पुराने शौक नए साथी-4

गर्म लड़की की डबल चुदाई हुई. असल में पति ही अपनी पत्नी को अपने दोस्त से चुदवाना चाहता था. पत्नी ने भी दोस्त का बड़ा लंड देख लिया था तो वो मान गयी.

कहानी के तीसरे भाग
दोस्त से पत्नी की चुदाई करवाने की चाहत
में आपने पढ़ा कि

चूमाचाटी से शीना की नींद पूरी उचट गयी, उसने मुस्कुरा कर उससे पूछा- क्यों राजीव से गांड मरवा आए? सो गया क्या वो?
तुषार बोला कि आज उसका मन तुम्हारी गांड मारने का है। क्या तुम मरवाओगी? यही पूछने उसने मुझे भेजा है।

शीना बोली- मैं तुम्हारी हूँ, जैसा तुम कहोगे मैं वैसा करूंगी। पर देख लो, मुझे तो कोई ऐतराज़ नहीं है।

अब आगे डबल चुदाई:

अभी शीना ये कह ही रही थी कि पीछे से राजीव ने उसे अपने से चिपटा लिया।
शीना चौंक गयी। असल में राजीव तुषार के साथ ही रूम में आ गया था। राजीव भी निपट नंगा था।

अब तो बस वासना का खेल शुरू हो गया।
तुषार आगे से शीना के मम्मे चूसने लगा तो राजीव ने शीना की गर्दन घूमकर उसके होंठों से अपने होंठ मिला दिये।

शीना के हाथ में राजीव का मोटा फनफनाता हुआ लंड आ गया। शीना ने उसके लंड को मसलते हुए अपने को तुषार से छुड़ाया और राजीव को पीछे हटकर उसका लंड अपने मुंह में ले लिया।

इस लंड के सपने देखते देखते तो वो पूरी दोपहर परेशान रही थी। उसे क्या मालूम था कि आज की रात वही मूसल उसकी चूत ठोकेगा।

राजीव लेट गया और शीना पैर फैला कर आराम से उसका लंड चूसने लगी।
तभी तुषार उसके पीछे आया और उसकी टांगें फैला कर उसकी चूत और गांड को चूमने लगा।
असल में वो उसकी चूत में उंगली कर उसे चिकना कर रहा था।

उसने उतना थूक पीछे गिरा दिया था कि शीना की गांड के पास खूब चिकना हो गया।

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अब तुषार ने शीना की टांगें चौड़ाईं और अपना लंड शीना की गांड में पेल दिया।
हालांकि शीना की गांड रोज चुदती थी पर आज की रात निराली थी।
शीना ने अपने चूतड़ थोड़े उठा लिए ताकि तुषार उसकी गांड आराम से चोद सके।

उधर राजीव भी घुटनों पर खड़ा हो गया था और उसने अपना लंड पूरा शीना के मुंह में कर दिया था।
शीना को दोनों ओर से धक्के लग रहे थे।

राजीव ने अब शीना को तुषार से खींच का अपने से चिपटा लिया।
दोनों के होंठ मिल गए।

शीना तो राजीव को खा ही जाना चाहती थी।
विदेशी माल था।

राजीव की उंगली उसकी चूत के अंदर घुसी हुई थिरक रही थी। राजीव अब उसके मम्मों को आम बना कर चूस रहा था।

तुषार नीचे बेड पर लेट गया और उसने शीना को अपने ऊपर आने को कहा।

शीना हालांकि राजीव का लंड लेना चाहती थी पर तुषार को मना कैसे करती तो वो तुषार के लंड पर बैठ गयी और तुषार ने आहिस्ता से उसकी चूत में अपना लंड घुसेड़ दिया।

अब शीना लगी उछलने!
उसके मम्मे अभी भी राजीव के कब्जे में थे।

थोड़ी देर की उछल कूद के बाद अब राजीव ने शीना को घोड़ी बनाकर उसकी गांड में अपना लंड घुसेड़ा।
शीना चीख गयी।
इतना मोटा लंड!

