गुजराती भाभी की चूत चुदाई का मजा

देसी चुत की चुदाई कहानी में पढ़ें कि मैं अपनी बहन के घर रहने गया तो वहां मुझे चूत चाहिए थी. मैंने एक पड़ोसन भाभी को पटा कर कैसे चोदा?

दोस्तो, मेरा नाम अमन है. मेरी उम्र 23 साल है. मैं 6 फुट का हूँ. मेरी बॉडी स्लिमफिट है. मेरा लंड 6 इंच का है.

मेरी पिछली कहानी थी: मोहल्ले की माल लौंडिया की सीलतोड़ चूत चुदाई

यह Desi Chut Ki Chudai Kahani तब की है जब मैं अपनी दीदी के पास अहमदबाद रहने गया था.
तब मैं 20 साल का था.

मेरी दीदी हॉस्पिटल में जॉब करती थी तो वो दिन भर वहीं रहती थी और मैं घर पर रहता था.

मेरा 2-3 महीने तक रुकने का प्रोग्राम था और मैं इतने दिन तक बिना सेक्स के नहीं रह सकता था.
दोस्तो आप जानते ही हैं गुजरात में अहमदाबाद काफ़ी मॉडर्न शहर है. यहां लड़कियां भाभियां आंटियां काफ़ी मॉडर्न और खुले विचारों की होती हैं.

मैं देखने में काफी स्मार्ट लड़का हूँ और एकदम सिंपल तरीके से रहता हूँ.
इसलिए दीदी की सोसाइटी की लड़कियां और भाभियां मुझे काफी पसंद करने लगी थीं.

मैं अपना काफी समय सोसाइटी के पार्क में बिताता था, तो उधर कई सारी भाभियां मुझसे बात करने लगी थीं.

एक दिन की बात है. दीदी 2-3 दिन के लिए कहीं बाहर गई हुई थी और खाना मुझे ही बनाना था.

मैंने सोच लिया था कि किसी लड़की को पटाकर अपने फ्लैट पर लाने का यही सबसे बढ़िया मौका है.

मेरे फ्लैट के सामने एक गुजराती फैमिली रहती थी. उनके दो बच्चे थे. एक तो अभी एक साल का ही हुआ था.

भाभी एकदम देसी माल थीं. बच्चों के बहाने उनसे कभी कभार मेरी बातचीत हो जाती थी.

मैंने उनसे कहा- भाभी, मुझे कुछ सब्जी बनानी है, थोड़ी हेल्प कर दीजिए.
भाभी ने कहा- अरे भैया, आप क्यों परेशान होते हैं. मैं ही बना देती हूँ.

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मैंने हामी भर दी और भाभी मेरे घर के किचन में आकर सब्जी बनाने लगीं.

अब मैंने सोचा कि बस अब पकड़ लेता हूँ और चढ़ कर चोद दूँगा.
फिर सोचा कि इतनी जल्दी ठीक नहीं है, कहीं भाभी नहीं मानी तो इज्जत की वाट लग जाएगी.

मैंने भाभी की बनाई हुई सब्जी की बहुत तारीफ की और उन्हें धन्यवाद करते हुए शाम को फिर से आने के लिए कहा.
भाभी एकदम से मान गईं कि वो सब्जी बनाने के लिए आ जाएंगी.

शाम को वो एकदम रेडी होकर आई थीं.
उनकी सजधज देख कर मैं चौंका कि माजरा क्या है.
भाभी ने लाल साड़ी, लाल लिपस्टिक और मस्त मेकअप किया हुआ था.

मैंने पूछा- भाभी इतना सजधज कर … आज आपको कहीं जाना है क्या?
भाभी मुस्कुराती हुई कहने लगीं- बस आपसे मिलने आई थी.

मैं समझ गया कि भाभी लाइन दे रही हैं.

भाभी किचन में जाकर सब्जी बनाने लगी थीं.
मैंने अन्दर जाकर धीरे से उनकी पीठ पर हाथ रख दिया.
उन्होंने कुछ नहीं कहा.

उनकी सिहरन बता रही थी कि उन्हें मेरा हाथ रखना अच्छा लगा है.

मैंने दूसरा हाथ उनके नंगे पेट पर रखा इस बार वो कहने लगीं- भैया, ये क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- भाभी जी, मसाले टेस्ट कर रहा हूँ.

ये कह कर भाभी को मैंने पीछे पकड़ लिया और उनकी गर्दन, पीठ पर किस करने लगा.
वो भी पलट गईं और मेरा साथ देने लगीं.

मैंने उनके मम्मों को मसलना शुरू कर दिया.
भाभी गर्माने लगीं और मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगीं.

मैंने धीरे से भाभी का ब्लाउज खोल दिया और देखा कि भाभी के चूचुकों से दूध निकल रहा था.

