केरल की गीता आंटी के साथ मेरा अनमोल और रोमांचक सेक्स अनुभव। जब अकेले घर में आंटी सुबह नाइट्टी में आईं और हम दोनों ने एक-दूसरे को पूरी तरह संतुष्ट किया। पहली बार चूत चोदने की सच्ची कहानी। Hot Desi Aunty Sex Story in Hindi.
Black Bra aur Gulabi Panty Mein Geeta Aunty Ne Lund Chusa aur Boli “Andar Daal Do”
नमस्ते दोस्तों, मैं मित्तू हूँ (असली नाम नहीं बताऊंगा), केरल से। इंजीनियरिंग पढ़ रहा हूँ। घर का माहौल बहुत सख्त था, बचपन से ही सब कुछ रेस्ट्रिक्शन्स में। सेक्स जैसी बातों की तो कभी चर्चा ही नहीं हुई। कोई एक्सपीरियंस भी नहीं था। बस डेसिफैंटसी की स्टोरीज पढ़ता था और सोचता था कि काश मेरी जिंदगी में भी कुछ ऐसा हो। और फिर वो दिन आ गया… जो मैं कभी नहीं भूल सकता। ये मेरी पहली और अनमोल अनुभव की सच्ची कहानी है।
गीता आंटी मेरी कजिन की वाइफ हैं, मुझसे करीब 4 साल बड़ी। उनका फिगर बहुत खूबसूरत है – गोल-गोल ब्रेस्ट, पतली कमर, निचली बॉडी घुमावदार। वो हमारे घर से सिर्फ 10 मिनट की दूरी पर रहती हैं। उनके हसबैंड 6 महीने से अमेरिका में हैं। शादी के तुरंत बाद वो चले गए थे। आंटी पास के टाउन में कंप्यूटर इंस्टीट्यूट में टीचर हैं। उनके पास स्कूटी है, रोज ऑफिस जाते-आते हमारे घर होकर गुजरती हैं। मैं उन्हें हमेशा रिस्पेक्ट से बड़ी बहन की तरह देखता था। वो भी मुझे भाई की तरह प्यार करती थीं।
लेकिन एक दिन सब बदल गया…
मैं कॉलेज से 4:30 बजे लौटता था। घर आकर रूम बंद करके कपड़े बदलता। एक दिन मैं रूम में घुसा, दरवाजा बंद किया और कपड़े उतारने लगा। अचानक मेरी नजर हैंगर पर पड़ी – एक खूबसूरत साड़ी और ब्लाउज लटक रहा था। फिर ध्यान गया कि बाथरूम में पानी की आवाज आ रही है। कोई नहा रहा था।
मैंने धीरे से ब्लाउज उठाया और सूंघा… वाह क्या खुशबू थी! वो स्त्री-सुगंध मेरे पूरे शरीर में बिजली दौड़ा गई। मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। मैं जल्दी से कपड़े बदला और बाहर निकल गया। मम्मी से पता चला कि गीता आंटी मंदिर जा रही हैं, इसलिए घर पर ही नहा रही हैं।
थोड़ी देर बाद आंटी मेरे रूम से निकलीं – साड़ी पहने, वो वाला ब्लाउज। उनकी छाती और भी उभरी हुई लग रही थी। उनका चेहरा नहाने के बाद गुलाबी-गुलाबी था। मैं उन्हें पहली बार उस नजर से देख रहा था। दिल जोर-जोर से धड़कने लगा। उस दिन से मेरे मन में उनके लिए एक गहरी चाहत जाग गई।
