नेट कैफे में गर्लफ्रेंड के साथ हॉट चुदाई की सच्ची कहानी

Net Cafe Me Girlfriend Ke Sath Hot Chudai Ki Sacchi Kahani

पढ़िए अम्मार और उसकी गर्लफ्रेंड आइशा की सच्ची हॉट चुदाई स्टोरी, जहां एक प्राइवेट नेट कैफे के केबिन में उनकी पहली इंटिमेट मोमेंट्स होती हैं। किस से शुरू होकर पैशनेट चुदाई तक की ये हिंदी कहानी रोमांस, डिजायर और म्यूचुअल प्लेजर से भरी है। अगर आप हिंदी सेक्स स्टोरीज पसंद करते हैं, तो ये आपके लिए परफेक्ट है!

आज मैं अपनी गर्लफ्रेंड के साथ हुई एक सच्ची घटना को और डिटेल्स के साथ सुनाने जा रहा हूं। पहले अपना इंट्रोडक्शन देता हूं। मेरा नाम अम्मार खान है, उम्र 24 साल, मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूं, जहां रोजाना की रूटीन में थोड़ा स्ट्रेस रहता है, लेकिन आइशा के साथ वक्त बिताना मुझे रिलैक्स करता है। मेरी गर्लफ्रेंड का नाम आइशा है, वो 22 साल की है, कॉलेज में पढ़ रही है, बहुत क्यूट और इनोसेंट टाइप की लड़की है, उसके लंबे बाल, गोरी स्किन और स्माइल मुझे हमेशा अट्रैक्ट करती है।

हमारी फ्रेंडशिप को डेढ़ साल हो चुके थे, लेकिन मैंने उसे कभी छुआ तक नहीं था, क्योंकि मैं उसकी फीलिंग्स का रिस्पेक्ट करता था और बिना उसकी मर्जी के कुछ नहीं करना चाहता था। हमारी मीटिंग्स में सिर्फ बातें, हंसी-मजाक और लाइट हग्स तक ही सीमित रहती थीं।

एक दिन हम टाउन पार्क गए थे, वहां की हरी-भरी घास पर बैठकर हम कॉफी पी रहे थे, और चारों तरफ चिड़ियों की चहचहाहट थी। मैंने उसे सिर्फ किस किया, उसके सॉफ्ट लिप्स का टच मुझे क्रेजी कर देता है। लेकिन जैसे ही मैं उसके ब्रेस्ट्स की तरफ हाथ बढ़ाने लगा, वो थोड़ी असहज हो गई और नाराज होकर बोली, “अम्मार, मुझे अभी ये सब रेडी नहीं लगता।” वो गुस्से में उठकर चली गई, और कम से कम एक महीने तक मुझसे बात नहीं की।

मैं रोज उसे मैसेज करता, कॉल करता, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं। आखिरकार मैंने उसे मनाया, उसके फेवरेट चॉकलेट्स और फूल लेकर उसके कॉलेज के बाहर वेट किया।

मैंने कहा, “आइशा, ये सब तो नॉर्मल है रिलेशनशिप में, लेकिन अगर तुझे अच्छा नहीं लगता, तो मैं कभी फोर्स नहीं करूंगा। हम दोनों की मर्जी से ही सब होगा।”

वो बोली, “मुझे ये सब अच्छा नहीं लगता अभी, लेकिन मैं तुझसे प्यार करती हूं, इसलिए ट्रस्ट करती हूं।”

उसके बाद हम मिलते तो थे, लेकिन सिर्फ किस और हल्के टच तक ही सीमित रहते थे, जैसे पार्क में सनसेट देखते हुए या सिनेमा में हैंड होल्ड करके। लेकिन अब मुझसे सब्र नहीं हो रहा था, मैं उसे क्लोज फील करना चाहता था, पर बिना उसकी हामी के कुछ नहीं। मैं प्लानिंग करने लगा कि कैसे उसे कम्फर्टेबल फील कराऊं, ताकि वो खुद आगे बढ़े।

फिर एक दिन उसका फोन आया, उसकी आवाज में एक्साइटमेंट था, बोली, “अम्मार, आज ऑफिस से छुट्टी ले लो ना, पूरा दिन साथ बिताएं, बैठकर बातें करेंगे, घूमेंगे।”