चूची से दूध निकलते देख कर मैं और ज्यादा उत्तेजित हो गया और उनके एक बोबे कि मुँह में दबा कर चूसने लगा.
भाभी के निप्पल एकदम कड़क और बड़े हो गए थे.

उनको किस करते हुए मैंने उनकी साड़ी और पेटीकोट को ऊपर उठाया और उनकी पैंटी में हाथ डाल दिया.
मैंने देखा कि भाभी की चूत एकदम चिकनी थी, झांटें बनी हुई थीं और चूत एकदम गीली हो गई थी.

मैंने पूछा, तो कहने लगीं- मुझे पता था तू बिना चोदे नहीं मानेगा, इसलिए आज शाम को आने से पहले ही सफाई की है … और खास तेरे लिए.
भाभी ने मेरी जींस के ऊपर से ही मेरा लंड मसलना शुरू कर दिया.

मेरी जींस का पैंट भी गीला हो चुका था तो मैंने उतार दिया.
मैंने भाभी को कमरे में चलने के लिए कहा.

तो भाभी कहने लगीं- रूको अभी ये सब नहीं करो … मैं घर पर बोलकर आती हूँ कि थोड़ा टाइम लगेगा.
मैंने कहा- किस से कहना है? भैया तो हैं नहीं.

भाभी बोलीं- मुझे मम्मी से कह कर आना है. वो मेरा इन्तजार कर रही होंगी.
वो अपने घर चली गईं.

आधा घंटा बाद जैसे ही भाभी वापस आईं, मैंने उन्हें गोदी में उठा लिया और सीधा कमरे में ले जाकर बिस्तर पर गिरा दिया.

हम दोनों ने चूमाचाटी शुरू कर दी.
भाभी मेरा लंड भी हिला रही थीं.

मैंने भाभी से कहा- भाभी मुँह में ले लो.
वो मना करने लगीं.
मैंने उनको समझाया तो वो मान गईं.

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उनको लेटाकर मैंने उनके मुँह में ऊपर से अपना लंड डाल दिया और पहली बार में ही दम से 20-30 शॉट लगा दिए.
भाभी को खाँसी आ गईं, वो समझ गईं कि लड़का बहुत बड़ा हब्शी है.

भाभी कहने लगीं- अमन, तुम्हारे लंड का स्वाद बहुत अच्छा है, मैं इसका रस पीना चाहती हूँ.
मैंने कहा- हां तो लंड चूसती रहो भाभी … अभी मलाई निकलेगी तो स्वाद ले लेना.

भाभी बोलीं- ऐसे नहीं … मुझे आराम आराम से लंड चूसने का मजा लेना है. तुम धकापेल कर रहे हो. जल्दी जल्दी में लंड चूसने में कोई मजा नहीं आता है.
मैं मान गया और भाभी के कहने पर मैं सीधा लेट गया और लंड हिलाने लगा.

वो मेरा लौड़ा मुँह में लेने लगीं और इतने प्यार से जीभ से सुपारे को चाटते हुए लंड को मुँह में ले रही थीं कि मजा आ गया.

मैंने पूछा- भाभी, आप तो बड़ा मस्त लंड चूसती हो … आपने पहले लंड चूसने की ट्रेनिंग ली है क्या?
भाभी कहने लगीं- मेरे भोले देवर जी. तुम्हें मालूम नहीं है … अगर किसी लड़की को सेक्स चढ़ जाता है, तो वो सब सीख जाती है. लंड चूसना तो छोड़ो, वो चुदाई में मस्त मजा देती है.

उनके मुँह से ये बात सुनकर मैंने उनका मुँह पकड़ा और 10-15 झटके में उनके मुँह में ही झड़ गया.

उनको ये थोड़ा अजीब सा लगा पर वो मेरा मुठ निगल गईं.

लंड चूसने के बाद वो फिर से मेरे गोटे चूसने लगीं.
मैं समझ गया कि भाभी बहुत बड़ी वाली रांड हैं.

कुछ देर बाद वो अपनी उंगली से चूत को कुरेदने लगीं.
मैं समझ गया कि भाभी की चूत में खुजली हो रही है.

मैंने भाभी को 69 पोज़िशन में लिया और उनकी चूत चाटने लगा.
भाभी ऐसी मादक आवाज़ें निकाल रही थीं कि मैं सुनकर और भी कामुक हो रहा था.

इधर भाभी की चूत इतनी सुंदर और गर्म थी कि बस मन कर रहा था कि चाटते ही जाओ.
भाभी दस मिनट में झड़ गईं और मैं उनकी चूत का पूरा पानी चाट गया.

कुछ मिनट बाद भाभी ने कहा- अब चोदेगा भी या इतने में ही हो गया तेरा?
ये कह कर भाभी ने मेरा लंड मुँह ले लिया और देखते देखते लंड वापस खड़ा हो गया.

