया था वह उसे मेरे सारे बदन पर लगाने लगा।

उसने मेरे सारे बदन पर केक लगा दिया और उसे धीरे-धीरे करके चाटने लगा।

मेरी सांसें बहुत तेज तेज चल रही थी … मेरे मुंह से सिसकारियां निकल रही थी।

दीदी की कुंवारी चूत नटखट भाई से चुद चुद कर फटी

वह मेरे बूब्स को चूसने और दबाने लगा।

जब मेरे बूब्स पर से केक खत्म हो जाता तो वह फिर से केक मेरे बूब्स पर लगाता और फिर से मेरे बूब्स को अपने दोनों हाथों से दबाता और जीभ से चाट रहा था।

मेरा बदन एकदम अकड़ता जा रहा था।
फिर वह मुझे किस करता करता मेरी चूत तक जा पहुंचा.
तब उसने मेरी चूत में केक भर दिया और वह उसमें अंदर तक जीभ डाल डाल कर चाटने लगा।

एक बार मैं तो तभी झड़ गई … मेरी चूत ने उसके मुंह में ही अपना सारा पानी छोड़ दिया.

फिर उसने मुझे अपनी गोद में उठाया और खुद नीचे लेटकर मुझे अपने लंड पर बैठा लिया.

क्योंकि मेरी चूत एकदम गीली हो गई थी तो उसका सख्त लंड एकदम से मेरी कुंवारी बुर के अंदर चला गया।

मेरी एकदम बहुत तेज चीख निकल गई क्योंकि यह सब मेरे साथ पहली बार हो रहा था।
और बहुत देर तक मुझे ऐसे ही दर्द होता रहा.

लेकिन फिर कुछ देर बाद मुझे मजा भी आने लगा.

नीचे से वह मेरे बूब्स को चूस रहा था।
उसने मेरे सारे बदन को अपने आगोश में ले रखा था. वह मेरी कमर, मेरे हिप्स, मेरे बूब्स मेरे बालों सब में अपना हाथ फिरा रहा था।

और वह मुझे चोदते हुए बोल रहा था- बेबी, मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूं।

फिर उसने मुझे बेड पर सीधा लेटा लिया, मेरी टांगों को थोड़ा ऊपर उठाया और फिर से अपना लौड़ा मेरी चूत में डाल दिया।

हम दोनों एक दूसरे में पूरी तरह से खोए हुए थे।
वह मुझे ऐसे टूट टूट कर प्यार कर रहा था जैसे मेरे जिस्म में समा जाना चाहता हो।

फिर जब उसका पानी निकलने लगा तो वह मेरी चूत में और तेज तेज धक्के लगाने लगा.
कुछ देर में उसके लंड ने सारा वीर्य मेरी चूत में भर दिया और वह निढाल होकर मेरे ऊपर ही गिर गया।

बहुत देर तक हम दोनों एक दूसरे से ऐसे ही चिपके रहे।

फिर करीब 10 मिनट के बाद उसका और मेरा फिर से वही सब दोबारा करने का मन करने लगा।

और उसका लंड फिर से खड़ा हो गया तो उसने मुझसे उसे चूसने का इशारा किया.
तो मैं उसके लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी, अपने होंठों से उसके लौड़े की खाल को आगे पीछे करने लगी।

उसके लंड में से एक मादक से खुशबू आ रही थी।

मैं भी मजे में अपनी आंखें बंद करके अपने चोदू यार का लंड चूसने में लगी थी. मेरा प्रेमी मेरे बालों में अपना हाथ फिरा रहा था।
मेरा भी फिर से मन करने लगा।

अबकी बार उसने मुझे घोड़ी बनाकर पीछे से अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और पीछे से ही अपने दोनों हाथों से मेरे बूब्स को मसलने लगा।

मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा था मैं बहुत तेज चिल्ला रही थी।
लेकिन वह तो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था।

पर कुछ देर बाद ही फिर से मुझे मजा आने लगा।
वो मुझे चोद रहा था और मैं भी अपने चूतड़ पीछे धकेल कर चुद रही थी.

हम दोनों पसीने में एकदम भीग गए थे।

हम दोनों के बदन एक दूसरे से इस तरह से चिपके हुए थे जैसे ये बरसों के प्यासे हों और ये कभी अलग नहीं होंगे।

लेकिन कुछ देर बाद मुझे मजा आने लगा और मैं एक बार फिर से झड़ गई।

और मुझे झड़ता देख उसके लंड ने भी अपना सारा पानी छोड़ दिया।
उसने अपनी वीर्य की एक-एक बूंद मेरी चूत के अंदर निकाल दी।

बस फिर हम दोनों बहुत थक गए थे।
और हमारा घर जाने का टाइम भी हो गया था तो हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहन लिए और कमरे से निकल आये.

हमने होटल से चेक आउट किया और अपने अपने घर के लिए रवाना हो गए।

मैं जिस टाइम कॉलेज से घर आती थी, ठीक उसी टाइम पर वापस घर आ गई तो घर पर किसी को शक भी नहीं हुआ।

लेकिन अगले महीने जब मेरी पीरियड्स की डेट पर ब्लीडिंग होनी थी, वह मुझे नहीं हुई.

इससे मुझे शक हुआ कि मैं प्रेग्नेंट हो गई हूं और मैं घबरा गयी.
तो मैंने यह बात अपने बॉयफ्रेंड से की।

उसने मुझसे कहा- बेबी, कोई बात नहीं, मैं तुम्हें दवाई लाकर दे दूंगा।

अगले दिन उसने मुझे दवाई लाकर दे दी, मैंने वह खा ली.

लेकिन उस दवाई से मुझे बहुत ज्यादा दर्द हुआ और मुझे बहुत ज्यादा पीरियड्स होने लगी.
जिससे यह बात मेरी मम्मी को पता चल गई और उनको अहसास हो गया कि मैंने कुछ गलत किया है.

फिर शाम को पापा आए और उन्होंने यह बात पापा को बताई शायद!
पापा ने तब तो मुझसे कुछ नहीं कहा लेकिन जल्दी ही वे मेरे लिए लड़का देखने लगे।

और उन्हें बहुत जल्दी जल्दी में मेरी शादी तय कर दी. मैंने उसे बहुत मना भी किया था लेकिन उन्होंने मेरी एक नहीं सुनी.
मैंने यह बात अपने बॉयफ्रेंड से भी बतायी लेकिन फिर भी हम दोनों चाह कर कुछ नहीं कर पाए।

अब तो मेरी शादी को भी 4 साल हो गए और मुझे अपने बॉयफ्रेंड का भी नहीं पता कि मैं कहां है, कैसा है, उसकी शादी हुई या नहीं।
लेकिन मेरा दिल कहीं ना कहीं आज भी सोचता है कि एक ऐसा दोस्त एक ऐसा बॉयफ्रेंड लाइफ में जरूर होना चाहिए जो आपकी हर तरह से मदद करे।

इससे ज्यादा मैं अपने शब्दों में इस लड़की की पहली बार चुदाई कहानी को व्यक्त नहीं कर सकती थी.
लड़की की पहली बार चुदाई पर आपको मेरे विचार कैसे लगते हैं? मुझे ईमेल करो.
[email protected]

क्लासरूम में पढाई और चुदाई