फिर वो मौका आया…
मेरे मम्मी-पापा किसी रिश्तेदार की शादी में बाहर गए थे। मैं स्टडी लीव पर था, इसलिए घर पर अकेला। शाम को मैंने वीडियो लाइब्रेरी से दो ब्लू फिल्म सीडी लीं और घर आकर देखने लगा। शॉर्ट्स पहने, बिना शर्ट, कमरे का दरवाजा थोड़ा खुला था। मैं पूरी तरह उत्तेजित था, आंटी के बारे में सोच-सोचकर।
अचानक दरवाजा खुला। गीता आंटी थीं। उन्होंने मेरी स्क्रीन पर चल रही फिल्म देखी और मेरी हालत – आधा नंगा, शॉर्ट्स में उभरा हुआ लंड। उनका चेहरा लाल हो गया। मैं घबरा गया और खड़ा हो गया। वो भी शॉक में थीं, लेकिन तुरंत बाहर चली गईं।
मैंने जल्दी कंप्यूटर बंद किया, शर्ट-जींस पहनी और बाहर गया। आंटी ड्रॉइंग रूम में बैठी थीं। मैं पास गया। वो नर्वस थीं। मैंने धीरे से कहा, “सॉरी आंटी… आप बिना बताए आ गईं।” उन्होंने सिर झुकाकर कहा, “नहीं मित्तू, मुझे रूम में बिना पूछे घुसना नहीं चाहिए था।”
मेरा लंड अभी भी जींस में उभरा हुआ था। मैंने फिर से सॉरी कहा। वो भी नर्वस थीं, पसीना आ रहा था। थोड़ी देर बाद वो मेरे रूम में आईं, मेरे पेरेंट्स के बारे में पूछा। मैंने बताया कि कल शाम तक लौटेंगे। वो चेयर पर बैठीं। फिर उन्होंने बेड पर पड़ी सीडी कवर देख लिया – उसमें हॉट सीन थे। मैंने जल्दी से छिपाया। उन्होंने कुछ नहीं कहा, बस “बाय” बोलकर चली गईं।
शाम को मैंने फोन करके फिर सॉरी मांगी। उन्होंने कहा, “परेशान मत हो, डिनर पर आ जा।” लेकिन मैं सामना करने की हिम्मत नहीं कर पाया। रात भर मैंने आंटी के बारे में सोच-सोचकर कई बार मुठ मारी।
अगली सुबह 7 बजे डोरबेल बजी। मैं नींद में था। दरवाजा खोला तो गीता आंटी खड़ी थीं – हल्की ग्रीन नाइट्टी में। बहुत सेक्सी लग रही थीं। उनके ब्रेस्ट नाइट्टी से साफ उभरे हुए थे। हाथ में ब्रेड-बटर का पैकेट था।
“तुम्हारे ब्रेकफास्ट के लिए लाई हूँ,” मुस्कुराते हुए कहा। वो किचन गईं, चाय बनाई और मेरे रूम में ले आईं। बातें सामान्य थीं, जैसे कल कुछ हुआ ही नहीं।
थोड़ी देर बाद वो मेरे अटैच्ड बाथरूम में गईं। अंदर कल रात का मेरा वीर्य बिखरा पड़ा था, खुशबू भी थी। वो बाहर आईं, मुस्कुरा रही थीं। “कल रात काफी थक गए थे क्या?”
मैं शर्म से गड़ गया। उन्होंने मेरी आँखों में देखा और नरम आवाज में पूछा, “संतुष्ट हो गए थे?”