भाभी मेरे खड़े लंड के ऊपर चढ़ गईं और अपनी चूत में लंड घुसवा लिया.
मुझे वो गर्म गर्म चूत का अहसास इतना अच्छा लग रहा था कि शब्दों में ब्यान नहीं कर सकता.

भाभी धीरे धीरे ऊपर नीचे होने लगीं उस पल मैं अपनी दुनिया की सारी टेंशन और समस्याएं सब भूल गया.
बस लंड चूत की चुदाई का आनन्द ले रहा था.

भाभी मुझे किस कर रही थीं.
कभी मेरे होंठों को, तो कभी मेरी गर्दन पर, तो कभी मेरे निप्पलों पर किस कर रही थीं.
मेरे रोंगटे खड़े हो रहे थे.

फिर भाभी ने अपना एक दूध मेरे मुँह में दे दिया और मुझे अपना दूध पिलाती हुईं अपनी चूत की प्यास बुझाने लगीं.

कुछ देर बाद भाभी झड़ गईं और मैं नीचे से कमर उठा कर उन्हें चोदने लगा.
फिर मैं उन्हें नीचे लेकर उनके ऊपर चढ़ गया और धकापेल चुदाई का मजा लेने लगा.

करीब 15 मिनट बाद मैं झड़ने वाला था तो मैंने तेज तेज धक्के मारना शुरू कर दिए.
उसी समय भाभी भी फिर से झड़ने वाली हो गई थीं.

मैंने पूछा- भाभी अन्दर निकाल दूँ?
भाभी ने चिल्लाते हुए कहा- जिधर निकालना हो निकाल देना … बस मेरी चुत की चुत चुदाई करता जा.

हम दोनों ने अपनी स्पीड बढ़ा दी.
पहले भाभी झड़ गईं और अब कमरे में फ़च फ़च की आवाज़ गूँजने लगी थी.

फिर मैं भी झड़ गया.
लंड चूत गीले हो गए.

मैं स्वर्ग की सैर कर रहा था.
दो मिनट रुकने के बाद भाभी फिर धक्के देने लगीं.

मेरा लंड उनकी चूत में ही फिर से कड़क हो गया.
मैं भाभी को चोदने लगा.

उनके पैर मेरी कमर के पीछे जकड़े हुए थे और मैं जोर से जोर से चोदने में लगा था.

उस समय मैं एकदम जानवर की तरह धक्के मारने लगा था.
दस मिनट बाद भाभी फिर से झड़ गईं पर मेरा नहीं निकल रहा था.

भाभी ने हांफते हुए कहा- अब छोड़ दे … मुझे जाना है, फिर कभी कर लेना!
मैंने कहा- मुँह में ले लो प्लीज़.

भाभी ने मेरा लंड मुँह में ले लिया और मैं भी ज़ोर से झटके देने लगा.
पांच मिनट में मैं उनके मुँह में ही झड़ गया.

भाभी कहने लगीं- अब तो और मीठा लग रहा है.
मैंने भी मज़ाक में कह दिया- तो दूध में मेरा मुठ डालकर पिया करो.

भाभी ने मुझे किस किया और हंस कर चली गईं.
मैं उस दिन बहुत गहरी नींद में सोया.

सुबह 7 बजे घंटी बजी.
मैंने देखा तो भाभी जी दूध का गिलास लेकर आई थीं.

वो कहने लगीं- तुमने बोला था ना कि दूध में मुठ डालकर पीना, तो मैं आ गई.
मैं खुश हो गया.

मैंने भाभी को अन्दर लिया और दरवाजे बंद करके चूमने लगा.
भाभी भी चुदासी रांड के जैसे लपक लपक कर मेरे होंठ चूस रही थीं.

मैंने भाभी की एक चूची दबाते हुए कहा- कल से ज्यादा मजा आज दे रही हो भाभी.
भाभी बोलीं- हा मेरे देवर राजा, मुझे भी कल से ज्यादा आज खुजली हो रही है. जल्दी से चोद दो अब नहीं रहा जाता.

मैंने भाभी को घोड़ी बनाया और लंड पेल कर भाभी की चुदाई चालू कर दी.
बीस मिनट चोदने के बाद मैंने लंड बाहर निकाला और भाभी ने दूध का गिलास आगे कर दिया.

मैंने सारा मुठ दूध में मिला दिया.
भाभी ने चम्मच से मुठ मिला कर पिया और मेरी तरफ देख कर अपने होंठों पर जीभ फेर कर मुझे आंख मारने लगीं.

ऐसे ही मैं जब तक वहां रहा, हम दोनों ने खूब चुदाई लीला रची.

आज भी मैं उनके संपर्क हूँ.
जब भी मेरा अहमदाबाद जाना होता है तो हम ज़रूर मिलते हैं और कुछ ना कुछ नया होता ही है.

दोस्तो, मैं उम्मीद करता हूँ कि देसी चुत की चुदाई कहानी आपको पसंद आई होगी. आप मुझे कमेंट्स में जरूर बताएं.