शादी से पहले सास ने अपने होने वाले दामाद के मोटे लंड का पूरा टेस्ट लिया। बेटी के सामने नहीं, लेकिन बेटी की मर्जी से सास ने दामाद को खूब चोदा और खुद भी चुदवाई। गरम चूत, बड़ी चूचियां, गांड मार और लंड चूसने की पूरी हॉट देसी कहानी। पढ़िए ये कामुक सास-दामाद सेक्स स्टोरी और लंड खड़ा हो जाएगा।
Hot Incest Sex Story – Saas Ne Damad Ka Lund Test Karke Di Shadi Ki Permission
शादी से पहले सास ने लिया दामाद के लंड का टेस्ट, ये एक ऐसी हॉट और अनोखी चुदाई की कहानी है, जो सुनकर आपका लंड तुरंत खड़ा हो जाएगा। तैयार हो जाइए, क्योंकि अब मैं आपको अपनी ये सच्ची कहानी सुनाने जा रही हूँ…
मेरा नाम मृदुला है, लेकिन सुधीर मुझे प्यार से रानी बुलाता था। मैंने सुधीर को खूब चुदाई के लिए पटाया था और अब वो मुझे रोज़ ऑफिस के बाद जोरदार चोदने लगा था। चुदाई का शौक मुझे बहुत था, लेकिन अब मेरी नजर सुधीर से शादी करके ज़िंदगी की नईया पार लगाने पर टिकी थी। एक दिन मैंने सुधीर से शादी की बात की और कहा कि मैं उसे अपने घरवालों से मिलवाना चाहती हूँ।
सुधीर ने बात टालते हुए कहा, “रानी, शादी के चक्कर में क्यों पड़ना? जवानी मौज करने के लिए होती है। अभी तो तुम्हें न जाने कितने लंड देखने हैं और मुझे कितनी चूतें चोदनी हैं।”
फिर उसने शरारत भरी मुस्कान के साथ कहा, “अरे रानी, देर मत करो, जल्दी से कपड़े उतारो और बेड पर आ जाओ। आज मेरा बर्थडे है और छुट्टी भी है।”
लेकिन मैंने पक्का इरादा कर लिया था – सुधीर मेरी चूत तब ही चोदेगा जब मुझसे शादी कर लेगा, वरना बिल्कुल नहीं। मैंने साफ कहा, “सुधीर, मैं अभी शोभा (मैं अपनी माँ को नाम से बुलाती हूँ) को फोन करने जा रही हूँ। वो शाम तक यहाँ पहुँच जाएगी। अगर तुम किसी को बुलाना चाहते हो तो बुला लो, वरना हमारा रिश्ता या तो शादी में बदलेगा या खत्म हो जाएगा। फैसला तेरे हाथ में है।”
सुधीर चौंका, “अरे वो शोभा कौन? ओह हाँ, तेरी माँ… यानी मेरी होने वाली सास। इतनी जल्दी क्या है? ठीक है यार, अगर तेरी यही इच्छा है तो बुला ले। हम कल ही शादी कर लेंगे। मेरे घर में कोई नहीं है। लेकिन एक बार मुझे चुदाई तो करने दे ना, मेरी रानी!”
मैं कमरे से बाहर निकल गई। सुधीर मेरे पीछे भागा, लेकिन मैं नहीं रुकी। वो गुस्से में बड़बड़ाया, “कोई बात नहीं रानी, आज अगर तुझे और तेरी माँ को नहीं चोदा तो मेरा नाम सुधीर नहीं… साली रंडी!”
मैं मुस्कुराते हुए बाहर जाकर फोन करने लगी। मुझे अच्छे से पता था – सुधीर चाहे या न चाहे, शोभा उसके साथ चुदाई किए बिना मुझे शादी की इजाज़त कभी नहीं देगी। मेरी माँ शोभा किसी से कम नहीं थी। पापा के जीते जी न जाने कितने लंड खा चुकी थी और अब तो उसे पूरी आज़ादी थी। अपनी बेटी की शादी से पहले दामाद के लंड का टेस्ट लिए बिना वो कैसे मान जाएगी?
शोभा तुरंत तैयार हो गई। वो दोपहर की ट्रेन से दिल्ली पहुँचने वाली थी और रास्ते भर मुझसे फोन पर बात करती रही। हम माँ-बेटी में कोई परदा नहीं था। मैंने उसे बता दिया था कि सुधीर और मैं कई बार चुदाई कर चुके हैं। शोभा की बातों से साफ ज़ाहिर था कि वो सुधीर के पजामे में घुसने के लिए बेताब हो रही थी। मेरी प्यारी कामुक माँ चुदाई के बिना ज़्यादा दिन नहीं टिक पाती। साली रंडी!
