रॉन्ग नंबर से लड़की पटाकर उसकी सील तोड़ी

सेक्सी गर्ल XXX हिंदी कहानी मुझे अनायास ही मिली एक लड़की के साथ सेक्स की है. फोन पर हमारी बात शुरू हुई थी जो सेक्स चैट से होती हुई चुदाई तक पहुंची.

नमस्कार दोस्तो, कामुकताज डॉट कॉम में आपका स्वागत है.
मैं यहां पहली बार अपनी पहली सेक्स कहानी के साथ हाजिर हूं.

मुझे आशा है कि मेरी इस सेक्सी गर्ल XXX हिंदी कहानी को पढ़ने वालों के लंड से पानी निकल जाएगा और लड़कियों व भाभियों की चुत गीली हो जाएगी.

मेरा नाम शोभित अग्रवाल (बदला हुआ) है. मेरी उम्र 25 साल है और मैं 5 फुट 9 इंच का एक गबरू जवान हूं. मेरे लंड की लंबाई 7 इंच है.

मेरे भाई की एक टेलीकॉम की दुकान है, जिस पर कभी-कभी मैं भी भाई के अनुपस्थिति में दुकान पर रहता था.
उस वक्त मेरी उम्र करीब 21 साल रही होगी.

मैंने अपने दोस्त को एक सिम कार्ड दिया था, जो उससे कहीं खो गया था.

एक दिन मेरा दोस्त मुझसे मिला और कहने लगा- यार तुमने जो मुझे सिम कार्ड दिया था, वह सिम मैंने मोबाइल से निकाल कर रख दी थी मगर अब शायद वो सिम कहीं खो गई है.

मैंने उस नंबर पर फोन किया, पर वह नंबर स्विच ऑफ आ रहा था.
मैंने दोस्त से कहा- मैं देखता हूँ कि उस सिम की क्या पोजीशन है.

कुछ घंटे बाद मैंने एक बार वापस ट्राई किया, तो उस फोन की बेल जा रही थी.

एक या दो कॉल के बाद फोन रिसीव हुआ, तो फोन एक लड़की ने रिसीव किया.

उसने पूछा- हैलो कौन!
मैं बोला- आप कौन बोल रही हैं और आपको यह नंबर किसने दिया!

उसने कहा- मुझको ये सिम मेरी एक सहेली ने दी थी, आप कौन बोल रहे हैं?
मैंने उससे कहा- मैडम, ये मेरा सिम कार्ड है … आप प्लीज़ मुझे वापस कर दो.

  मेरे पापा के दोस्त ने मुझे चोदा

वह बोली- मेरे पास कोई दूसरा सिम कार्ड नहीं है, प्लीज प्लीज आप नया नंबर ले लो … ये नम्बर मैंने अपने परिचितों में दे दिया है.
ये कह कर उस लड़की ने फोन कट कर दिया.

मैंने फिर से फोन लगाया और उससे देर तक बात करता रहा.
वो भी मुझसे अच्छे से बात कर रही थी तो हम दोनों में सिम के अलावा भी बात होने लगी.

अब इस सिम कार्ड के चक्कर में मेरी उससे धीरे-धीरे लम्बी बातें होने लगी थीं.

पहले तो चार-पांच दिन तक ऐसे ही नॉर्मल बात होती रही, फिर धीरे-धीरे जैसे-जैसे बातें बढ़ती गईं, उसने धीरे-धीरे खुलना चालू कर दिया.

केवल 15 दिन के बाद मेरी और उसकी सेक्स के विषय को लेकर कामुक बातें होने लगीं.

बात करते-करते पता चला कि उसका नाम रागिनी (बदला हुआ) है.
उसके घर में मम्मी पापा भैया भाभी और उसकी एक छोटी बहन थी.

रागिनी मुझसे बड़ी मीठी मीठी बातें करती थी.
हम दोनों अब व्हाट्सैप पर बात करने लगे थे. हम दोनों अपनी शक्ल वीडियो कॉल करके एक दूसरे को दिखा दी थी.

वो मुझे देख कर बोली- आप तो बड़े हैंडसम हो.
मैंने कहा- तुम भी तो हॉट हो.

वो हॉट सुनकर हंस पड़ी.
मैंने पूछा- क्यों … हंसी क्यों आ गई!

वो बोली- ऐसी हॉटनैस का मतलब, जब तक कोई इसे पसंद ही न करे.
मैंने कहा- ऐसा क्यों कह रही ही रागिनी … मैं तो तुम्हें काफी पसंद करने लगा हूँ.

वो मुस्कुराने लगी और धीमे से बोली- हां मैं भी आपको पसंद करने लगी हूँ.
इस तरह से रागिनी मुझसे सैट हो गई.

एक दिन मैंने उससे मिलने की इच्छा जाहिर की तो उसने मुझे हां बोल दिया.

उसकी उम्र कुछ 19 साल की रही होगी. उसका फिगर 32-28-36 का था, जो कि मुझे उसकी चुदाई के बाद पता चला.

उन्हीं दिनों रक्षाबंधन का त्यौहार आने वाला था.

