Bhabhi Ki Moti Gaand Me Pahli Baar Lund Ghusa
25 साल के गौरव की अपनी सेक्सी शिल्पा भाभी के साथ 7 दिन की गरमागरम चुदाई की सच्ची कहानी। भाभी की मोटी गांड चाटना, भारी-भरकम गोल गांड की चुदाई, उसमें फ्रूट्स डालकर खाना, पाद सूंघना, मूत पीना, गांड मारना और हर किंकी फैंटसी पूरी करने का पूरा वर्णन। बेहद हॉट और सच्ची देसी हिंदी सेक्स स्टोरी।
नमस्ते, मेरा नाम गौरव है। मैं 25 साल का एक आम सा लड़का हूँ – न ज्यादा हैंडसम, न ही कोई खास कसरत करने वाला। मैं औरंगाबाद, महाराष्ट्र का रहने वाला हूँ, हाइट 5’10″। हर छुट्टियों में मैं मुंबई अपनी मौसी के घर चला जाता हूँ। मौसी मम्मी से थोड़ी बड़ी हैं, इसलिए उनका बेटा अजय भैया भी मुझसे बड़ा है। अजय भैया की बीवी – मेरी शिल्पा भाभी – और उनकी 5 साल की बेटी साक्षी। मौसी ज्यादातर गाँव में रहती हैं, अजय भैया हिंदुस्तान लीवर में जॉब करते हैं, और शिल्पा भाभी एक मराठी स्कूल में जूनियर टीचर हैं।
शिल्पा भाभी गोरी, बहुत खूबसूरत हैं। उम्र करीब 30 साल। उनकी हाइट थोड़ी कम है, लेकिन कमर पतली, गांड भारी-भरकम, गोल-मटोल और ब्रेस्ट बड़े-बड़े, तने हुए। पहली बार जब मैंने उन्हें देखा था, तभी से दिल में आग लग गई। उनकी गांड देखकर मन करता था कि दिन-रात उसे चाटता रहूँ, नीचे मुंह रखकर सूंघता रहूँ, उंगली से सहलाता रहूँ। बस इसी बहाने हर छुट्टी में मुंबई भागता था।
भाभी दिन भर घर में अकेली रहती थीं। एक बार उनके कंप्यूटर की हिस्ट्री चेक की तो पता चला – ढेर सारी पोर्न साइट्स, सेक्स स्टोरीज। समझ गया कि भाभी अंदर से बहुत गर्म हैं, चुदक्कड़ हैं, पोर्न देख-देखकर और बिगड़ चुकी हैं।
अब असली कहानी शुरू करता हूँ। अजय भैया ने नया रो हाउस लिया था, वास्तुशांति का प्रोग्राम रखा था। लेकिन हमारी दीदी की डिलीवरी की वजह से घर से कोई नहीं जा सका। मैं 15 दिन बाद गिफ्ट लेकर गया। मन ही मन बहुत खुश था – मौका मिलेगा भाभी के करीब आने का। रात की ट्रेन पकड़ी, सुबह पहुंचा। ड्राइवर मुझे रिसीव करने आया था क्योंकि नया घर था, पता नहीं था।
नहा-धोकर तैयार हुआ। भाभी ने चाय बनाई। अजय भैया ऑफिस के लिए तैयार हो रहे थे। चाय पीते-पीते बातें हुईं। पता चला मौसी दो धाम की यात्रा पर गई हैं, और अजय भैया को 7 दिन के लिए दिल्ली जाना है। भाभी उन्हें फिल्म देखने चलने को कह रही थीं, लेकिन भैया बोले, “गौरव तुम्हें ले जाएगा। मैं कोशिश करूंगा जल्दी आने की, नहीं तो टिकट निकालकर ड्राइवर से भिजवा दूंगा।”
ऐसा ही हुआ – भैया नहीं आ पाए। वैसे भी वो घर में ज्यादा वक्त नहीं देते। सुबह 7 बजे निकल जाते, रात 10 बजे के बाद आते। मैं जानता था कि भैया भाभी को सेक्सुअली संतुष्ट नहीं कर पाते।
सुबह नाश्ता किया। भाभी स्कूल गईं, दोपहर 1 बजे लौटीं। साक्षी 3 बजे आती थी। बाई ने खाना बनाकर चली गई। मैं भाभी का इंतजार कर रहा था। वो आईं, हमने साथ खाना खाया। भाभी बहुत एक्टिव हैं – खूब बातें करती हैं, घर हमेशा चकाचक साफ रखती हैं। खाना खत्म हुआ तो भाभी बोलीं, “मुझे नींद आ रही है।”
मैंने कहा, “भाभी आप सो जाइए, मैं हॉल में टीवी देखता हूँ।”
वो मुस्कुराईं, “अरे गौरव, तुम भी ऊपर बेडरूम में सो जाओ। मुंबई में गर्मी बहुत है, AC सिर्फ हमारे बेडरूम में है। और टीवी तो ऊपर भी है ना!”