मैं और सुधीर स्टेशन पर शोभा को लेने पहुँचे। ट्रेन ठीक टाइम पर आई। सुधीर ने डार्क ब्लू सूट पहना था और मैंने ब्लैक जींस, व्हाइट टी-शर्ट और ब्लैक जैकेट। शोभा ट्रेन से उतरी और हमें देखकर मुस्कुराई। वो दिन-ब-दिन और जवां लग रही थी। उसने व्हाइट सिल्क का सूट पहना था और ब्लैक शॉल ओढ़ रखी थी। उसके गोरे, गदराए जिस्म पर सूट कमाल का लग रहा था। शोभा की हाइट मेरी जैसी ही थी – करीब 5 फुट 5 इंच। उसके चूतड़ मुझसे ज़्यादा भारी और सेक्सी थे, और मम्मे तो जरूर 40DD साइज़ के होंगे। उसके निप्पल्स कमीज को फाड़कर बाहर आने को बेताब थे।
शोभा ने आगे बढ़कर मुझे गले लगाया, गालों पर किस किया और फिर सुधीर को अपनी बाहों में लेकर कसके जकड़ लिया। अपनी बड़ी-बड़ी चूचियाँ उसके सीने से चिपकाते हुए गालों पर किस करके बोली, “मृदुला, तेरी पसंद को मैं दाद देती हूँ। सुधीर, तुम तो बहुत हैंडसम हो!”
हम सब घर पहुँचे, चाय पीने लगे। शोभा और सुधीर बातों में मशगूल हो गए। सुधीर फोन करने बाहर गया तो शोभा ने मुझे कहा, “मृदुला, मैं जल्दी में अपने अंडरगार्मेंट्स का बैग भूल गई। क्या तुम मेरे लिए ब्रा-पैंटी बाज़ार से ला दोगी? मैंने तो जल्दी में कुछ भी नहीं पहना है।”
मैं हँसकर बोली, “तुम्हारा साइज़ क्या है?”
शोभा शरारत से मुस्कुराई, “हाथ लगाकर देख लो। मृदुला को तो अपनी शोभा के बारे में सब पता है। वैसे वो काफी जवां लगता है। जरा मुझे उसके साथ अकेला छोड़ दो, पता चल जाएगा कि तेरा नसीब कैसा है।”
मुझे सब समझ आ रहा था कि आज क्या होने वाला है। मैं बाज़ार चली गई। एक घंटे बाद लौटी तो मुझे अंदाज़ा हो गया कि मेरी गैरहाज़िरी में क्या-क्या हुआ। (दरअसल, मैंने सुधीर के कमरे में एक छुपा वेबकैम लगा रखा था।)
सुधीर जब वापस आया तो शोभा ने कहा, “सुधीर, मैंने मृदुला को मेरे लिए ब्रा-पैंटी लाने भेज दिया है। तुम आराम से मेरे पास बैठो और अपने बारे में बताओ।”
सुधीर जब शोभा के बगल में बैठा तो शोभा ने उसकी जाँघों पर हाथ फेरना शुरू कर दिया। सुधीर सुबह से चुदाई को तरस रहा था और शोभा के स्पर्श से उसका लंड बेकाबू हो गया। जब उसका हाथ शोभा की जाँघ से टकराया तो शोभा ने उसका हाथ पकड़कर अपनी जाँघों के और ऊपर, अपनी चूत के पास ले गई। सुधीर ने शोभा की चूत की गर्मी और रेशमी झांतों की नरमी महसूस की। उसे तुरंत समझ आ गया कि सास भी बेटी की तरह हर वक्त चुदने को तैयार रहती है। शोभा मृदुला से भी ज़्यादा गर्म और गदराई हुई थी। उसकी आँखों में हवस की लाल डोरे नज़र आ रही थीं।
अंधी वासना ने सास-दामाद को सोचने का मौका नहीं दिया। दोनों एक-दूसरे के जिस्म के लिए तड़पने लगे। सुधीर ने काँपते हाथों से शोभा की चूचियाँ दबाईं और धीरे से बोला, “शोभा जी, आप तो मृदुला से भी ज़्यादा सेक्सी हैं। आपका हुस्न मुझे दीवाना बना रहा है। अगर यकीन न आए तो यहाँ हाथ रखकर देख लो…”
कहते हुए उसने शोभा का हाथ अपने लंड पर रख दिया।
शोभा पुरानी खिलाड़ी थी। उसने दामाद के लंड को पकड़कर हिलाना शुरू कर दिया। लंड जरूर 8 इंच का था – मोटा और कड़क। वो अपनी बेटी के होने वाले पति का टेस्ट लेने आई थी और अपना भी मज़ा लेने। उसने सुधीर के होंठों पर अपने होंठ रखते हुए कहा, “सुधीर, प्यार के खेल में रिश्तों को नाम नहीं देते। मैं शोभा हूँ और तुम सुधीर। मृदुला को भूल जाओ जब तक हम अकेले हैं। मुझे सास कहकर अपना मज़ा खराब मत करो। तुम एक मर्द हो और मैं एक औरत। तुम्हें एक मस्त चूत चाहिए और मुझे एक कड़क लंड। शर्म करके हम अपना ही नुकसान करेंगे। अगर मुझे साँड़ की तरह चोद सकते हो तो चोदो… मुझे अपनी सास नहीं, एक चुदक्कड़ रंडी समझकर चोद डालो। मैं भी कई दिनों से लंड के बिना तड़प रही हूँ। इसी लिए तो आज ही ट्रेन लेकर तेरे पास आई हूँ। चल, देर मत कर और मेरी प्यास बुझा दे, मेरे राजा!”