Geeta Aunty in Black Bra & Pink Panty Sucked My Cock and Said “Put It Inside” | Hot Kerala Sex
मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। वो नोटिस कर चुकी थीं। मैं बाथरूम की तरफ बढ़ा, लेकिन उन्होंने मेरी बांह पकड़ ली। कान में धीरे से बोलीं, “मैं मदद करूँगी… अगर तुम चाहो।”
उनकी आँखों में नई चमक थी। मैं समझ गया – वो भी चाहती हैं। मैंने उन्हें गले लगा लिया। वो भी मुझे कस के चिपट गईं। पहली बार किसी औरत को इस तरह गले लगाया था। उनके नरम स्तन मेरी छाती से दब रहे थे। मैंने उनके गालों पर किस किया। उन्होंने मेरे होंठों को जोर से चूम लिया।
हम बेड पर बैठ गए। मैंने उनकी पीठ सहलाते हुए उन्हें और कस लिया। मेरा 8 इंच का सख्त लंड उनके पेट से टकरा रहा था। मैंने धीरे से उनकी ब्रेस्ट पर हाथ रखा। वाह… क्या नरम और गर्म थे! मैंने उन्हें मसला। वो भी मेरे होंठ चूस रही थीं।
मैंने उनकी नाइट्टी ऊपर की। उनकी जांघें बेहद खूबसूरत और मुलायम थीं। “नाइट्टी उतार दूँ?” मैंने पूछा। उन्होंने शरमाते हुए हाँ में सिर हिलाया। नाइट्टी उतर गई। फिर मैंने उनकी पेटीकोट खोली। वो अब सिर्फ ब्लैक ब्रा और गुलाबी पैंटी में थीं – जैसे कोई 20 साल की हॉट लड़की।
उन्होंने मेरी शॉर्ट्स पर हाथ रखा और लंड को सहलाया। “इतना बड़ा… तुम्हारे अंकल से भी ज्यादा,” मुस्कुराकर बोलीं। मैंने शॉर्ट्स उतार दी। अब मैं पूरी तरह नंगा था।
आंटी झुकीं और मेरे लंड को मुंह में ले लिया। उनकी गर्म सांस और जीभ… मैं स्वर्ग में था। उन्होंने धीरे-धीरे चूसा, लिक किया। प्रीकम चखा। मैं ज्यादा देर नहीं टिक सका। कुछ ही मिनट में मेरा वीर्य उनके पेट पर निकल गया। वो हैरान थीं, लेकिन मुस्कुरा रही थीं।
फिर मैंने उनकी ब्रा खोली। उनके बड़े-बड़े स्तन आजाद हो गए। गुलाबी निप्पल्स खड़े थे। मैंने एक को मुंह में लिया, चूसा, चाटा। वो आहें भर रही थीं। मैंने नीचे हाथ डाला। उनकी चूत बालों वाली, गर्म और बहुत गीली थी। उंगलियाँ डालीं – अंदर बहुत गर्मी और नमी थी। वो कराह रही थीं।
“अंदर आओ मित्तू…” उन्होंने धीरे से कहा।
मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा और धीरे-धीरे दबाया। वो टाइट थी, लेकिन बहुत गीली। आहिस्ता-आहिस्ता पूरा घुस गया। दोनों के मुंह से आह निकली। मैंने रिदम से धकेलना शुरू किया। वो मेरी पीठ पकड़कर और पास खींच रही थीं। उनकी चूत मेरे लंड को कस रही थी।
हम दोनों पूरी तरह लीन थे। मैं तेज हुआ। वो भी कूल्हे उठा-उठा कर जवाब दे रही थीं। आखिरकार मैंने बाहर निकालकर उनके पेट और स्तनों पर वीर्य छोड़ दिया। वो भी कांप उठीं। हम 15 मिनट तक लेटे रहे, एक-दूसरे को चूमते हुए।
फिर हम साथ नहाए। एक-दूसरे को साबुन लगाया, छुआ, चूमा। नहाते हुए फिर से हो गया। लेकिन मैं इतना थक गया था कि तीसरी बार बहुत सॉफ्ट था। फिर भी हमने एक-दूसरे को खुश किया।
नाश्ता करने के बाद वो अपने घर चली गईं। शाम को फोन पर बात हुई। उन्होंने कहा, “ये सब सही नहीं है मित्तू… हम रिश्ते में क्या हैं।” मैंने भी हाँ कहा। हम दोनों ने फैसला किया कि आगे कभी नहीं करेंगे।
आज भी गीता आंटी हमारे घर आती हैं। मैं उन्हें पूरी इज्जत देता हूँ। वो मेरी बड़ी बहन जैसी हैं। लेकिन वो एक रात और सुबह की यादें… कभी नहीं भूल सकता। वो मेरी जिंदगी का सबसे सेक्सी और अनमोल पल था।
क्या लगता है दोस्तों? कमेंट में बताओ।