मैं समझ गया – भाभी मुझे अपने पास बुला रही हैं। मन में आग लगी। ऊपर गया। भाभी पंजाबी ड्रेस में थीं – बहुत सेक्सी लग रही थीं। डबल बेड पर एक साइड लेटी थीं। मुझे देखकर बोलीं, “आओ ना, इधर सो जाओ।”
मैं पास लेट गया। दिल तेज धड़क रहा था। थोड़ी देर बाद भाभी बोलीं, “नींद नहीं आ रही, टीवी देखें?” मैंने कहा, “भाभी आप आराम करो।” लेकिन वो बातें करने लगीं – अजय बहुत बिजी रहता है, एक साल से फिल्म नहीं देखी, शॉपिंग नहीं गई। मैंने कहा, “अब मैं आ गया हूँ ना, आपको सब घुमाऊंगा।”
बातों-बातों में मैंने धीरे से उनका हाथ पकड़ा। भाभी ने प्यार भरी नजरों से देखा, हाथ नहीं हटाया, बल्कि खुद पास खिसक आईं और मेरे गाल पर किस कर दिया। हम दोनों की सांसें तेज हो गईं। तभी डोरबेल बजी – साक्षी आ गई। भाभी दरवाजा खोलने गईं, मैं हॉल में बैठ गया।
शाम को ड्राइवर ने 3 टिकट्स दिए – अजय भैया नहीं आ पाएंगे, दिल्ली जा रहे हैं। भाभी ने बैग पैक किया। मैं पास बैठा, बोला, “भैया नहीं आ रहे तो 3 टिकट क्यों?” भाभी मुस्कुराईं, “साक्षी है ना, उसे कहाँ छोड़ें?” मैंने कहा, “हाँ भाभी, वैसे आप तो कुंवारी ही लगती हैं।” वो शरमाईं, प्यार भरी स्माइल दी, “तुम्हारे लिए तो कुंवारी ही हूँ।”
फिल्म देखने गए – रेस। साक्षी बीच में बैठी। थोड़ी देर बाद भाभी ने साक्षी को गोद में लिया और मेरे पास खिसक आईं। मैंने उनका हाथ पकड़ा। फिल्म खत्म होने से पहले मैंने उन्हें फिर किस किया। घर आए तो अजय भैया आ चुके थे। मैं ऊपर अपने रूम में सो गया। भाभी के ख्यालों में 2 बार मुठ मारकर नींद आई।
सुबह 7 बजे उठा। भाभी चाय बना रही थीं। स्कूल नहीं गई थीं। बोलीं, “अजय 5:30 बजे चले गए। साक्षी 8 बजे जाएगी। मैंने आज-कल छुट्टी ले ली।” मैं समझ गया – भाभी फुल मूड में हैं। मैंने उनकी कमर पर हाथ रखा, सिर पकड़कर लंबा किस लिया। भाभी ने भी जोश में साथ दिया – जीभ अंदर, कमर जकड़ ली। मैंने उनकी गांड पर हाथ रखा तो वो रुक गईं, बोलीं, “साक्षी को बस तक छोड़कर आती हूँ, तब तक चाय पी लो।”
मैंने उनके दोनों ब्रेस्ट दबाए, “आज तो मुझे आपका दूध पीना है।” वो हंसीं, “साक्षी 5 साल की है, मेरा दूध खत्म हो गया।” मैंने फिर भी निप्पल चूसने शुरू किए। मजा आ रहा था। वो बोलीं, “इतना इंतजार किया है, बस 10 मिनट और।” चली गईं।