Mother-in-law gave permission for the marriage after testing the son-in-law’s cock.
सुधीर को इतनी जल्दी कामयाबी की उम्मीद नहीं थी। शोभा जैसा माल पाकर वो फूला नहीं समा रहा था। शोभा की चूत आग की भट्टी की तरह दहक रही थी। उसकी सलवार जाँघों के बीच चूत-रस से भीग चुकी थी और वो कुत्तिया की तरह हाँफ रही थी। सुधीर ने शोभा की चूचियाँ जोर से मसल दीं और एक हाथ से चूत के गर्म गोश्त को मुट्ठी में भर लिया। शोभा अपने आप में नहीं रही और बड़बड़ाई, “ओह मेरी माँ… ये क्या हो रहा है मुझे… मेरी चूत जलने लगी है… मैं बिना लंड के मर जाऊँगी… पेल दे अपना लंड मेरी प्यासी चूत में, मेरे राजा… तेरी रंडी तेरे आगे बिनती करती है… चोद डाल मुझे!”
सुधीर ने पूरा कंट्रोल अपने हाथ में लेते हुए कहा, “शोभा रानी, पहले कपड़े उतारो और मुझे भी नंगा करो। मैं अपनी सास को पूरा नंगा देखना चाहता हूँ। हाँ, तू मेरी सास है – ये झूठ नहीं बोल सकती। मैंने मृदुला से वादा किया था कि मैं तुम दोनों माँ-बेटी को एक ही बिस्तर पर एक साथ चोदूँगा। अब मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसो और मैं तेरी फुद्दी का स्वाद लेता हूँ।”
सुधीर ने शोभा के बाल पकड़ रखे थे और शोभा दोनों के कपड़े उतार रही थी। शोभा के मंसाल चूतड़ सुधीर को बेताब कर रहे थे। उसके होंठ अपने आप सुधीर के मस्ताने लंड पर टिक गए। सुधीर ने जोर से चूचियाँ दबाईं और लंड चुसवाने लगा। शोभा पुरानी खिलाड़ी थी – लंड चूसने में एक्सपर्ट। कभी सुपारे पर जीभ फिराती, कभी अंडकोष मुँह में ले लेती। एक बार तो उसने अपनी एक उँगली सुधीर की गांड में पेल दी और अंदर-बाहर करने लगी।
सुधीर ने चूची और जोर से मसली और बोला, “साली, ये क्या करती है रंडी… मेरी गांड में उँगली क्यों? चोदूँगा तो मैं तेरी चूत और गांड दोनों को… ओह रब्बा, तेरी गांड कितनी मस्तानी है… अब मज़ा आ रहा है… अपनी उँगली पेलती जा मेरी गांड में… बहुत चालू है तू साली… तू जानती है मर्द को कैसे उत्तेजित करना है… चोद मेरी गांड को… बहुत मज़ा आ रहा है… चूस मेरा लंड साली!”
शोभा बहुत देर तक लंड चूसती रही। फिर सुधीर ने उसका मुँह लंड से अलग किया और शोभा की जाँघें फैलाकर उसकी चूत चाटने लगा। शोभा की चूत से नमकीन अमृत बह रहा था जिसे सुधीर पीने लगा। उसने शोभा के भरे हुए चूतड़ कसके पकड़ रखे थे और मस्ती में चूत चाट रहा था। शोभा आनंद सागर में डूब चुकी थी और बोल रही थी, “और चूस मेरी चूत राजा… पूरी जीभ घुसेड़ दे मेरी चूत में… चोद मेरी चूत को अपनी जीभ से… साले तेरी जीभ किसी लंड से कम नहीं… चाट मेरी चूत को मेरे राजा!”
