ऑफिस में बॉस की बीवी प्रिया की राहुल के साथ हार्डकोर चुदाई की पूरी हॉट सेक्स स्टोरी। साड़ी में टाइट ब्लाउज, बड़े स्तन, गोल गाँड और गीली चूत की जोरदार चुदाई। डेस्क पर, चेयर पर, स्टैंडिंग और गोद में राइडिंग – म्यूचुअल प्लेजर वाली रात की पूरी Hindi Sex Kahani। पढ़िए और मजे लीजिए।
Office Mein Boss Ki Biwi Ki Hardcore Chudai
मेरा नाम राहुल है। मैं एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में सीनियर मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव के पद पर काम करता हूं। ऑफिस हमेशा व्यस्त रहता है, लेकिन आज शाम को ऑफिस खाली-खाली सा लग रहा था। बॉस मिस्टर शर्मा बिजनेस मीटिंग के लिए दिल्ली गए हुए थे और कल शाम को ही लौटने वाले थे। मैं लेट नाइट तक एक इम्पॉर्टेंट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। घड़ी में रात के नौ बज चुके थे। ज्यादातर स्टाफ घर जा चुका था, सिर्फ सिक्योरिटी गार्ड और मैं बचा था।
तभी अचानक ऑफिस का दरवाजा खुला। मैंने सिर उठाकर देखा तो मेरा दिल धक से रह गया। बॉस की बीवी प्रिया मैडम खड़ी थीं। वो करीब ३२-३३ साल की थीं, लेकिन देखने में २५ की लगती थीं। उनकी बॉडी बेहद आकर्षक थी – गोल-गोल बड़े स्तन, पतली कमर, और नीचे भारी-भारी गोल गाँड। आज उन्होंने एक हल्की सी ब्लैक साड़ी पहनी थी, जिसका ब्लाउज काफी टाइट था। ब्लाउज के अंदर से उनकी ब्रा की लाइन साफ दिख रही थी। साड़ी का पल्लू थोड़ा सरका हुआ था, जिससे उनकी नाभि और चिकनी पेट की झलक मिल रही थी। उनके होंठ लाल लिपस्टिक से चमक रहे थे और आंखों में काजल की गहराई थी।
“राहुल, तुम अभी तक यहां? बॉस तो दिल्ली गए हैं ना?” प्रिया मैडम ने मुस्कुराते हुए पूछा। उनकी आवाज में एक मिठास थी जो सीधे मेरे दिल तक उतर गई।
“जी मैडम, एक प्रेजेंटेशन तैयार कर रहा था। बॉस ने कल सुबह सबमिट करने को कहा था। आप कैसे आईं? कुछ जरूरी काम था क्या?” मैंने उठकर उनका स्वागत किया और कुर्सी ऑफर की।
प्रिया मैडम बैठ गईं। उनकी साड़ी थोड़ी और ऊपर सरक गई, जिससे उनकी गोरी जांघें दिखाई देने लगीं। उन्होंने सांस लेते हुए कहा, “हां, कुछ फाइल्स चाहिए थीं जो घर पर भूल गई थीं। सोचा ऑफिस से ही ले लूं। बॉस तो हमेशा बिजी रहते हैं… घर पर भी उनका ध्यान नहीं रहता।” उनकी आवाज में एक हल्की सी उदासी थी, लेकिन आंखों में चमक थी।
हम दोनों ने काफी देर तक बातें कीं। पहले ऑफिस की, फिर पर्सनल लाइफ की। वो मुझे काफी क्लोज फील कर रही थीं। मैंने पहले भी कई बार उन्हें ऑफिस पार्टी में देखा था और हमेशा से उन पर मेरा मन आकर्षित होता था। लेकिन आज वो अकेली थीं, ऑफिस खाली था, और बातें धीरे-धीरे पर्सनल हो रही थीं।
“राहुल, तुम बहुत अच्छे लड़के हो। इतनी मेहनत करते हो। बॉस को तुम्हारी तारीफ हमेशा मिलती है।” उन्होंने मेरे हाथ पर हल्का सा हाथ रख दिया। उनकी उंगलियां गर्म थीं। मैंने महसूस किया कि उनकी सांसें थोड़ी तेज हो गई हैं।