पर जल्दी ही उसे मज़ा आने लगा।

तुषार ने उसके मुंह में अपना लंड दे दिया था।
शीना जानती थी कि तुषार का लंड वो आराम से मुंह से खाली कर सकती है पर पीछे से राजीव अपने लंड का दबाव बढ़ाता जा रहा था।

अब तुषार ने उसे पूरा राजीव के हवाले कर दिया।
राजीव ने आगे हाथ बढ़ाकर शीना के मम्मे भी पकड़ लिए।

शीना अब हाँफने लगी। उसकी हिम्मत जवाब देने लगी थी पर चूत प्यासी थी।
उसने राजीव से कहा कि अब वो आगे आ जाए।

शीना ने खुद को राजीव से छुड़ाया और सीधे लेट गयी और राजीव को खींच लिया अपने ऊपर!

तुषार अपनी बीवी की बेशरमी देख रहा था; उसे मजा आ रहा था।
उसकी निगाहों में तो उसकी बीवी ने राजीव को काबू करके उसकी इज्जत बढ़ा दी थी।

शीना के मन में एक गेम आया।
उसने अपनी टांगें चौड़ी करके राजीव का लंड अपनी चूत में किया और तुषार से कहा- तुम राजीव की गांड में आ जाओ।

शीना के मुंह से गांड शब्द सुनकर राजीव का लंड और तन गया।
वो सोचने लगा कि ये लड़की भी क्या मस्त चीज़ है।
वह अपने दोस्त की किस्मत से रश्क करने लगा।

तुषार ने पीछे से आकर राजीव की गांड में थूक लगाकर अपना लंड पेल दिया।

अब शीना को धक्के राजीव मार रहा था और राजीव की गांड में धक्के तुषार मार रहा था।
जल्दी ही तीनों की आहें निकालने लगीं।

शीना ने उन्हें उकसाते हुए कहा- तुषार, फाड़ दो अपने दोस्त की गांड. उससे तो तुम्हारी बीवी भी नहीं चोदी जा रही।

सुनकर राजीव और ज़ोर से पेलमपेल करने लगा- ले और ले … आज मेरी गांड फटेगी तो बचेगी तेरी चूत भी नहीं!
क्या वासनमय माहौल था।
तीनों के तीनों एक दूसरे पर पिले हुए थे।

शीना ने अपने हाथों से अपनी चूत की फाँकें चौड़ाई हुई थीं कि राजीव का लंड पूरी गहराई तक जा सके।

तुषार की बीवी चूंकि नीचे चुद रही थी तो वो पूरा ज़ोर रहा था अपनी बीवी की चूत फाड़ने वाले की गांड फाड़ने के लिए।
उसकी अपनी गांड तो राजीव बाहर व्हिस्की पीते समय ही मार चुका था।

जल्दी ही तीनों निबट गए।
निढाल होकर दोनों बाहुबली अपने अपने खल्लास लंड लेकर नीचे शीना के पास ही पड़ गए. तीनों नंग-धड़ंग वहीं सो गए।

अगले दिन सुबह सबसे पहले शीना उठी।
दस बज रहे थे।

कमरे और बेड की हालत देख कर वो मुस्कुराई।

उसके पिछवाड़े में दर्द था, जिसका अहसास उसे मलत्याग करते समय हुआ।
उसने जी भर कर राजीव और तुषार को गालियां दीं। उसने मन ही मन तय कर लिया कि अब राजीव को हाथ भी नहीं लगाने देगी।

शीना ने एक फ्रॉक डाली और घर समेटते हुए किचन में चली गयी।
उसने अपने लिए चाय बनाई.

तभी शॉर्ट्स पहन कर राजीव बाहर आ गया और आते ही शीना के चुम्मी जड़ दी।
शीना ने उससे कहा- खबरदार आज जो मुझे हाथ लगाया। मुफ्त का माल समझ कर पेला है मुझे! सारा पिछवाड़ा दर्द कर रहा है।

राजीव ने हँसते हुए उसे सॉरी बोला और कहा- पिछवाड़ा तो मेरा भी दर्द कर रहा है. पता नहीं क्या खिलाती हो तुषार को, लग रहा था कि किसी ने मूसल ही ठोक दिया है पीछे।
दोनों हंस पड़े।

शीना ने राजीव से पूछा कि वो क्या लेगा तो राजीव ने ब्लैक कॉफी मांगी।

राजीव को कॉफी देकर शीना उसी की गोद में बैठ गयी और राजीव को चूमने लगी। राजीव ने उसकी फ्रॉक ऊपर करके उसके मम्मे चूमे और फिर एक बार सॉरी कहा।