मैंने खुशी से ऑफिस फोन करके कह दिया कि आज नहीं आऊंगा, कोई इमरजेंसी बता दी। उसके बाद हम कुछ देर उसके कॉलेज में ही बैठे रहे, कैम्पस की बेंच पर, जहां स्टूडेंट्स की भीड़ थी, लेकिन हम अपनी दुनिया में खोए थे। वो मुझे अपनी क्लास की स्टोरीज सुना रही थी, और मैं उसके हाथों को सहला रहा था।

फिर मैंने पूछा, “कहीं चलें? कहीं प्राइवेट प्लेस जहां हम डिस्टर्ब न हों?” वो थोड़ी हिचकिचाई, लेकिन मान गई। उस वक्त दोपहर के 12 बज रहे थे, सूरज की गर्मी थी, न तो मूवी का टिकट मिलता क्योंकि शोज फुल थे, न गार्डन में जा सकते थे क्योंकि वहां फैमिलीज होती हैं।

मैंने सुझाव दिया कि नागन चौरंगी के एक नेट कैफे में चलें, जहां प्राइवेट केबिन्स हैं, एसी है, और हम रिलैक्स होकर बातें कर सकते हैं। वो पहले मना कर रही थी, कह रही थी, “डर लगता है अम्मार, कहीं कुछ हो गया तो? लोग क्या सोचेंगे?”

लेकिन मैंने उसे यकीन दिलाया, “आइशा, अगर तुम मुझ पर ट्रस्ट करती हो और प्यार करती हो, तो चल सकती हो। मैं कुछ भी ऐसा नहीं करूंगा जो तुझे पसंद न हो। वरना मैं ऑफिस चला जाता हूं और तुम घर।” वो थोड़ी देर सोचकर बोली, “ठीक है, लेकिन तुम मेरी कसम खाओ कि कुछ गलत नहीं करोगे, सब कुछ मेरी मर्जी से होगा।” मैंने कसम खाई, और वो तैयार हो गई। रास्ते में हम टैक्सी में थे, वो मेरे कंधे पर सर रखकर बैठी थी, और मैं सोचता रहा कि कसम तो खा ली, लेकिन अगर वो खुद चाहेगी तो? मैं उसे फोर्स नहीं करूंगा, बस कम्फर्टेबल फील कराऊंगा।

जब हम केबिन में पहुंचे, वो एक छोटा सा रूम था, कंप्यूटर था, लेकिन हमने उसे इग्नोर किया। डिम लाइट थी, बाहर की नॉइज से दूर, प्राइवेट फील हो रहा था। मैंने दरवाजा बंद करने लगा। वो बोली, “क्यों बंद कर रहे हो?” मैंने कहा, “अगर कोई देख लेगा तो क्या कहेगा, और प्राइवेसी रहेगी। अगर तुझे अनकम्फर्टेबल लगे तो बोलना, हम बाहर चले जाएंगे।”

वो मुस्कुराई और चुप हो गई। फिर मैं उसके बगल में बैठ गया, हम बातें करने लगे – उसके ड्रीम्स के बारे में, फ्यूचर प्लांस, और कैसे हम साथ में ट्रिप प्लान करेंगे। बातों-बातों में मैंने उसके कंधे पर हाथ रखा, धीरे से उसके बालों में उंगलियां फेरने लगा। वो शरमाई, लेकिन कुछ नहीं बोली। फिर मैं उसके लिप्स पर किस करने लगा, जैसे हम पार्क या सिनेमा में करते थे – सॉफ्ट, पैशनेट किस। ये किस 15 मिनट तक चला, हमारी सांसें तेज हो रही थीं, और मैंने धीरे से उसके चेस्ट पर हाथ फेरना शुरू किया। वो कुछ नहीं बोली, बस आंखें बंद करके एंजॉय कर रही थी, शायद उसे अच्छा लग रहा था। फिर धीरे-धीरे मैं उसकी वैली से होता हुआ उसकी पुसी की तरफ हाथ ले गया, सलवार के ऊपर से हल्का टच। वो सिहर उठी, लेकिन रुकी नहीं। अब मेरे लिप्स उसके लिप्स पर थे, एक हाथ उसके ब्रेस्ट्स पर, दूसरा पुसी पर – सब कुछ स्लो और जेंटल।