“मैडम, आप भी कितनी खूबसूरत हैं। साड़ी में आपकी ये फिगर… सच कहूं तो देखते ही मन नहीं लगता काम पर।” मैंने हिम्मत करके कह दिया।
प्रिया मैडम ने शरमाते हुए मुस्कुरा दिया। उनकी आंखें मेरी आंखों में गड़ गईं। “सच? तो फिर आज देख लो जितना मन करे। बॉस तो दूर हैं… और मुझे भी अकेलापन बहुत लगता है।” उन्होंने पल्लू थोड़ा और सरका दिया। अब उनके बड़े-बड़े स्तन साफ दिख रहे थे, ब्लाउज के बटन तंग हो रहे थे।
मेरा लंड पैंट के अंदर सख्त हो चुका था। मैंने उठकर उनका हाथ पकड़ा और उन्हें बॉस के केबिन की तरफ ले गया। ऑफिस अब पूरी तरह खाली था। केबिन का दरवाजा बंद करते ही प्रिया मैडम ने खुद मुझे अपनी ओर खींच लिया। “राहुल… मुझे भी यही चाहिए था। तुम्हें देखते ही मन में आग लग गई।” उन्होंने कहा और अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए।
किस बहुत जोरदार था। उनकी जीभ मेरी जीभ से खेल रही थी। मैंने उनके ब्लाउज के बटन खोलने शुरू कर दिए। ब्लाउज खुलते ही उनके सफेद ब्रा में कैद दो बड़े-बड़े स्तन बाहर आ गए। उनके गुलाबी निप्पल सख्त हो चुके थे। मैंने एक स्तन मुंह में ले लिया और चूसने लगा। प्रिया मैडम ने आह भरते हुए मेरे बालों में हाथ फेरा। “आह… राहुल… और जोर से… कितने दिन बाद किसी ने मुझे इस तरह छुआ है…”
मैं दूसरे स्तन को भी सहलाने लगा। उनकी त्वचा नरम और गर्म थी। उन्होंने मेरी शर्ट उतार दी और मेरी छाती चूमने लगीं। फिर नीचे झुककर मेरी पैंट का बटन खोला। मेरा सख्त लंड बाहर निकल आया। “वाह… कितना मोटा और लंबा लंड है तुम्हारा।” प्रिया मैडम ने मुस्कुराते हुए कहा और उसे मुंह में ले लिया। उन्होंने पूरी तल्लीनता से चूसना शुरू कर दिया। उनकी गर्म जीभ लंड के सिरे पर घूम रही थी। मैंने उनके बाल पकड़े और धीरे-धीरे मुंह में धकेलने लगा। वो बिना हिचकिचाहट के पूरा लंड गले तक ले रही थीं।
“उफ्फ… मैडम… आपकी मुंह की गर्मी… बहुत अच्छा लग रहा है…” मैंने कराहते हुए कहा।
कुछ देर बाद उन्होंने लंड छोड़ा और खड़ी हो गईं। मैंने उनकी साड़ी और पेटीकोट उतार दिए। अब वो सिर्फ काली पैंटी में थीं। पैंटी के बीच में बड़ा सा गीला धब्बा था। मैंने पैंटी उतारी तो उनकी चिकनी चूत सामने थी – पूरी तरह शेव की हुई, गुलाबी और रस से तर। मैंने उन्हें डेस्क पर लिटा दिया और उनकी जांघों के बीच घुटनों पर बैठ गया। मेरी जीभ उनकी चूत पर फिरने लगी।
“आह… राहुल… हां… वहीं… चूसो मेरी चूत को…” प्रिया मैडम ने चीखते हुए मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाया। मैंने उनकी क्लिटोरिस को चूसा, जीभ अंदर डाली और रस चाटने लगा। उनका रस मीठा और गाढ़ा था। वो बार-बार कांप रही थीं। “मैं… आ रही हूं… राहुल… जोर से चूसो…” और वो पहली बार झड़ गईं। उनका पूरा शरीर तन गया, चूत से रस की धार निकलने लगी।