सेक्सी ब्लोंड लौड़े पर सवार थी तब पति का कॉल आया

उस दिन उसके मम्मी पापा उसके मामा के घर गए हुए थे और उसके भाई, उसकी भाभी को लेकर मायके गए हुए थे.

उसने शाम को करीब 7:00 बजे मुझे फोन किया और बोली- आज मेरे घर पर मैं और छोटी मेरी बहन रहेगी, तो आप आज 9:00 बजे तक आ जाओ.

मैंने उसे हां बोल दिया. मैंने घर पर सभी को बोल दिया कि मेरे आज एक दोस्त का बर्थडे है, तो मुझे वहां जाना है. आने में देर हो सकती है.

मेरी मम्मी ने मुझे जाने की परमिशन दे दी और ये भी कहा- यदि रात ज्यादा हो जाए, तो उधर ही रुक जाना.

मैं खुश हो गया.

घर से करीब 8 बजे निकल कर मैंने उसे फोन किया तो उसने बताया कि अभी घर पर मेरी बहन जाग रही है. तुम 10:00 के बाद आना.
मैंने हां बोला.

मैंने बाजार में दो घंटे किसी तरह निकाले और 10:00 बजे वापस उसको कॉल किया.

उसने कॉल रिसीव किया और बोली- मेरी बहन सामने गेट पर सोई है, आप पीछे के दरवाजे से आ जाओ.

पीछे के दरवाजे पर पहुंचकर मैंने उसे फोन किया, तो उसने दरवाजा खोल दिया. मैं अन्दर गया तो वहां से सीधे वह मुझे अपने भाई के रूम में ले गई.

उसने अपने भाई के कमरे को ऐसा सजाया था, ऐसा लग रहा था जैसे कि हम लोगों की सुहागरात हो.

कमरे में पहुंचकर उसने दरवाजा बंद किया और लाइट ऑन कर दी. जैसे ही कमरे में प्रकाश हुआ, तो मैं उसे देखता ही रह गया.

क्या बला की खूबसूरत लौंडिया थी वो … उभरी हुई चूचियां, पीछे उठी हुई गांड, हॉट माल … एकदम मखमली मुलायम आइटम लग रही थी.

मेरा दिल तो किया कि उसके ऊपर अभी टूट पड़ूँ, पर मैंने अपने मन को शांत किया.

वो मुझसे कुछ खाने के लिए पूछने लगी. मैंने हां कह दिया, तो वो मेरे लिए नाश्ता ले आई.

जैसे सुहागरात में दूध देते हैं, वैसे ही वो एक गिलास में दूध भरकर मेरे लिए ले आई.

मैंने नाश्ता किया, दूध पिया … पर मेरी नजर उसके चेहरे से हट ही नहीं रही थी.

वह मुस्कुरा कर बोली- ऐसे क्या देख रहे हो?
मैं बोला- तुम्हें प्यार करने का मन कर रहा है.

वो इठला कर बोली- तो करो ना … कौन रोक रहा है.
उसकी रजामंदी पाकर मैं कहां रुकने वाला था.

मैंने उसको बांहों में कस कर पकड़ लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ लगा दिए.

मैं अपनी जीभ को उसके मुँह के अन्दर बाहर करने लगा.
हम दोनों में होंठों की चुसाई तकरीबन पांच 7 मिनट तक चली.

इसी बीच मेरा लंड धीरे-धीरे खड़ा होने लगा और वह भी उत्तेजित होने लगी.

मैंने अपना दाहिना हाथ उसकी चूची पर रखा और उसको उसके टॉप के ऊपर से धीरे-धीरे दबाने लगा.
उसके होंठों को चूसते हुए कब मैं उसकी गर्दन पर आ गया, मुझे पता ही नहीं चला.

इसी बीच मेरा दूसरा हाथ उसकी जांघों के बीच में पहुंच गया और मैं उसकी चुत को धीरे-धीरे मसलने लगा.

वो आंह आंह करने लगी.

फिर मैंने एक-एक करके उसका टॉप और स्कर्ट निकाल दिया.
उसने जरा भी आपत्ति नहीं की.

अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी.
उसने पिंक कलर की ब्रा और पैंटी पहन रखी थी.

अब उसने भी धीरे-धीरे मेरे भी कपड़े निकलना शुरू कर दिए.
मेरी पैंट और शर्ट निकाल कर मुझे बनियान और अंडरवियर में कर दिया.

फिर मैंने उसकी ब्रा से उसकी चूचियों को आजाद कर दिया.
ब्रा हटते ही उसकी चूचियां हवा में फुदकने लगीं.

वो मादक निगाहों से मेरी तरफ देख अंगड़ाई लेने लगी.
इससे उसकी दोनों चूचियां मुझे जिन्दा मारने लगीं. सच में बड़ी ही रसदार चूचियां थीं.

मैं तो देखकर ही मदहोश हो गया. मैं बस उसके चूचों को देखे जा रहा था.