मैंने धीरे से उसकी नेक पर किस किया, वो गुदगुदी से हंस पड़ी। फिर कमीज के ऊपर से उसके ब्रेस्ट्स को सक किया, उसके मुंह से मीठी-मीठी सिसकारियां आने लगीं, जैसे “उम्म्म… आह्ह…” मैं समझ गया कि वो गर्म हो रही है, और वो खुद को रोक नहीं पा रही। फिर मैंने धीरे से एक हाथ कमीज के अंदर डाला, ब्रा के ऊपर से उसके ब्रेस्ट्स को दबाया – वो सॉफ्ट और फर्म थे, मुझे क्रेजी कर रहे थे। वो कुछ नहीं बोली, बस मेरे करीब आती गई। मैंने उसकी कमीज ऊपर की, वो चुप रही क्योंकि वो पूरी तरह से हीट में थी, उसकी आंखों में डिजायर था। उसने सेक्सी लेस ब्लैक ब्रा पहनी थी, जो उसकी गोरी स्किन पर ग्लो कर रही थी। वो शरम से अपने ब्रेस्ट्स छुपाने लगी, मैंने उसके हाथ हटाए और बोला, “तू कितनी ब्यूटीफुल है आइशा, मुझे देखने दे।”

मैंने टाइम वेस्ट न करते हुए फिर से उसे किस करना शुरू किया, और ब्रा के ऊपर से ब्रेस्ट्स सहलाता रहा। फिर पीछे हाथ ले जाकर ब्रा का हुक खोल दिया, और उसे अपनी गोद में बिठाकर सक करने लगा – उसके निपल्स हार्ड हो चुके थे, मैं उन्हें टंग से टच करता, चूसता। 20 मिनट तक उसके ब्रेस्ट्स को चूसा, वो मेरे बालों में उंगलियां फेर रही थी, सिसकारियां भर रही थी, “अम्मार… ये इतना अच्छा लग रहा है…”

फिर मैंने उसकी सलवार की तरफ हाथ बढ़ाया, नाड़ा खोला। केबिन पूरी तरह से पैक्ड और प्राइवेट था, कोई नहीं देख सकता था। मैं उसके ब्रेस्ट्स को सक करता रहा, वो और एक्साइटेड हो रही थी। उसके मुंह से और मीठी आवाजें आने लगीं। अब मैंने उसकी सलवार थोड़ी नीचे की, और ब्लैक पैंटी के ऊपर से उसकी वैजाइना को किस किया – वो वेट हो चुकी थी, मैं फील कर सकता था। वो और मोअन्स करने लगी, “ओह्ह… अम्मार…” धीरे-धीरे मैंने पैंटी भी नीचे की, और उसकी पुसी को चाटने लगा – स्लो सर्कुलर मोशन्स, टंग से क्लिट को टच करता।

अब वो मेरे सामने लगभग न्यूड थी, लेकिन कुछ बोल नहीं रही थी, बस एंजॉय कर रही थी, उसकी बॉडी आर्क हो रही थी। मैंने करीब 10 मिनट तक उसकी पुसी को चाटा, उसका जूस मीठा था, और जैसे ही वो क्लाइमैक्स के करीब पहुंची, मैं रुक गया। वो तड़पने लगी, जैसे बिना पानी की मछली, “प्लीज अम्मार… मत रुको…” वो खुद फिंगरिंग करने लगी, लेकिन मैंने उसके हाथ पकड़ लिए, बोला, “रुक, मैं करूंगा।” वो गिड़गिड़ाने लगी, “प्लीज मेरी पुसी को चाटो, मुझे चाहिए।” मैंने कहा, “एक शर्त पर, पहले तुम मेरा लंड सक करो, अगर तुझे अच्छा लगे तो।” वो थोड़ी हिचकिचाई, लेकिन मान गई, क्योंकि वो डिजायर में थी।

मैंने उसे अपनी पैंट की जिप खोलने को कहा, उसने शरमाते हुए खोली। मेरा 6.2 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड देखकर बोली, “ये मेरे मुंह में कैसे आएगा? मैंने कभी नहीं किया।”

मैंने कहा, “ट्राई कर, मैं बताता हूं, स्लोली।” और थोड़ा सा उसके मुंह में डाला। धीरे-धीरे वो खुद बढ़ाती गई, और पूरा लंड मुंह में लेकर सक करने लगी – उसकी टंग का टच अमेजिंग था। उसका एक हाथ मेरे बॉल्स से खेल रहा था, और मैं उसके ब्रेस्ट्स से, उन्हें पिंच करता। थोड़ी देर सक करने के बाद वो बोली, “प्लीज अब मेरी पुसी चाटो, मुझसे रहा नहीं जा रहा।” वो अपनी सिसकारियां निकालते हुए भी डर रही थी कि कहीं बाहर आवाज न चली जाए, इसलिए धीमी आवाज में बोल रही थी।