अब वो पूरी तरह तैयार थीं। मैंने उन्हें डेस्क पर लिटाया, उनकी जांघें फैलाईं और अपना लंड उनकी चूत के मुंह पर रख दिया। “मैडम… मैं अंदर डाल रहा हूं…”
“हां राहुल… डाल दो… पूरी तरह भर दो मेरी चूत को। मुझे आज पूरी तरह चोदो।” उनकी आंखों में भूख थी।
Hardcore fucking of the boss’s wife in the office
मैंने एक झटके में पूरा लंड अंदर धकेल दिया। उनकी चूत बहुत टाइट और गर्म थी। “आह… कितना मोटा… भर गया… हां…” वो कराह उठीं। मैंने धीरे-धीरे तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के पर उनके बड़े स्तन उछल रहे थे। मैंने एक स्तन पकड़कर चूसा और दूसरा हाथ उनकी गाँड पर रखकर दबाया।
“चोदो राहुल… जोर से… बॉस कभी इस तरह नहीं चोदते… तुम्हारा लंड कितना अच्छा है…” उनकी बातें मुझे और उत्तेजित कर रही थीं। मैंने रफ्तार बढ़ा दी। केबिन में चप-चप की आवाजें गूंज रही थीं। उनकी चूत मेरे लंड को चूस रही थी।
कुछ मिनट बाद मैंने पोजीशन बदली। उन्हें घुटनों के बल डेस्क पर खड़ा किया और पीछे से चोदा। उनकी गोल गाँड मेरे पेट से टकरा रही थी। मैंने उनकी कमर पकड़ी और तेज-तेज ठोके मारे। “उफ्फ… गाँड बहुत सॉफ्ट है आपकी… चोदते हुए मजा आ रहा है।”
प्रिया मैडम ने गर्दन घुमाकर कहा, “हां… मेरी गाँड भी मार लो… आज सब कुछ तुम्हारा है।” मैंने एक उंगली उनकी गाँड के छेद पर रखी और हल्का दबाया, लेकिन मुख्य चुदाई चूत में ही जारी थी। वो दूसरी बार झड़ गईं। उनकी चूत मेरे लंड को कसकर पकड़ रही थी।
फिर मैं बैठ गया और उन्हें अपनी गोद में बिठा लिया। अब वो मेरे लंड पर सवार थीं। उनकी चूत मेरे लंड को निगल रही थी। वो ऊपर-नीचे उछल रही थीं। उनके स्तन मेरे मुंह के सामने थे। मैं दोनों स्तनों को चूस रहा था। “राहुल… बहुत गहरा जा रहा है… आह… मैं फिर से आने वाली हूं…” हम दोनों एक साथ झड़ गए। मेरा गर्म वीर्य उनकी चूत में भर गया।
लेकिन हम अभी थके नहीं थे। थोड़ी देर आराम करने के बाद फिर से शुरू हो गया। इस बार मैंने उन्हें खड़ा करके दीवार से सटाकर चोदा। उनकी एक टांग मेरी कमर पर थी। लंड पूरी गहराई तक अंदर-बाहर हो रहा था। उनकी सांसें फूल रही थीं, पसीने से उनकी बॉडी चमक रही थी। “और जोर से… चोदो मुझे… मैं तुम्हारी हूँ आज…”
हमने करीब एक घंटे तक चुदाई जारी रखी। तीन-चार राउंड हो गए। हर बार नई पोजीशन, नया मजा। आखिर में हम दोनों थककर केबिन के सोफे पर लेट गए। प्रिया मैडम मेरी छाती पर सिर रखे लेटी थीं। उनकी उंगलियां मेरे लंड को हल्का सहला रही थीं।
“राहुल… आज के बाद मैं कभी नहीं भूल पाऊंगी। बॉस को पता नहीं चलेगा। लेकिन जब भी मौका मिले, हम फिर मिलेंगे। तुमने मुझे वो खुशी दी जो मुझे बहुत दिनों से चाहिए थी।” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा और मेरे होंठों पर हल्का किस किया।