तभी उसने एक बार अपने मम्मे हिलाए और मुझे इशारा किया. मैंने अपना मुँह उसकी चूचियों पर लगा दिया और उन्हें चूसना मसलना चालू कर दिया.

मेरा दूसरा हाथ उसकी पैंटी पर था. उसकी चुत एकदम गीली हो चुकी थी.

मैंने उसकी पैंटी भी निकाल दी और उसे लिटा कर उसकी बुर को चाटने लगा.
वो मदमस्त हो गई और उसने अपनी टांगें फैला दीं.

मैं उसकी चुत में जीभ को अन्दर-बाहर करने लगा. मेरा ऐसे करने से वो सिसकारियां लेने लगी.

मेरा लंड एकदम हथौड़े की तरह सख्त और गर्म हो गया था. मैंने अपनी अंडरवियर और बनियान निकाल दी और अपने लंड को उसके मुँह में देने लगा.

पहले तो उसने मना किया, फिर जब मैंने जोर दिया तो तैयार हो गई.

मैंने अपने लंड को उसके मुँह में डाल दिया और अन्दर बाहर करने लगा.

मेरे लंड को वो अपने मुँह में ऐसे ले रही थी, जैसे कोई लॉलीपॉप चूस रहा हो.

कुछ देर बाद उसने मेरे लंड को अपने मुँह से बाहर निकाल दिया और मुझसे कहने लगी कि अब बस अब ‘वो …’ करो.
मैं उसे अभी और तड़फाना चाहता था. मैंने कहा अब मैं ‘वो …’ क्या करूं … खुल कर बोलो मेरी जान.

कुछ देर तक तो उसने साफ़ शब्द नहीं बोले. मगर मैं चुदाई से पहले उसे खोलने की कोशिश कर रहा था.

अब वो गिड़गिड़ाने सी लगी थी- मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है, तुम अपने लंड को मेरी चुत में डाल कर मेरी चुत फाड़ दो.

मैंने भी देर करना मुनासिब नहीं समझा और अपने लंड को उसकी चुत पर सैट करके एक धक्का दे दिया.
पर मेरा लंड फिसल गया.

मैंने नारियल का तेल लिया जो कि वहीं ड्रेसिंग टेबल पर रखा हुआ था. मैंने तेल को अच्छी तरह अपने लंड और उसकी चुत पर लगा दिया.

मैंने वापस से अपने लंड को उसकी चुत पर सैट किया और एक हल्का सा धक्का दे दिया.

मेरा आधा लंड उसकी चुत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया.
उसके मुँह से तेज ‘आह मर गई …’ की आवाज निकली.

मैंने अपने हाथ से उसके मुँह को बंद कर दिया.
उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे.

वो बोलने लगी- प्लीज इसे बाहर निकाल लो … मुझे सेक्स नहीं करना है. मुझसे दर्द बर्दाश्त नहीं हो रहा है.
मैंने उसको हिम्मत बढ़ाई, मैंने कहा- बेबी थोड़ी देर दर्द होगा. उसके बाद बाद तुमको भी अच्छा लगने लगेगा.

वो चुप हो गई.

फिर मैं उसी तरह धीरे-धीरे अन्दर बाहर करता रहा.

2 मिनट के बाद वो भी अपने चूतड़ उठा कर सहयोग करने लगी.

मुझे तो पहले से ही सही मौके का इंतजार था. अब मुझे हरी झंडी मिल गई थी.
मैंने एक जोरदार धक्का दे दिया. इस बार मेरा 7 इंच का लंड उसकी चुत में जड़ तक समा गया.

उसके मुँह से तेज आ आ हां आ आ हां आ हां सिसकारियां निकलने लगी.
उसकी चुत से खून बहने लगा था, शायद उसकी झिल्ली फट गई थी.

करीब 15 मिनट तक इसी तरह रेलमपेल चुदाई चलती रही. इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी.

फिर पांच मिनट की चुदाई के बाद मेरा भी निकलने वाला था.
मैंने उससे पूछा- कहां निकालूं?
उसने कहा- अन्दर ही छोड़ दो.

कुछ चार-पांच धक्कों के बाद मैं झड़ गया और मैंने अपना सारा रस उसकी चुत में निकाल दिया.

झड़ने के बाद मैं निढाल होकर उसके ऊपर ही गिर गया.

करीब 5 मिनट के बाद मैं उठा और उसे साथ लेकर बाथरूम में आ गया.
हम दोनों ने अपने आपको साफ किया.

बाहर आकर मैंने उसे एक पेन किलर दी और अपने बेड पर सो गया.

उस रात में मैंने उस सेक्सी गर्ल XXX हिंदी चुदाई का मजा 3-4 बार लिया.

सुबह मैं अपने घर आ गया.

आपको मेरी यह सेक्सी गर्ल XXX हिंदी कहानी कैसी लगी, कृपया आप मुझे मेल जरूर करें. मुझे आपके मेल की प्रतीक्षा रहेगी.
मैं आपको अपनी अगली कहानी में बताऊंगा कि मैंने उसकी छोटी बहन के साथ किस प्रकार का मजा लिया.
धन्यवाद.
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