शीना ने उठकर एक पेनकिलर ले ली और नाश्ते की तैयारी करने लगी।

तुषार भी उठ चुका था, वो तो नंगा ही बाहर आ गया।

शीना ने किचन से ही चाकू दिखाया- चुपचाप कपड़े पहन लो वरना काट दूँगी।
तुषार के साथ तीनों ने दोबारा कॉफी पी।

तब तुषार बोला- चलो आज बाहर घूमने चलते हैं।
शीना बोली- पहले मैं नहा लूँ, फिर ब्रेकफ़ास्ट देती हूँ।

वह नहाने चली तो पीछे पीछे तुषार भी आ गया कि चलो साथ नहायेंगे।

शीना बोली- कहीं ऐसा न हो पीछे पीछे राजीव भी आ जाये कि चलो नहाते में गांड मारेंगे।

इतने में राजीव आ ही गया, बोला- यार सच में सोचा तो यही था। चलो जल्दी करो, मेरा तो खड़ा भी हो गया।
शीना बोली- तुम दोनों नहाओ, मैं देखूँगी और बाद में नहाऊँगी। अभी मेरे दर्द भी हो रहा है।

पर दोनों नहीं माने।
उन्होंने वादा किया कि कुछ भी नहीं करेंगे, पर शीना भी साथ ही नहाये।

दोनों ने जबर्दस्ती उसकी फ्रॉक उतार दी।

तीनों नंगे बाथटब में खड़े होकर शावर लेने लगे।
शीना बीच में थी।

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शावर जेल लगा कर तीनों के बदन आपस में फिसल रहे थे. शीना के मम्मे कभी तुषार की छाती से रगड़ खाते कभी राजीव से।
चूमा चाटी तो बदस्तूर जारी थी।

अब नीचे आग लगनी शुरू हो गयी थी और ऊपर से शावर की बूंदों ने अपना कमाल दिखाना शुरू कर दिया था।

राजीव नीचे बैठ गया और शीना की चूत चाटने लगा.

शीना भी गर्म हो चुकी थी।
उसने एक टांग उठा कर राजीव के कंधे पर रख दी, अब उसकी चूत खुल गयी थी।

राजीव ने उंगली करके उसकी आग और भड़का दी।
शीना कस के राजीव से चिपट गयी पीछे से तुषार चिपट गया।

राजीव ने खड़े खड़े ही अपना लंड शीना की चूत में कर दिया।
पीछे से तुषार गांड में घुसने की तैयारी में था तो शीना ने उससे रेक्वेस्ट की कि प्लीज़ पीछे नहीं करो, वरना वो घूमने नहीं जा पाएगी।

राजीव ने अपना सारा माल शीना की चूत में निकाल दिया।
शीना नीचे बैठी और तुषार का लंड अपने मुंह में ले लिया और करने लगी ज़ोर ज़ोर से लपर लपर।

तुषार कसमसाया और सारा माल शीना के मुंह में छोड़ दिया।
फटाफट नहाकर तीनों बाहर आए।

शीना बोली- अब कपड़े कोई नहीं पहनेगा, बाज़ार जाने पर ही पहनेंगे। पर मुझे कोई नहीं छूएगा। मैं नाश्ता बना लूँ।

वह किचन में चली गयी।

इधर राजीव तुषार से बोला- चल तेरी गांड मारता हूँ।
तुषार ने उसे वेसलीन दी।

शीना किसी काम से रूम में आई तो दोनों बेड पर लगे हुए थे।
तो शीना बोली- हद है तुम दोनों की!

दो दिन कैसे निकल गए चूत चुदाई और गांड मरायी में मालूम ही नहीं पड़ा।

अब राजीव को भी शीना से मुंह से खाली करवाने में मजा आने लगा।

तीसरे दिन राजीव अपने होटल चला गया।
ज़िंदगी फिर वापिस अपने ढर्रे पर चल पड़ी।

छह महीने ऐसे ही निकाल गए।

हर शनिवार राजीव तुषार के पास आता, तीनों मिलकर मस्ती करते।

अब तो शीना को भी बिना दो लंडों के मजा ही नहीं आता।
कई बार तो शीना की रात को आँख खुल जाती तो वो राजीव को उठाकर एक फटाफट सेक्स का सेशन कर लेती, तुषार को सुबह बताते वो लोग!

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डबल चुदाई कहानी का अगला भाग: वाइफ एक्सचेंज सेक्स स्टोरी

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