मैंने कहा, “अब मैं चाटूंगा नहीं, बल्कि अगर तू चाहे तो तुम्हारी पुसी में लंड डालूंगा, लेकिन सिर्फ तेरी मर्जी से।” वो बोली, “इतना बड़ा कैसे जाएगा? मुझे डर लगता है, लेकिन ट्राई करना चाहती हूं।” मैंने कहा, “डरने की जरूरत नहीं, मैं स्लो करूंगा, थोड़ी देर में तुम्हें मजा आएगा। औरतों की पुसी का होल बहुत फ्लेक्सिबल होता है, यहां से बच्चा निकल जाता है, तो मेरा लंड आराम से जाएगा। अगर अनकम्फर्टेबल लगे तो रुक जाएंगे।” वो सहमत हो गई, मुस्कुराई। मैंने उसे अपने लंड पर थूक लगवाया, और उसकी पुसी पर भी लगाने को कहा – वो वेट थी, स्लिपरी।

फिर मैंने लंड उसके पुसी लिप्स पर रगड़ना शुरू किया, वो आहें भरने लगी। वो थोड़ी देर में बोली, “प्लीज अंदर करो अम्मार…” मैंने धीरे से अंदर किया, वो थोड़ी सी सिहर गई, लेकिन मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रखे और धीरे-धीरे हिलाना शुरू किया। जैसे ही वो एंजॉय करने लगी, मैंने धीरे से और अंदर किया। अब वो पूरी तरह से मजा ले रही थी, उसकी पुसी टाइट लेकिन वेलकमिंग थी। मेरा सब्र टूट चुका था, लेकिन मैं उसकी परवाह करता रहा, धीरे-धीरे ऊपर-नीचे करने लगा, हर थ्रस्ट में उसका क्लिट रब होता। वो थोड़ी देर बाद खुद ही एंजॉय करने लगी, और उसके मुंह से आवाजें आने लगीं, “आआआह्ह्ह… ओओओह्ह्ह… अम्मार और जोर से… और अंदर करो… ये इतना अमेजिंग है…” मैंने मजाक में कहा, “क्या ये सब तुझे अच्छा नहीं लगता था? अब लंड का स्वाद आ रहा है ना। आज तुझे पूरा मजा दूंगा, लेकिन सिर्फ तेरी खुशी के लिए।”

हम दोनों की बॉडीज स्वेट से चिपक रही थीं, केबिन में हमारी सांसों की आवाज गूंज रही थी। लगभग 15 मिनट की चुदाई के बाद मेरा निकलने वाला था (इस बीच वो दो बार क्लाइमैक्स हो चुकी थी, उसका बॉडी शेक होता, और वो मुझे टाइट हग करती)। मैंने पूछा, “मेरा कम निकलने वाला है, अंदर छोड़ूं या बाहर? तू बोल।” वो बोली, “बाहर ही, मैं प्रेग्नेंट नहीं होना चाहती अभी।” मैंने लंड उसकी चूत से निकाला और उसके मुंह में डाल दिया, माउथ फक करने लगा – वो इंजॉय कर रही थी।

थोड़ी देर में मेरा कम निकल गया, वो स्वॉलो नहीं किया, लेकिन किस करते रहे। फिर हम थोड़ी देर किस करते रहे, एक-दूसरे को हग करके लेटे रहे, 15 मिनट रेस्ट करने के बाद हम उठे। अब दोपहर के 2 बजने वाले थे, बाहर धूप तेज थी, उसे घर जाना था। हमने खुद को फ्रेश किया, कपड़े ठीक किए, और मैं उसे घर के पास छोड़कर आ गया। रास्ते में वो बोली, “अम्मार, आज का दिन अमेजिंग था, लेकिन नेक्स्ट टाइम और प्लानिंग से करेंगे।” उस दिन के बाद हमारी बॉन्डिंग और मजबूत हो गई, और हम दोनों ने फैसला किया कि आगे से सब कुछ म्यूचुअल होगा, बिना किसी प्रेशर के, सिर्फ प्यार और ट्रस्ट से।