मैं चाय पी रहा था कि फ्रिज में वियाग्रा की बोतलें दिखीं – खाली और भरी। समझ गया भाभी भैया को खाने में डालती हैं। भाभी लौटीं तो मैं भूखे शेर की तरह उनपर टूट पड़ा। वो मुझे रोकीं, बोलीं, “गौरव, सेक्स तो सब करते हैं। मैं भी करती हूँ। लेकिन अजय में इतना दम नहीं।
मैं वियाग्रा डालती हूँ, पर अगले दिन वो थक जाते हैं। सिर्फ चूत में डालकर चुदाई करते हैं। मुझे चूत चटवाना, गांड चटवाना, थोड़ा डर्टी सेक्स पसंद है। अगर तुम ये सब कर सकते हो, मेरी हर इच्छा पूरी करोगे, तो मैं तुम्हारे साथ सब करूंगी। जो भी तुम्हारी फैंटसी हो, मुझे बता देना।”
मैंने तुरंत हाँ कहा। उनकी पैंटी उतारी, नीचे बैठकर चूत चाटने लगा। भाभी ने कपड़े उतारे, मेरा सिर पकड़कर चूत पर दबा दिया। मैं जीभ अंदर डालकर चाट रहा था, कभी-कभी हल्का काट भी रहा था। भाभी चिल्लाने लगीं, “आह्ह्ह… और चाटो… पूरा रस पी लो… आआन्ह्ह्ह!” अचानक मुझे धक्का दिया, मैं नीचे गिरा। वो इंडियन टॉयलेट स्टाइल में मेरे मुंह पर चूत रखकर बैठ गईं, घिसने लगीं। मैं सारा रस पी रहा था। वो बोलीं, “चूस लो मेरी चूत को… अंदर की आग बुझा दो।”
फिर मेरी मिडिल फिंगर मुंह में लेकर चूसी, खुद अपनी गांड में डाली और बोलीं, “चूत चाटते हुए ये उंगली गांड में अंदर-बाहर करो।” मैंने पूरा अंदर डाला। वो उंगली निकालकर सूंघने लगीं, फिर मेरे मुंह में डाल दी। स्वाद मलाई जैसा था। बोलीं, “कैसी लगी मेरी गांड की खुशबू?” मैंने कहा, “बेस्ट इन द वर्ल्ड।” वो खुश हो गईं, मेरे मुंह पर गांड रखकर बैठ गईं। मैं बेतहाशा चाट रहा था। वो दोनों हाथों से गांड फैलाकर मेरे मुंह पर दबा रही थीं।
फिर फोन लगाया – बाई और कुक को छुट्टी दे दी। बोलीं, “आज कोई डिस्टर्ब ना करे।” मैं नीचे उनकी गांड चाट रहा था। अचानक बोलीं, “मुंह खोलो।” मैंने खोला तो उन्होंने मेरे मुंह पर गांड रखकर एक लंबी पाद छोड़ी। बदबू पूरे कमरे में फैल गई, लेकिन मुझे बहुत मजा आया। वो उठीं, लंबा किस किया, मेरा लंड सहलाने लगीं, मुंह में लेकर चूसने लगीं। 2 मिनट में बोलीं, “उठो।” दीवार से सटकर हाथ पीछे करके बैठ गईं, “आओ, मेरे मुंह को जितना चाहे चोदो।”
मैंने उनका सिर पकड़कर मुंह चोदा। 10 मिनट बाद झड़ने वाला था। बोलीं, “मुंह में ही झड़ो, मैं पी लूंगी।” मैं झड़ गया, उन्होंने सब पी लिया, लंड साफ कर दिया।