मैंने उनकी पीठ सहलाते हुए कहा, “मैडम… आप भी कितनी हॉट हैं। ऑफिस में अब हर दिन आपकी याद आएगी।”
हम दोनों ने कपड़े ठीक किए। ऑफिस से बाहर निकलते समय वो मेरे गाल पर किस करके बोलीं, “टेक केयर… और अगली बार और तैयार रहना।”
वो अपनी कार में बैठकर चली गईं। मैं ऑफिस बंद करके घर लौटा। लेकिन मन में बस एक ही बात थी – ऑफिस में बॉस की बीवी की वो हार्डकोर चुदाई।
कहानी जारी रखते हुए और विस्तार से:
प्रिया मैडम की चुदाई का हर पल मैं याद कर रहा था। उनके स्तनों की नरमाहट, चूत की गर्मी, गाँड की उछाल… सब कुछ। अगले दिन ऑफिस में जब बॉस आए तो उन्होंने मुझे प्रोजेक्ट की तारीफ की। लेकिन मेरी नजर बार-बार उनके केबिन पर जाती, जहां कल रात प्रिया मैडम मेरे नीचे कराह रही थीं।
दो दिन बाद फिर मौका मिल गया। प्रिया मैडम ने मुझे मैसेज किया – “आज शाम को ऑफिस में रुकना। बॉस लेट आएंगे।”
शाम को फिर वही सीन। इस बार वो एक शॉर्ट ड्रेस पहनकर आई थीं। बिना साड़ी के उनकी जांघें और भी आकर्षक लग रही थीं। हम सीधे केबिन में गए। इस बार वो खुद मेरे लंड पर झुक गईं और बोलीं, “आज मैं तुम्हें राइड करूंगी।”
उन्होंने मेरी पैंट उतारी, लंड को चूमकर सख्त किया और ऊपर चढ़ गईं। उनकी चूत पहले से ही गीली थी। वो तेजी से उछल रही थीं। “हां… राहुल… तुम्हारा लंड मेरी चूत में फिट हो गया… आह… बहुत मजा आ रहा है।” उनके स्तन मेरे चेहरे पर उछल रहे थे। मैंने उन्हें पकड़कर चूसा।
फिर हमने स्टैंडिंग पोजीशन में चोदा। मेरे हाथ उनकी गाँड पर थे, उंगलियां गाँड के छेद में हल्का घुसा रहा था। वो और उत्तेजित हो गईं। “हां… वहां भी… लेकिन आज चूत ही भर दो।”
हमने फिर डेस्क पर मिशनरी में चोदा। हर थ्रस्ट पर वो चीख रही थीं – “चोदो… और तेज… मेरी चूत तुम्हारी है…” रस चारों तरफ फैल गया था।
तीसरी बार उन्होंने मुझे पीछे से घुटनों पर बैठाया और अपनी गाँड मेरे लंड पर टिकाकर धीरे-धीरे बैठ गईं। “आज गाँड भी ट्राई करो… लेकिन धीरे… बहुत मजा आएगा।” मैंने लंड गाँड में धीरे से डाला। वो बहुत टाइट थी, लेकिन रस की वजह से आसानी से घुस गया। प्रिया मैडम ने कराहते हुए कहा, “उफ्फ… भर गया… अब जोर से चोदो।”
मैंने उनकी कमर पकड़ी और पीछे से ठोके मारे। उनके स्तन लहरा रहे थे। वो खुद अपनी चूत में उंगली डाल रही थीं। दोनों जगह से उत्तेजना के मारे वो दो बार झड़ गईं।
आखिर में हम दोनों एक साथ झड़े। वीर्य उनकी गाँड और चूत दोनों में भर गया।
इस तरह ऑफिस की रातें अब हमारी चुदाई की रातें बन गईं। प्रिया मैडम हर बार नई तरीके से चुदना चाहती थीं। कभी डेस्क पर, कभी चेयर पर, कभी फर्श पर। हम दोनों पूरी तरह संतुष्ट रहते। बॉस को कभी शक नहीं हुआ।
ये थी ऑफिस में बॉस की बीवी प्रिया मैडम की हार्डकोर लेकिन बेहद मजेदार और खुशी भरी चुदाई।