सुधीर ने अब जीभ शोभा की गांड में घुसेड़ दी और चूत के दाने से लेकर गांड के छेद तक जीभ फिराने लगा। शोभा ने ऐसी मस्ती कभी महसूस नहीं की थी। वो मस्ती में अपनी गांड उछाल रही थी।
फिर सुधीर ने हाँफती हुई शोभा को बिस्तर पर लिटाया और उसकी मस्तानी बुर पर हाथ फिराया जहाँ से रस की बूंदें चादर पर गिर रही थीं। उसने शोभा की टांगें फैलाकर अपने कंधों पर रखीं और अपना लंड उसकी गर्म चूत के मुँहाने पर रखकर ज़ोरदार झटका मारा। लंड एक ही झटके में पूरा चूत के अंदर समा गया।
शोभा चीखी, “ओह गॉड… मज़ा आ गया मेरे राजा… चोद मुझे जोर से… बहुत भूखी है मेरी चूत… पेल दे अपना लंड!”
सुधीर भी मस्ती में झटके पर झटके मारने लगा। कभी लंड पूरा बाहर निकाल लेता और फिर एकदम अंदर पेल देता। कभी रुक जाता और हिलना बंद कर देता। शोभा की चूत से रस की बारिश हो रही थी और वो सातवें आसमान पर पहुँच चुकी थी। कमरे में चुदाई का संगीत – फच-फच – लगातार बज रहा था।
फिर सुधीर ने लंड बाहर निकाला और शोभा को चौपाया होने को कहा। शोभा तुरंत मान गई और कुत्तिया की तरह झुक गई। सुधीर ने उसके मस्त चूतड़ पर थप्पड़ मारा। शोभा के बूब्स हवा में झूलने लगे। सुधीर ने बगल से हाथ डालकर चूची मसली और लंड चूतड़ों की दरार से होता हुआ चूत में घुसेड़ दिया।
शोभा चरमसीमा पर पहुँचकर अपनी गांड पीछे धकेलने लगी। सुधीर हाँफते हुए अपनी सास को कुत्तिया बनाकर चोदने लगा। उसके अंडकोष शोभा की गांड से टकरा रहे थे। फिर सुधीर ने लंड पूरा बाहर निकाला और बिना वार्निंग के शोभा की गांड में पेल दिया।
शोभा चीखी, “मैं मर गई… साले गांड में पेलने से पहले बता तो देता… इतना मोटा लंड मेरी गांड फाड़ रहा है… मैं दर्द से मर रही हूँ… बाहर निकाल साले कुत्ते!”
लेकिन लंड पर चूत का रस लगा होने से काफी चिकना था और सुधीर ने शोभा की गांड भी चाट रखी थी। इसलिए गांड ने सारा लंड खा लिया। थोड़ी देर में शोभा को अच्छा लगने लगा और वो चिल्लाने लगी, “साले अब चोद ले मेरी गांड को… मैं झेल सकती हूँ तेरे लंड को अपनी गांड में भी… चोद ले अपनी शोभा को… मैं खत्म हो रही हूँ… पेल दे राजा मेरी गांड में… मृदुला खुशकिस्मत है तुझे पाकर… मुझे ऐसे ही चोदते रहना मेरे राजा… हम तीनों एक साथ रहेंगे!”
इसी के साथ सुधीर भी झड़ गया शोभा की गांड में।
थोड़ी देर बाद वो कपड़े पहनने लगा और बोला, “शोभा जल्दी कपड़े पहन लो, मृदुला किसी भी वक्त आ सकती है।”
शोभा बेपरवाह होकर बोली, “डरने की कोई बात नहीं। मृदुला जानती है कि मैं उसके होने वाले पति के साथ टेस्ट ड्राइव करने वाली हूँ। मैं तजुर्बेकार औरत हूँ और देख सकती हूँ कि मेरी बेटी के लिए तेरा लंड ठीक है या नहीं। मेरी बेटी को खुश रखने की हिम्मत है या नहीं। मैं मृदुला की शादी बिना लंड टेस्ट किए नहीं करवा सकती। इसी लिए उसने मुझे बुलाया है।”
सुधीर ने पूछा, “तो फैसला क्या हुआ? मेरा लंड पास है या फेल?”
शोभा मुस्कुराई, “200% पास मेरे राजा… बेटी के लिए भी और माँ के लिए भी!”
दोनों हँस पड़े।
जब मैं वापस आई तो सुधीर और शोभा को बिस्तर पर नंगे देखा। सुधीर का लंड सिकुड़ चुका था और वो शोभा के चूतड़ पर हाथ फेर रहा था, चूची चूस रहा था।
मैंने कहा, “तो इसलिए मुझे बाज़ार भेजा था ताकि मेरे पीछे सास-दामाद चुदाई का दौर लगा लें? बूरी बात है। खैर शोभा, टेस्ट ड्राइव कैसी रही? सुधीर का लंड तो काफी मस्त लगा मुझे।”
“मुझे भी!” शोभा बोली और हम सब हँस पड़े।
अगले दिन मेरी और सुधीर की शादी हो गई।