फिर बोलीं, “तकलीफ तो नहीं हुई?” मैंने कहा, “भाभी, पहले कभी इतना मजा नहीं आया।” वो बोलीं, “ये सब मैं अपनी खुशी के लिए करती हूँ। अजय अच्छे इंसान हैं, पर मुझे संतुष्ट नहीं कर पाते। तुमसे कर रही हूँ, किसी बाहर वाले से नहीं। किसी को बताना मत।”
हम किचन गए। दोनों नंगे। भाभी जूस बनाने लगीं। पहले मेरा लंड खड़ा किया – डीप थ्रोट, गोटियां चाटीं। फिर मेरे मुंह में ढेर सारा थूक डाला। जूस में वियाग्रा की 2 गोलियां डालीं। बोलीं, “मैं बहुत चुदक्कड़ हूँ, 7 दिन पूरा मजा लेना चाहती हूँ।”
मैंने कहा, “प्यास भी लगी है।” वो बोलीं, “मेरा मूत्र पीओगे?” मैंने हाँ कहा। जूस का जग नीचे रखा, मेरे मुंह पर चूत रखकर मूत्र निकाला। मैंने एक बूंद नहीं गिरने दी – शरबत जैसा स्वाद। फिर थोड़ी चूत चाटी। बोलीं, “रोज पिलाऊंगी।” हमने जूस में उनका मूत्र मिलाकर कॉकटेल बनाया, एक-दूसरे को पिलाया। मैंने भी अपना लंड डुबोकर उन्हें पिलाया।
बातों में पता चला – भाभी को अपनी गांड बहुत प्यारी है। बोलीं, “हमेशा गीली रखना, थूक से।” मैंने कहा, “मैं सूखने नहीं दूंगा।” फिर टीवी देखते हुए वो मेरे मुंह पर गांड रखकर बैठ गईं। मैं चाटता रहा, वो बीच-बीच में पादती रहीं। मैं सब अंदर लेता रहा।
दोपहर में तरबूज के टुकड़े उनकी गांड में रखे, चड्डी पहनी, एक घंटे बाद मुझे खिलाया – गांड की खुशबू और स्वाद के साथ। फिर अंगूर गांड में डालकर पाद के साथ मेरे मुंह में डाले।
शाम को टॉयलेट में मैं हगते हुए उन्होंने मेरा लंड चूसा, मैंने उनका मूत्र पिया। फिर उन्होंने हगा, मैंने उनका मूत्र पिया। दोनों ने एक-दूसरे की गांड चाटकर साफ की।
फिर डॉगी स्टाइल में भाभी बोलीं, “गांड में थूक लगाओ, अपनी इच्छा पूरी करो।” मैंने पहले चूत मारी, उंगली गांड में डाली। फिर बटर लगाकर गांड मारी। पहले दर्द हुआ, लेकिन धीरे-धीरे मजा आने लगा। भाभी चिल्ला रही थीं, “आह्ह… धीरे मेरे राजा… और जोर से!” बहुत देर गांड मारी, मुंह में झड़ा।
7 दिन हमने ऐसे ही किंकी सेक्स किया – गांड चटवाना, पाद सूंघना, मूत्र पीना, फ्रूट्स उनकी गांड-चूत से खिलाना। भाभी रात में भी मुझे उठाकर मुंह पर बैठ जातीं। उनका मुंह मेरे लिए परमानेंट सीट बन गया था।
दोस्तों, ये मेरी सच्ची कहानी है। कैसी लगी? अगर कोई लड़की या औरत सेक्स चैट या रियल मिलना चाहे – कोई एज लिमिट नहीं – मुझे मेल करे। मैं आपकी हर इच्छा पूरी करूंगा।